कलानेरी गैलरी : आर्टिस्ट शिव लाल की शिव के विभिन्न पेंटिंग डिस्प्ले
० आशा पटेल ०
जयपुर। शौक से कलाकार शेखावाटी के शिव लाल बगरिया कहते हैं उनका पेशा तो आटो मोबाइल का है लेकिन उनके मन मस्तिष्क में हमेशा रंग भरी आकृतियां सागर की लहरों की भांति आती जाती रहती हैं। वो कहते हैं उनकी बहन उनके लिए पूजनीय हैं पिछले दिनों बहन पर आई विपत्ति के बाद वो लगभग टूट गई थीं, बहन की असीम शिव भक्ति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ‘हे शिव’ नाम से लगभग 30 पेन्टिंग्स की एक सीरीज़ तैयार की और शिव रात्रि के मौके पर उसे हौसला और सम्बल प्रदान करने के लिए इन पेन्टिंग्स की प्रदर्शनी लगाई है।
जयपुर। शौक से कलाकार शेखावाटी के शिव लाल बगरिया कहते हैं उनका पेशा तो आटो मोबाइल का है लेकिन उनके मन मस्तिष्क में हमेशा रंग भरी आकृतियां सागर की लहरों की भांति आती जाती रहती हैं। वो कहते हैं उनकी बहन उनके लिए पूजनीय हैं पिछले दिनों बहन पर आई विपत्ति के बाद वो लगभग टूट गई थीं, बहन की असीम शिव भक्ति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ‘हे शिव’ नाम से लगभग 30 पेन्टिंग्स की एक सीरीज़ तैयार की और शिव रात्रि के मौके पर उसे हौसला और सम्बल प्रदान करने के लिए इन पेन्टिंग्स की प्रदर्शनी लगाई है।
शिव लाल की ये पेन्टिंग एग्जीबिशन जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित कलानेरी आर्ट गैलरी में शुरू की गई। राधा सरल बिहारी मंदिर के महंत और ज्ञानम फाउन्डेशन के अध्यक्ष पं. दीपक वल्लभ गोस्वामी, सिंगर और होटल व्यवसायी धर्मेन्द्र छाबड़ा तथा कलानेरी की निदेशक और आर्ट एन्टरप्रेन्योर सौम्या विजय शर्मा ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। भगवान शिव की लगभग 30 पेन्टिंग्स का आसरा पाकर पूरी गैलरी शिव भक्ति के रंग मे रंग गई। चारो ओर शिव की महिमा का बखान करती आकर्षक पेन्टिंग्स और कलाकार भाई शिव लाल की आंखों में बहन को सदमें से उबारने की ललक के आगे कृतज्ञ बहन के मनोभाव वहां आने वाले हर एक व्यक्ति की आंखें नम कर रही थीं।
कलाकार शिव लाल बगरिया ने सभी पेन्टिंग्स तूलिका से चित्रित करने के स्थान पर नाइफ से उकेरी हैं, उनके रंगों का माध्यम ऑइल कलर है। कलाकार की बनाई शिव की सभी आकृतियां मौलिक हैं जिनमें कला की आधुनिक शैली देखने योग्य है। कहीं अर्धनारीश्वर के रूप में तांडव करते शिव, कहीं समाधी में लीन शिव तो कहीं आकाश से प्रकट होती गंगा की धार में दिखता भगवान शिव का अक्स। कुल मिलाकर शिव लाल बगरिया की सभी पेन्टिंग्स में चित्रकला का मूल भाव उन्हें खूबसूरती प्रदान कर रहा है। प्रदर्शनी 2 मार्च तक कला प्रेमियों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
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