10 हजार से अधिक ऑटो चालक भी जुड़े कोटा केयर्स पहल से

० आशा पटेल ० 
कोटा । कोटा में हॉस्टल एसोसिएशन्स के सिक्योरिटी और कॉशन मनी नहीं लेने की घोषणा के बाद अब ऑटो यूनियंस भी कोटा केयर्स अभियान से जुड़ी हैं। 10 हजार से अधिक ऑटो चालकों का प्रतिनिधित्व करने वाले ऑटो यूनियन के प्रतिनिधि अतिरिक्त जिला कलक्टर अनिल सिंघल से मिले और उन्हें शहर में ऑटो यात्रा के संबंध में अपने सुझाव व निर्णयों से अवगत करवाया। इसमें ऑटो यूनियन द्वारा प्रति किलोमीटर अधिकतम 20 रुपए किराया, वेटिंग चार्जेज 50 रुपए प्रति घंटा के साथ ऑटो चालकों को गेटकीपर और बिहेवियर ट्रेनिंग दिया जाना शामिल है। 4 हजार हॉस्टल्स के बाद 10 हजार ऑटो चालकों का कोटा केयर्स से जुड़ना यहां रह रहे 1.25 लाख से अधिक स्टूडेंट्स की केयरिंग के क्षेत्र में बड़ा कदम है।

जिला कलक्टर कार्यालय में हुई मीटिंग की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर अनिल सिंघल ने की। मीटिंग में जिला परिवहन अधिकारी अनीश शर्मा, यातायात पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार मीणा के साथ कोटा स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसायटी व कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रस्ताव देने वालों में कोटा ऑटो ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष भूपेन्द्र सक्सेना, हाड़ौती ऑटो रिक्शा हितकारी सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी और जनसेवा ऑटोरिक्शा यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद शकील शामिल थे। एडीएम सिटी अनिल सिंघल ने कहा कि कोटा में आने वाला हर व्यक्ति सबसे पहले ऑटो चालक के पास पहुंचता है। यदि ऑटो चालक का व्यवहार अच्छा होता है, 

वो उचित किराया लेता है, अच्छी सेवा देता है तो शहर के प्रति सोच सकारात्मक हो जाती है। यातायात पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने कहा कि किसी भी शहर में 24 घंटे उपलब्ध होने वाली सुविधा ऑटो होती है। यदि ऑटो यूनियन स्टूडेंट्स की मदद को आगे आती है तो कई समस्याओं का समाधान एक साथ हो जाता है। भूपेन्द्र सक्सेना ने बताया कि कोटा में तीन ऑटो यूनियन हैं और इनसे 10 हजार से अधिक ऑटो जुड़े हैं। 

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