सफलता का मूलमंत्र है ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना: अश्विनी वैष्णव
० योगेश भट्ट ०
नई दिल्ली। भारतीय जन संचार संस्थान के 56वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान के कुलाधिपति और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नए अवसरों के साथ उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन हमेशा याद रखें ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना ही सफलता का मूलमंत्र है। समारोह के मुख्य अतिथि अश्विनी वैष्णव ने विद्यार्थियों को उद्यमशील बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में मीडिया उद्यम स्थापित करने की क्षमता है। आप 400 विद्यार्थी देश में 400 नई कंपनियां खोल सकते हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने आज के विकसित होते संचार परिदृश्य में डिजिटल प्रगति और मीडिया की बढ़ती जिम्मेदारियों पर जोर दिया और विद्यार्थियों से अपनी स्किल्स को अपडेट करते रहने का आह्वान भी किया।
नई दिल्ली। भारतीय जन संचार संस्थान के 56वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान के कुलाधिपति और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नए अवसरों के साथ उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन हमेशा याद रखें ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना ही सफलता का मूलमंत्र है। समारोह के मुख्य अतिथि अश्विनी वैष्णव ने विद्यार्थियों को उद्यमशील बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में मीडिया उद्यम स्थापित करने की क्षमता है। आप 400 विद्यार्थी देश में 400 नई कंपनियां खोल सकते हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने आज के विकसित होते संचार परिदृश्य में डिजिटल प्रगति और मीडिया की बढ़ती जिम्मेदारियों पर जोर दिया और विद्यार्थियों से अपनी स्किल्स को अपडेट करते रहने का आह्वान भी किया।
इस अवसर पर आईआईएमसी की कुलपति डॉ. अनुपमा भटनागर, कुलसचिव डॉ. निमिष रुस्तगी, संकाय सदस्य और अधिकारी भी उपस्थित रहे। संस्थान की कुलपति डॉ. अनुपमा भटनागर ने कहा कि भारत के प्रमुख मीडिया प्रशिक्षण संस्थान के रूप में आईआईएमसी अपने प्रत्येक विद्यार्थी को हर वह अवसर सुलभ कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जो उसके सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है। समारोह में आईआईएमसी नई दिल्ली और इसके पांच क्षेत्रीय परिसरों ढेंकनाल, आइजोल, अमरावती, कोट्टायम और जम्मू के विद्यार्थी मौजूद थे। आईआईएमसी के महात्मा गांधी मंच में आयोजित दीक्षांत समारोह में वर्ष 2023-24 बैच के 478 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रदान किये गये। इसके अलावा, 36 विद्यार्थियों को भी अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
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