जय नारायण व्यास वि वि के पेंशनर्स ने की राज्यपाल से गुहार

० आशा पटेल ० 
जोधपुर। ओल्ड पेंशन स्कीम के अंतर्गत सेवा निवृत्त हुए तथा पेंशन प्राप्त कर रहे,राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स को भविष्य में राज्य सरकार द्वारा जिम्मेदारी लेकर, कॉलेज शिक्षा निदेशालय की भांति , पेंशन भुगतान क्रियान्वयन आदेश जारी करने के संदर्भ में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशनर्स सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो रामनिवास शर्मा एवं सचिव डॉ लोकेन्द्र सिंह शक्तावत ने कुलाधिपति एवं राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को एक ज्ञापन सोंपा | सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिब ने राज्यपाल को बताया की पूर्व जोधपुर यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय पेंशनर्स सोसाइटी कार्यकारिणी सदस्यों ने आपको पेंशन के स्थाई समाधान हेतु भविष्य में राज्य सरकार द्वारा जिम्मेदारी लेकर कॉलेज शिक्षा निदेशालय की भांति पेंशन भुगतान करने के लिए निवेदन किया था l

आपने शीघ्र राहत प्रदान करने हेतु आश्वस्त भी किया था लेकिन अफ़सोस कि आज तक इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है l निवेदन किया कि जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशनर्स तथा सभी राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे है l जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स को सातवें वेतन आयोग के अनुसार पेंशन पुन: निर्धारण बकाया एरियर राशि का भी भुगतान बकाया है l

वर्ष 2020 के बाद सेवानिवृत कार्मिक शिक्षकों को सेवानिवृत्ति परीलाभों का भी भुगतान आज तक नहीं हुआ है l ग्रेच्युटी तथा कम्यूटेशन राशि का भुगतान होना बाकी है| अनेक सेवानिवृत्त कार्मिक शिक्षकों को पीपीओ भी जारी नहीं हुआ है l.विश्वविद्यालय के ही एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज इंजीनियरिंग संकाय से सेवानिवृत हुए 272 कार्मिक एवं शिक्षकों को 3 माह , नवंबर, दिसंबर एवं जनवरी की पेंशन राशि का अभी तक भुगतान नहीं होने से वरिष्ठ नागरिक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं l

राज्य विधानसभा बजट सत्र प्रारंभ है राज्य सरकार को निर्देशित करें तथा राज्य सरकार द्वारा जिम्मेदारी लेकर पेंशन भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान कराने की कृपा करें l संपूर्ण राजस्थान राज्य के राज्य वित्त पोषित वि वि के कुल पेंशनर्स की संख्या केवल 8000 है l इन सभी को होने वाला वार्षिक पेंशन भुगतान मात्र 550 करोड़ रूपये है l यह राशि राजस्थान राज्य के सभी राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स को पेंशन भुगतान करने हेतु (550 करोड़ रूपया) के लिए आगामी बजट प्रस्ताव में प्रावधान के लिए राज्य सरकार से निवेदन है l

यह राशि राज्य सरकार के कर्मचारी पेंशनर्स को पेंशन भुगतान हो रही राशि का मात्र 2% है, जो कि तुलनात्मक दृष्टि से यह नगण्य राशि है । राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालय अपने आप में स्पष्ट शब्द है यह राज्य सरकार का ही अभिन्न अंग है l देश में अनेक राज्य सरकारों द्वारा वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में पेंशन का भुगतान किया जा रहा है l उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार जो राज्य सरकार वेतन देती है उसी का उत्तरदायित्व है कि वह पेंशन का भी भुगतान करे l

 जिस प्रकार कॉलेज शिक्षा निदेशालय तथा तकनीकी शिक्षा निदेशालय के शिक्षक एवं कार्मिकों को पेंशन भुगतान राज्य सरकार कर रही है उसी प्रकार राज्य के सभी वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स को राज्य सरकार जिम्मेदारी लेकर पेंशन भुगतान राज्य के सभी राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों का आर्थिक संकट सदैव के लिए समाप्त हो जाएगा। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नागरिक अपने जीवन के संध्या काल में संघर्ष करने को मजबूर हैं l

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