रासायनिक रंग,पानी के गुब्बारे आँखों में चोट या संक्रमण का खतरा पैदा कर सकती हैं

० आशा पटेल ० 
जयपुर : रासायनिक रंग, सिंथेटिक पाउडर और पानी के गुब्बारे जैसी चीजें आँखों में चोट या संक्रमण का खतरा पैदा कर सकती हैं डाॅ. कुंजलता खुटेटा नैत्र रोग चिकित्सक मणिपाल हाॅस्पिटल जयपुर।  होली, रंगों का त्योहार, खुशियाँ और उमंग लेकर आता है, लेकिन साथ ही आँखों के लिए भी जोखिमों नद का कारण बन सकता है। रासायनिक रंग, सिंथेटिक पाउडर और पानी के गुब्बारे जैसी चीजें आँखों में चोट या संक्रमण का खतरा पैदा कर सकती हैं। आंख विभाग आपसे अनुरोध करता है कि सावधानियाँ अपनाकर इस होली को सुरक्षित बनाएं 

 डाॅ. कुजलता खुटेटा नैत्र रोग चिकित्सक मणिाला हाॅस्पिटल जयपुर ने बताया आँखों के आस-पास सुरक्षा  अपने आँखों के चारों ओर नारियल का तेल, पेट्रोलियम जेली या कोई अच्छा मॉइस्चराइजर लगाएँ ताकि रंग आसानी से चिपके नहीं। सुरक्षा चश्मे पहनें धूप के चश्मे या तैराकी के गॉगल्स पहनकर आँखों को रंग और रासायनिक पदार्थों से बचाएं। प्राकृतिक रंगों का चयन करें रासायनिक रंगों के बजाय जैविक, हर्बल या घर पर बने प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।

होली के दौरान सीधे रंग आँखों में जाने से बचें और अगर रंग चला जाए तो आँखों को रगड़ने से बचें।  पानी के गुब्बारों से बचें क्योंकि इनसे चोट लगने का खतरा होता है। बार-बार हाथ धोएँ ताकि रंग आँखों में न पहुंचे। आँखों में फंसे रंग को साफ करने के लिए साफ पानी का उपयोग करें। साबुन या अन्य केमिकल का प्रयोग न करें। अगर आँखों में जलन बनी रहे तो डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स का उपयोग करें। अगर आँखों में लालिमा, जलन या धुंधलापन बना रहे, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। इस होली, रंगों के साथ-साथ अपनी आँखों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। 

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