कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिये बलिदान और त्याग किये : डोटासरा
० संवाददाता द्वारा ०
जयपुर। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जयंती एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष स्व. मथुरादास माथुर की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, इन्दिरा गॉंधी भवन, जयपुर पर पुष्प अर्पित कर श्रंद्धाजलि दी तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के योगदान पर संगोष्ठी आयोजित हुई जिसमें राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस विधायक, प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी तथा कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता सम्मिलित हुये।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता पूछते हैं कि कब संविधान का उल्लंघन किया, इस पर डोटासरा ने भाजपा के नेताओं से सवाल किया कि देश में संविधान एवं कानून में प्रावधान है कि हर पॉंच वर्ष में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव सम्पन्न होने चाहिये, इसकी पालना भाजपा सरकार क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने कहा कि हमेशा समय पर चुनाव हुये और केवल कोराना महामारी के दौरान उच्चत्तम न्यायालय की अनुमति से चुनाव आगे सरकाये गये, किन्तु आज भाजपा सरकार नगर निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर क्यों नहीं करवा रही है।
जयपुर। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जयंती एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष स्व. मथुरादास माथुर की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, इन्दिरा गॉंधी भवन, जयपुर पर पुष्प अर्पित कर श्रंद्धाजलि दी तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के योगदान पर संगोष्ठी आयोजित हुई जिसमें राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस विधायक, प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी तथा कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता सम्मिलित हुये।
इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि देते हुये संगोष्ठी में कहा कि आज पूरे देश में एक ही चर्चा है कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा बनाये गये संविधान पर सवाल उठाये जा रहे हैं क्योंकि आज देश में ऐसे लोग सत्ता में काबिज हैं जिनकी सोच एवं विचारधारा इस प्रकार की रही कि उन्होंने न तो महात्मा गॉंधी के विचारों को माना और ना ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का सम्मान किया एवं ना ही उनका विश्वास संविधान में है।
उन्होंने कहा कि ये लोग सत्ता में सिर्फ इसलिये है कि क्योंकि कांग्रेस पार्टी के उन महान् नेताओं जिनके त्याग, तपस्या और बलिदान कारण देश आजाद हुआ है उनकी चर्चा एवं विचारों पर मंथन संगोष्ठियों के माध्यम से बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी ने महान् नेताओं के विचारों, सोच एवं कार्यों के बारे में पढऩा बंद कर दिया है। इसलिये प्रदेश कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि देश का निर्माण करने वाले समस्त महान् पुरूषों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर उनके द्वारा दिये गये योगदान पर चर्चा करने हेतु संगोष्ठियां आयोजित की जायेगी।
उन्होंने कहा कि महान् स्वतंत्रता सैनानियों एवं देश निर्माताओं के विचारों को कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता आत्मसात् कर अपने जीवन में उतारने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र की सत्ता में बैठे हुये लोग संविधान पर प्रहार कर रहे हैं, इसको अनेक उदाहरणों से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान में जो बोलने की आजादी है, उसे छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की लोकसभा जो हमारे देश का सबसे बड़ा मंदिर है उसके साथ ही राज्यसभा देश की विधानसभाओं जहॉं देश की जनता के मुद्दों पर चर्चा कर विकास के कार्यों की रूपरेखा तैयार होनी चाहिये वहॉं जनप्रतिनिधियों को बोलने नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष नेता राहुल गॉंधी जब भी जनता से जुड़े हुये मुद्दे लोकसभा में उठाना चाहते हैं तो उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है, यह संविधान के प्रावधानों का और लोकतांत्रिक परम्पराओं का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा स्पीकर के पद संविधान के तहत् ही प्राप्त हुये हैं और संविधान व कानून एवं नियमों के तहत् ही सदन को चलाने की जिम्मेदारी होती है किन्तु सत्ता में आज ऐसे लोग काबिज हो गये जो लोकतांत्रिक परम्पराओं के साथ संवैधानिक प्रावधानों का भी निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दु:ख का विषय है कि संविधान को नहीं मानने वाले और नाथूराम गोडसे की विचारधारा से प्रभावित लोग सत्ता में बैठकर बाबा साहेब के संविधान के प्रावधानों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से केन्द्र की सत्ता में बैठे लोग संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनका खून खोलना लाजमी है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को जनता के बीच खड़े होकर फासीवादी ताकतों का विरोध करना होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता पूछते हैं कि कब संविधान का उल्लंघन किया, इस पर डोटासरा ने भाजपा के नेताओं से सवाल किया कि देश में संविधान एवं कानून में प्रावधान है कि हर पॉंच वर्ष में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव सम्पन्न होने चाहिये, इसकी पालना भाजपा सरकार क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने कहा कि हमेशा समय पर चुनाव हुये और केवल कोराना महामारी के दौरान उच्चत्तम न्यायालय की अनुमति से चुनाव आगे सरकाये गये, किन्तु आज भाजपा सरकार नगर निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर क्यों नहीं करवा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता वन स्टेट-वन इलेक्शन की बात कर रहे हैं किन्तु उन्हें यह बताना चाहिये कि क्या इस संदर्भ में कोई कानून बनाया, कोई कमेटी बनाई या इस विषय पर कभी विधानसभा अथवा लोकसभा में संवैधानिक प्रावधानों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रदेश सरकार मनमर्जी से पंचायती राज संस्थाओं व निकायों के चुनाव आगे सरकाकर प्रशासकों की नियुक्ति कर रही है और जिन संस्थाओं के चुनाव 12 महिने बाद होने हैं तब तक उन पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव जिनका कार्यकाल समाप्त हो गया, आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या वन स्टेट-वन इलेक्शन का कोई कानून है अथवा क्या संविधान इसकी इजाजत प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि क्या नगर निकायों के चुनाव 6 से 12 महिने आगे सरकाये जा सकते हैं, इस पर भाजपा कोई जवाब नहीं देगी क्योंकि यह स्पष्ट रूप से संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि किसी का कार्यकाल 6 महिने या 12 महिने बढ़ जाये उस पर खुश होने की बजाए पुन: जीतकर कैसे आयें इस पर कार्य करना चाहिये। उन्होंने कहा कि इस प्रकार तो भाजपा की केन्द्र सरकार विधानसभाओं के चुनाव भी दो-दो, तीन-तीन वर्ष के लिये आगे सरका देगी, राष्ट्रपति शासन लगा दिया जायेगा और प्रदेशों में मनमर्जी से चुनाव करवायेंगे, यदि संविधान के इस उल्लंघन को रोकना है तो आज ही प्रदेश में भाजपा द्वारा नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर कराने हेतु उठकर संघर्ष करना होगा।
उन्होंने कहा कि संविधान में सभी को समानता का अधिकार है लेकिन विपक्षी दल का नेता मंदिर में जाये और भाजपा नेता द्वारा उस मंदिर को गंगाजल से इसलिये धोया जाये कि वह नेता दलित वर्ग से है तो क्या इसकी इजाजत संविधान देता है और यदि नहीं देता है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री चुप क्यों बैठे हैं और जब ऐसा कृत्य करने वाला भाजपा का नेता सार्वजनिक रूप से कह रहा है कि कुछ गलत नहीं किया, माफी नहीं मांगूगा तो 13 दिन बीतने के पश्चात् भी आज तक उस पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की निम्र स्तरीय मानसिकता का परिचायक है, लेकिन आरएसएस की पाठशाला में पढ़ाई गई विचारधारा जिसके तहत् समाज में लोगों के बीच भेदभाव किया जाता है जिसे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी चलने नहीं देगी।
उन्होंने कहा कि हमारे देश के संविधान में धर्मनिरपेक्षता की बात कही गई है, किन्तु भाजपा के नेता हिन्दु-मुस्लिम की बात कर चुनाव लडऩा चाहते हैं, यह भी संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि 11 साल से भाजपा के नेता लोकसभा और विधानसभा में हिन्दु-मुस्लिम करके पोलोराईजेशन की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन संविधान में जो धर्मनिरपेक्षता का उल्लेख है उसका सम्मान नहीं कर रह है। उन्होंने कहा कि हम सभी कांग्रेसजनों का फर्ज है कि हमारे जो महापुरूष और स्वतंत्रता सैनानी जिन्होंने अथक् कष्ट उठाकर देश को आजादी दिलाई और देश में एकता और अखण्डता कायम रखने हेतु बड़ी से बड़ी कुर्बानी दी,
उनके द्वारा स्थापित लोकतंत्र की रक्षा करने हेतु अपनी पूरी ताकत के साथ समाज में जाकर भाजपा के इस संविधान एवं लोकतंत्र विरोधी नीति को उजागर कर फासीवादी ताकतों के विरूद्ध मजबूती के साथ संघर्ष करे। उन्होंने कहा कि सच्चा कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता वही है जो जनता के दु:ख तकलीफों में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में तीन महिने तक सभी गॉंव, ढाणी, मौहल्ले, नगरपालिका, पंचायतों, वार्डों में जाकर संविधान की चर्चा करेंगे और जो इस अभियान में कदम से कदम मिलाकर साथ चलेगा वही भविष्य का नेता बनेगा। उन्होंने कहा आज यदि भाजपा की गलत नीतियों का विरोध नहीं किया तो आने वाला समय और पीढिय़ा हमें माफ नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष से राजस्थान की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिये तरस रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा आलाकमान को प्रदेश में जनता के कामों के लिये एक और मुख्यमंत्री बना देना चाहिये क्योंकि वर्तमान मुख्यमंत्री तो भ्रमण और भाषण में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुने हुये जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं हो रही है और हारे हुये भाजपा नेता मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठकर सरकारी अधिकारियों को निर्देश प्रदान कर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन के नाम से जाति, धर्म और सम्प्रदाय के आधार पर वार्डों, पंचायतों का परिसीमन करने का कार्य हारे हुये भाजपा नेताओं की एक समिति कर रही है,
इसका विरोध यदि समय रहते नहीं किया तो इतिहास माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्रीमती इंदिरा गॉंधी जिन्होंने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये और देश की एकता व अखण्डता को कायम रखने के लिये अपने प्राणा न्यौछावर कर दिये, उनके लिये अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल राजस्थान विधानसभा में भाजपा के मंत्री ने किया और राजस्थान के मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से माफी मांगने का आश्वासन दिया था किन्तु आज तक अपने वादे को नहीं निभाया। उन्होंने कहा कि आज शर्म की बात है कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री ने व भाजपा नेता ने ही भाजपा की प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्रचिन्ह लगा दिया और सरकार को पानी मुहैया कराने में व जल जीवन मिशन के कार्य में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगा दिये,
लेकिन भाजपा सरकार ने एक छोटे अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही कर इतिश्री कर दी जबकि प्रदेशवासियों को पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को जनता की आवाज बनकर भाजपा की गलत नीतियों के विरूद्ध खड़ा होना पड़ेगा और जनता की समस्याओं के समाधान के लिये हर संघर्ष के लिये तैयार रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा के लिये कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता हर त्याग करने के लिये तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा द्वारा कांग्रेस नेताओं के विरूद्ध की जा रही दमनात्मक कार्यवाही से डरने वाली नहीं है, यदि किसी कांग्रेस कार्यकर्ता की आवाज दबाने के लिये भाजपा सरकार गिरफ्तार कर कार्यवाही करेगी तो वे स्वयं उस कार्यकर्ता की रक्षा के लिये खड़े मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि राजनैतिक दुर्भावना से किसी कांगे्रस कार्यकर्ता के विरूद्ध कार्यवाही हुई तो भाजपा सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस का कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर काम करने की इच्छा रखता है तो उसे संगठन में स्थान मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब भी पार्टी का कोई आह्वान हो तो सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को सक्रियता के साथ उसमें भाग लेना चाहिये तभी देश में लोकतंत्र बचेगा और संविधान की रक्षा भी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि आश्चर्य है कि मुख्यमंत्री केवल समीक्षा का कार्य कर रहे हैं और राज्यपाल मंत्रियों का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जिलों में जाकर अधिकारियों की मीटिंग ले रहे हैं तो मंत्रियों के लिये अब क्या कार्य बचा है
, इस बात का जवाब मिलना चाहिये। उन्होंने कहा कि भाजपा आलाकमान को यह समीक्षा करनी चाहिये कि जो पर्ची भेजकर राजस्थान में सरकार का गठन किया वह सही था या गलत। उन्होंने कहा कि आज तमाम् कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ताओं का संकल्प लेना है कि बाबा साहेब ने जिस संविधान में समानता का, शिक्षा का अधिकार दिया और पिछड़ो, दलितों के उत्थान के लिये प्रावधान दिये उसकी रक्षा करने के अभियान में कमर कसकर जुट जाना है क्योंकि भाजपा की सरकारें लगातार हमारे संविधान पर प्रहार कर रही है।
इस अवसर पर राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि देश में भाजपा कितना भी प्रयास कर ले किन्तु संविधान समाप्त नहीं कर सकती क्योंकि देशभर में कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं के खून में देश के संविधान के सम्मान व उसकी रक्षा का जज्बा मौजूद है। उन्होंने कहा कि आरएसएस पर सर्वप्रथम कार्यवाही भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल ने की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा धार्मिक धु्रवीकरण की राजनीति तो कर सकती है किन्तु लोकतंत्र और संविधान कभी समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर जब पाकिस्तान बना तो भी देशभक्त जो मुसलमान थे उन्होंने अपने पूर्वजों की भूमि भारत में रहना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को देश हित में कार्य करना चाहिये तथा पार्टी की मजूबती के लिये कोई कसर नहीं छोडऩी चाहिये, क्योंकि यदि पार्टी मजबूत बनेगी तो ही हम मजबूत रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने देश के लोकतंत्र की मजबूती के लिये जो योगदान दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के शासन में देश में क्या हालात हैं किसी से छिपे हुये नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच उसी समय उजागर हो गई थी जब देश में पहली बार संविधान लागू हुआ और आरएसएस ने संविधान की प्रतियों को जलाया, क्योंकि संविधान में दलितों, महिलाओं, पिछड़ों सहित सभी को समानता का अधिकार बाबा साहेब ने दिया। उन्होंने कहा कि आज ये लोग सत्ता में तो आ गये लेकिन इनकी सोच नहीं बदली है, जिसका उदाहरण है कि संसद में देश के गृहमंत्री यह कह रहे हंै कि क्या अम्बेडकर, अम्बेडकर नाम लेते हो, यह फैशन बन गया है, यदि इतना भगवान का नाम लिया होता तो सात जन्म सुधर जाते, ऐसा वक्तव्य गृहमंत्री द्वारा दिया जाना भाजपा की संविधान विरोधी और अम्बेडकर विरोधी सोच को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जब भाजपा सरकार की कोई कमी उजागर करते हो तो पत्रकारों तक को गिरफ्तार कर लिया जाता है, यह कार्य भी संविधान विरोधी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चुनाव से पहले राजनैतिक दुर्भावना के तहत् विरोधी दलों के विरूद्ध ईडी, इनकम टैक्स जैसी एजेन्सियां सक्रिय हो जाती हैं, यह भी संविधान को कमजोर करने का कृत्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का कार्य कर रही है, किन्तु कांग्रेस पार्टी के मजबूत कार्यकर्ता भाजपा के इस कृत्य को कभी सफल नहीं होने देंगे।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व मीडिया प्रभारी स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि संगोष्ठी के पश्चात् राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा समन्वयकों की बैठक ली तथा उनके प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए की नियुक्ति के कार्य की समीक्षा की तथा जरूरी दिशा-निर्देश प्रदान किये।
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