राजस्थान सरकार के आयुष विभाग द्वारा राज्य स्तरीय आरोग्य मेले का प्रारम्भ
० आशा पटेल ०
जयपुर : राजस्थान सरकार के आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी, इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धत्तियों के द्वारा "आरोग्यम्" आरोग्य मेला-2025 का शुभारम्भ हुआ। उद्घाटन समारोह में आयुष विभाग के मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ, महापोर जयपुर ग्रेटर सोम्या गुर्जर, प्रमुख शासन सचिव (आयुष विभाग)- भवानी सिंह देथा, शासन उप सचिव सावन कुमार चायल (आयुष विभाग) आयुर्वेद निदेशक डॉ. आनन्द कुमार शर्मा, होम्योपैथिक निदेशक डॉ. रेणु बंसल, यूनानी निदेशक- डॉ. मनमोहन खींची, अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद मेघना चौधरी (प्रशासन), समाजसेवी डॉ. एस. एस. अग्रवाल उपस्थित रहे।मेले में मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद एवं आयुष की अन्य पैथियाँ आधुनिक चिकित्सा के विरोध में नहीं हैं अपितु सम्पूरक हैं। जहाँ आधुनिक चिकित्सा का कार्यक्षेत्र समाप्त होता है, वहाँ आयुष पैथियों का कार्य प्रारम्भ होता है। ये पैथियाँ प्राचीन पैथियाँ तो है परन्तु असामयिक नहीं हैं। कोरोना काल में इन पैथियों ने देश-प्रदेश की बहुत सेवा की है। जनसामान्य के स्वास्थ्य संवर्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान किया है। आयुर्वेद का कोई साईड-इफेक्ट नहीं हैं तथा रोगों की जड पर कार्य करती है। जीवन शैली जन्य रोगों से पूर्ण बचाव करने के लिए समर्थ है।
जयपुर : राजस्थान सरकार के आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी, इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धत्तियों के द्वारा "आरोग्यम्" आरोग्य मेला-2025 का शुभारम्भ हुआ। उद्घाटन समारोह में आयुष विभाग के मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ, महापोर जयपुर ग्रेटर सोम्या गुर्जर, प्रमुख शासन सचिव (आयुष विभाग)- भवानी सिंह देथा, शासन उप सचिव सावन कुमार चायल (आयुष विभाग) आयुर्वेद निदेशक डॉ. आनन्द कुमार शर्मा, होम्योपैथिक निदेशक डॉ. रेणु बंसल, यूनानी निदेशक- डॉ. मनमोहन खींची, अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद मेघना चौधरी (प्रशासन), समाजसेवी डॉ. एस. एस. अग्रवाल उपस्थित रहे।मेले में मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद एवं आयुष की अन्य पैथियाँ आधुनिक चिकित्सा के विरोध में नहीं हैं अपितु सम्पूरक हैं। जहाँ आधुनिक चिकित्सा का कार्यक्षेत्र समाप्त होता है, वहाँ आयुष पैथियों का कार्य प्रारम्भ होता है। ये पैथियाँ प्राचीन पैथियाँ तो है परन्तु असामयिक नहीं हैं। कोरोना काल में इन पैथियों ने देश-प्रदेश की बहुत सेवा की है। जनसामान्य के स्वास्थ्य संवर्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान किया है। आयुर्वेद का कोई साईड-इफेक्ट नहीं हैं तथा रोगों की जड पर कार्य करती है। जीवन शैली जन्य रोगों से पूर्ण बचाव करने के लिए समर्थ है।
विधायक कालीचरण सर्राफ ने जयपुर में आयुर्वेद की परम्परा का जिक किया। सांसद मंजू शर्मा ने जनजीवन में आयुर्वेद का महत्व बताया। महापोर सोम्या गुर्जर ने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को प्रदेश में प्रोत्साहन करने की बात कही। "राजस्थान में औषधीय पादपों का कृमीकरण" पुस्तक का विमोचन किया गया। मेले के नोडल अधिकारी डॉ. बत्तीलाल बैरवा ने जानकारी दी एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ. कमलकान्त शर्मा ने किया।
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