कोटा केयर्स’ के तहत कोचिंग स्टूडेंट्स हेतु कई घोषणा

० आशा पटेल ० 
कोटा । कोटा में जिला प्रशासन ने ’कोटा केयर्स’ अभियान के तहत कोचिंग स्टूडेंट्स के हित में व्यापक सुधार के लिए कई घोषणाएं की है। ये सुधार कोटा में स्टूडेंट्स हित में कोटा के हॉस्टल एसोसिएशन और कोचिंग के साथ मिलकर, जिला प्रशासन के सहयेग से हुई इन घोषणाओं में आवास, सुरक्षा मापदण्ड और सपोर्ट सिस्टम में बड़े बदलाव हैं जो कोटा में केयरिंग के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।

जिला कलक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी ने कहा कि कोटा केयर्स ऐसे स्टूडेंट्स के लिए प्रयास है जो सपने पूरे करने के लिए कोटा आते हैं। इन सुधारों के माध्यम से कोटा में एक सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जो छात्र जीवन के हर पहलू को कवर करता है। सस्ते आवास से लेकर मानसिक स्वास्थ्य और मनोरंजन की जरूरतों तक सब कुछ इसमें शामिल किया गया है। यह कोटा को एक ऐसा शहर बनाने का प्रयास है जो केयरिंग के लिए पहचाना जाए। यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें जिला प्रशासन व कोचिंग संस्थानों के साथ अन्य सभी भागीदार आगे आए हैं।

आवास और वित्तीय सहायता के तहत 4,000 होस्टल्स में सिक्योरिटी व कॉशन मनी नहीं लेने का निर्णय, मेंटेनेंस के लिए शुल्क अधिकतम ₹2,000 ही लगेगा, सभी लेन-देन के लिए पारदर्शी भुगतान प्रणाली और रसीद अनिवार्य रूप से अभिभावकों को भी दी जाएंगी और हॉस्टल बदलने और छुट्टियों के दिनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश। सुरक्षा उपाय के तहत हॉस्टल पर कार्य करने वाले हर स्टाफ के लिए गेटकीपर प्रशिक्षण अनिवार्य, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सिस्टम सहित आधुनिक सुरक्षा बुनियादी ढांचे की स्थापना, गर्ल्स हॉस्टल के लिए विशेष प्रावधान,

 जिसमें महिला वार्डन की ही नियुक्ति, एंटी-हैंगिंग डिवाइस सर्टिफिकेट और फायर एनओसी अनिवार्य और हॉस्टल्स में नियमित नाइट अटेंडेंट मैनुअल कमरे में जाकर होगी । स्टूडेंट वेलफेयर एवं हैप्पीनेस के तहत चम्बल रिवर फ्रंट और ऑक्सीजोन में निःशुल्क प्रवेश, सभी हॉस्टल्स में समर्पित मनोरंजन के लिए एरिया होगा, कोर्स ब्रेक में छुट्टियां लगने पर हॉस्ल्स में भोजन व्यवस्था सुचारू रखी जाएगी और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवानी होगी, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर कोटा केयर्स हेल्प डेस्क लगाई जाएगी।

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