रीको द्वारा मातासुला औद्योगिक क्षेत्र में सनकाइंड ग्रुप की परियोजना ने गति पकड़ी

० आशा पटेल ० 
जयपुर | राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत किए गए एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए रीको तेजी से भूखण्ड आवंटित कर रहा है और इसी कड़ी में रीको द्वारा गुरुग्राम स्थित सनकाइंड फोटोवोल्टिक्स प्रा लि को 5-5 एकड़ के दो भूखंड जयपुर के मातासुला औद्योगिक क्षेत्र में सोलर पीवी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए आवंटित किया गया है। इस परियोजना के तहत सनकाइंड 1.5 गीगावाट सालाना क्षमता के सोलर पीवी मॉड्यूल का निर्माण करेगा, जो सोलर एनर्जी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का एक प्रमुख हिस्सा है।

इस परियोजना के लिए सनकाइंड ने 5-एकड़ जमीन आवंटन हेतु रीको को आवेदन दिया था। इसके बाद, रीको ने भूखण्ड आवंटन जल्दी से करने के लिए पहले ई-ऑक्शन किया और जमीन आवंटित करने से जुड़ी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करते हुए 60 दिनों के भीतर सनकाइंड को जुलाई में जमीन उपलब्ध करायी। इसके बाद, पिछले साल नवंबर महीने में अतिरिक्त 5-एकड़ जमीन भी कंपनी को दी गयी और इसी दौरान, सनकाइंड फोटोवोल्टिक्स ने ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत राज्य सरकार के साथ इस परियोजना में 200 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किया।

 भूखण्ड आवंटन की भूमिका के बारे में बोलते हुए उद्योग और वाणिज्य के प्रमुख शासन सचिव और रीको के चेयरमैन अजिताभ शर्मा ने कहा, “रीको का मुख्य उद्देश्य न केवल संबंधित कंपनियों को एक उपयुक्त भूखण्ड मुहैय्या कराना है, बल्कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से पूरा करना है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम सभी निवेशकों को साथ लेकर, भूखंड आवंटन सहित उनकी सभी जरूरतों को फास्ट-ट्रैक मोड में पूरा करने में लगे हुए हैं।

रीको की मैनेजिंग डायरेक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने कहा, "भूमि आवंटन से संबंधित सभी प्रमुख प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए रीको प्रतिबद्ध है। किसी भी औद्योगिक उद्यम को शुरू करने के लिए जमीन एक प्रमुख आवश्यकता है और निवेशकों को तेजी से भूखंड आवंटन सुनिश्चित करने के लिए हम सारे आवश्यक कदम उठा रहे हैं। सनकाइंड एनर्जी प्रा लि के डायरेक्टर और चीफ ऑपरेशन ऑफिसर वीरपाल यादव ने कहा, "भूखंड के ई-ऑक्शन प्रक्रिया से लेकर जमीन मुहैय्या कराने तक के सभी चरणों में रीको ने काफी सक्रियता काम किया, जो काफी सराहनीय है। 

हमारी कंपनी को आवंटित भूखंड पर अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास में उद्योग विभाग से काफी मदद मिल रही है। इस फास्टट्रैक मोड की वजह से हमने 2025 के अंत तक परियोजना के पहले चरण का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके बारे में और बताते हुए यादव ने कहा कि इस परियोजना के द्वितीय चरण के शुरू होने के बाद प्रस्तावित सोलर पीवी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट से रोजगार के 800 नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

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