पाली में केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने किए मशीन और टूलकिट वितरण
० आशा पटेल ०
पाली | प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को तीव्र गति से सफल बनाने के लिए उद्देश्य से पाली में 72 फीट बालाजी, मैन सोजत हाइवे स्थित जय अंबे फार्म्स में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत एक भव्य वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय के अध्यक्ष मनोज कुमार ने 640 प्रशिक्षित कारीगरों को 608 उपकरण और टूलकिट्स वितरित किए गए। लाभार्थियों में 210 पाली, 190 अजमेर, 140 जालौर और 100 सिरोही जिले से संबंधित हैं।
पाली | प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को तीव्र गति से सफल बनाने के लिए उद्देश्य से पाली में 72 फीट बालाजी, मैन सोजत हाइवे स्थित जय अंबे फार्म्स में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत एक भव्य वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय के अध्यक्ष मनोज कुमार ने 640 प्रशिक्षित कारीगरों को 608 उपकरण और टूलकिट्स वितरित किए गए। लाभार्थियों में 210 पाली, 190 अजमेर, 140 जालौर और 100 सिरोही जिले से संबंधित हैं।
संबोधित करते हुए अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामोद्योग विकास योजना से ग्रामीण भारत सशक्त और समृद्ध हो रहा है। इस अवसर पर राजस्थान राज्य में खादी और ग्रामोद्योग के विकास पर चर्चा करते हुए यह भी बताया गया कि राज्य में 165 पंजीकृत खादी संस्थाएं कार्यरत हैं। कारीगरों और बुनकरों की संख्या 25,000 से अधिक है। अब तक राजस्थान में पीएमईजीपी में 31,867 प्रोजेक्ट्स/यूनिट्स स्थापित किए जा चुके हैं। पीएमईजीपी के अंतर्गत 960 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की | इसके माध्यम से राजस्थान के 2.65 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है।
अध्यक्ष केवीआईसी ने कहा कि वितरण कार्यक्रम के माध्यम से न केवल कारीगरों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं,
बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की ओर एक नई दिशा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करता रहेगा। इस अवधि में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री में पांच गुना वृद्धि हुई है, जो 31,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,55,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। खादी कपड़ों की बिक्री में छह गुना वृद्धि हुई है, जो 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,496 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में 10.17 लाख नये लोगों को रोजगार मिला है।
अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में खादी कारीगरों की आय में 213% की वृद्धि हुई है। आज खादी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि भारत की पहचान बन चुकी है। उन्होंने खादी के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में 80% से अधिक योगदान माताओं और बहनों का है। इस कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थी, खादी कार्यकर्ता समेत राजस्थान सरकार और केवीआईसी के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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