पुण्य सेतु ऐप की पहल पर आर्थिक रूप से कमजोर लोग महाकुंभ में कर पाएंगे स्नान

० आशा पटेल ० 
जयपुर | महाकुम्भ महोत्सव 2025 के तहत 90 श्रद्धालुओ का पहला जत्था अंतर्राष्ट्रीय संत महामंडलेश्वर गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज के शिष्य आचार्य योगी मनीष एवं डॉ. निखिल बंसल के मार्गदर्शन में जैन मंदिर भट्टारक जी की नसिया से महाकुंभ प्रयागराज रवाना हुआ। इस जत्थे को जयपुर नगर निगम हेरिटेज की महापौर कुसुम यादव, जयपुर की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, जन सेवक रवि नैय्यर, दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल, ब्रह्माकुमारी जयंती बहन, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ ओपी बंसल, पूनम फाउंडेशन के अध्यक्ष सांवरमल जांगिड़, समर्पण संस्थान के संस्थापक आर्किटेक्ट दौलत माल्या, ज्योतिषाचार्य अनुपम जौली, ज्योतिषाचार्य एवं फिल्ममेकर महावीर कुमार सोनी आदि अनेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंदिर में कलश पूजन के पश्चात भगवा झंडे दिखाकर दो बसों को महाकुंभ के लिए रवाना किया।
दरिद्र नारायणों को कुंभ में नि: शुल्क ले जाने की इस मुहीम का नेतृत्व कर रहे हैं आचार्य योगी मनीष |
इस अवसर पर सनातन योद्धा महोत्सव के आयोजक आचार्य योगी मनीष ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार धार्मिक यात्रा में दान पुण्य अनिवार्य बताया गया है अतः जो सनातन धर्म प्रेमी आर्थिक कारणों से महाकुंभ में नहीं जा पा रहे उन दरिद्र नारायणों को फाउंडेशन द्वारा आगामी 21 फरवरी को बसों के द्वारा कुंभ में नि: शुल्क ले जाने की यथासंभव सेवा धर्म प्रेमियों के सहयोग से करेंगे।
पुण्य सेतु ऐप के संस्थापक डॉ निखिल बंसल ने बताया कि इतना महत्वपूर्ण काम देश में अभी तक किसी ने नहीं किया | हम राष्ट्र के नवनिर्माण में सहभागिता हेतु संकल्पवान है जो लोग किसी भी कारण से कुंभ नहीं जा पा रहे हैं उनके नाम एवं गौत्र के साथ विधि विधान से पंडितों द्वारा प्रयागराज में हम निःशुल्क सेवा दे रहे है। दरिद्र नारायण रथ 21 फरवरी को चौथे मोक्ष कलश को लेकर महाकुंभ प्रयागराज प्रस्थान करेगा |

महाकुंभ पुण्य सेतु यात्रा के संयोजक आचार्य नीरज एवं सहसंयोजक अशोक हिंदुस्तानी एवं अशोक घीया ने बताया की सर्वमंगलाय सनातन धर्म फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य योगी मनीष एवं पुण्यसेतु डिजिटल ऐप के संस्थापक डॉ. निखिल बंसल के आव्हान पर "आओ मिलकर चले, महाकुंभ चले" प्रकल्प के तहत धर्म ग्रंथों के बताए अनुसार पुरुषार्थ के चार स्तंभ धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष के प्रतीक चारों कलशों का पूजन जयपुर के प्रमुख मंदिरों में किया जा रहा है एवं किया जाता रहेगा चार चरणों में जत्थे प्रयागराज लेकर जाएंगे पहला जत्था 90 धर्म प्रेमियों के साथ रवाना हुआ है और चौथा जत्था आगामी 21 फरवरी को रवाना होगा जिसमें विशेष रूप से निर्धन एवं जरूरतमंद सनातन प्रेमियों को ले जाया जाएगा।

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