कांग्रेस नेताओं के विरूद्ध संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर झूठे मुकदमें दर्ज किये जा रहे हैं : डोटासरा

० संवाददाता द्वारा ० 
जयपुर। केन्द्र सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से अपनी शक्तियों का दुरूपयोग कर मनमाने तरीके से संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर विपक्ष के नेताओं की आवाज दबाने हेतु लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखकर कार्यवाही करने तथा ईडी द्वारा बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाये मनमाने तरीके से केन्द्र सरकार के ईशारे पर ऐतिहासिक नेशनल हेराल्ड की सम्पत्तियों को जप्त करने तथा यूपीए चेयरपरसन सोनिया गॉंधी एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गॉंधी सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ चार्ज शीट प्रस्तुत करने के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में जयपुर स्थित ईडी कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया गया। विरोध-प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस पार्टी के विधायक, विधायक प्रत्याशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों को सम्बोधित करते हुये राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने, किसानों की आयु दुगुनी करने, मॅंहगाई कम करने जैसे वादे किये थे, किन्तु उनमें से कितने वादे पूरे हुये, इसका जवाब मांगने पर भाजपा की सरकार द्वारा प्रश्र करने वाले विपक्ष के नेताओं के विरूद्ध संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर कार्यवाही करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि जब से नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली है तब से कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की रट लगा रखी है, किन्तु कांग्रेस मुक्त भारत तो नहीं बना सके, इसलिये कांग्रेस के नेताओं के विरूद्ध संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर झूठे मुकद्में दर्ज किये जा रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि देश में विकास कार्यों, वादों, योजनाओं के बारे में प्रश्र करने पर या देश में भाजपा द्वारा समाज को बांटने हेतु नफरत फैलाने पर प्रश्र किया जाये तो केन्द्र की भाजपा सरकार उस नेता के विरूद्ध झूठे मुकद्में दर्ज करने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार ने इस देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, स्वतंत्रता संग्राम में अपनी सारी सम्पत्ति दान कर दी और नेहरू जी जो लगभग 10 वर्ष इस लड़ाई में जेल में रहे, जिस इंदिरा गॉंधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये, पंजाब से आतंकवाद समाप्त किया और देश की एकता व अखण्डता के लिये अपना जीवन भी कुर्बान कर दिया, जिनके अंतिम शब्द थे कि मैं रहूं या नहीं रहूं, मेरे खून का एक-एक कतरा देश की सेवा करेगा,
उसी परिवार के राजीव गॉंधी जब प्रधानमंत्री बने तो उनके जीवन को खतरा था, एजेंसियों ने धमकियां मिलने की बात कही, लेकिन राजीव गॉंधी ने अपनी जान की परवाह नहीं की और कहा कि मेरे जीवन से ज्यादा जरूरी देश है और उन्होंने देश की एकता व अखण्डता के लिये अपने जीवन को कुर्बान कर दिया, उन्हीं की धर्मपत्नी हमारी नेता त्याग की प्रतिमूर्ति सोनिया गॉंधी ने बहुमत के बावजूद प्रधानमंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद त्याग दिया और कहा कि मुझे प्रधानमंत्री पद नहीं चाहिये, देश का विकास तथा 36 कौमों में प्रेम रहे, ऐसा समाज चाहिये, 

उन्हीं के बेटे राहुल गॉंधी निडर होकर आज आरएसएस और भाजपा की विचारधारा व सरकार के सिस्टम से ऑंख में ऑंख डालकर मुकाबला कर रहे हैं, जिसने देश में प्रेम और भाईचारा कायम करने के लिये कन्याकुमार से कश्मीर तक यात्रा निकाली, उन्हीं को परेशान का कार्य केन्द्र सरकार कर रही है। उन्होंन कहा कि राहुल गॉंधी को पहले तो बदनाम करने का कार्य भाजपा ने किया, उसमें सफलता नहीं मिली तो अब तो झूठे मुकद्में दर्ज कर परेशान का कुप्रयास भाजपा की केन्द्र सरकार कर रही है।

 डोटासरा ने कहा कि राहुल गॉंधी ने जब केन्द्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये तो पहले तो उनकी संसद की सदस्यता रद्द करने का कार्य केन्द्र सरकार ने किया और जब मोदी सरकार के भ्रष्टाचार, गलत नीतियों पर राहुला गॉंधी ने सवाल उठाये तो उन पर दर्जनों झूठे मुकद्में भाजपा ने दर्ज कर दिये। उन्होंने कहा कि राहुल गॉंधी निडरतापूर्वक झूठे मुकद्मों का सामना कर रहे हैं क्योंकि वह डरते नहीं है और कहते हैं कि सरकार चाहे जितने मुकद्में दर्ज करवा दे, वे जनता की आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गॉंधी कहते हैं कि उन्हें पद नहीं चाहिये, बल्कि यह देश कायम रहे और सब अमन-चैन से रहे, यही उनकी इच्छा है, 

इसलिये वह मोदी सरकार की तानाशाही के विरूद्ध निडरतापूर्वक लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री राहुल गॉंधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक यात्रा निकालकर देश के लोगों में प्रेम बांटने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि एक मुकद्में में राहुल गॉंधी को दो वर्ष की अधिकमत सजा सुना दी गई और 24 घण्टे में उनकी लोकसभा से सदस्यता को समाप्त कर दिया, किन्तु सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के पश्चात् वह पुन: संसद पहुॅंचे, लेकिन आज उस मुकद्में का किसी को पता नहीं है क्योंकि इस तरह के झूठे मुकद्में परेशान करने के लिये दर्ज करा रखे हैं। उन्होंने कहा कि आज देशभर में लोग प्रश्र करते हैं कि रोजगार देने, मंहगाई कम करने जैसे वादे पूरे क्यों नहीं हुये,

 तो उनसे ध्यान भटकाने के लिये मोदी सरकार ने सोनिया गॉंधी और श्री राहुल गॉंधी पर झूठे मुकद्में दर्ज करवा दिये ताकि लोगों का ध्यान इस ओर मुड़ जाये, कांग्रेस के कार्यकर्ता भी इसके विरोध में लग जायें और भाजपा नेता अपना भ्रष्टाचार जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि भाजपा के भ्रष्ट नेता विजय माल्या जैसे भगौड़ों के रास्ते पर चलेंगे, किस देश में भागकर भ्रष्टाचार का पैसा ले जायेंगे, यह आने वाला समय बतायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 15 माह हो गये तीसरी बार सत्ता सौंपे हुये, लेकिन कभी देश के विकास की, देश के नौजवानों के भविष्य को लेकर,

 मंहगाई कम करने को लेकर कोई बात नहीं होती, देश के आधारभूत ढांचे को लेकर कोई बात नहीं होती, केवल और केवल कांग्रेस पार्टी को कोसने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को लेकर परिवारवाद के आरोप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगाते थे, जबकि कांग्रेस में तो लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव करवाकर मल्लिाकुर्जन खडग़े राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पार्लियामेंट बोर्ड की मीटिंग करवाकर स्वयं का चुनाव नहीं करवा सके।

उन्होंने कहा कि 75 वर्ष की आयु का नियम बनाकर लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और सुमित्रा महाजन को घर बिठा दिया, लेकिन स्वयं की आयु 75 वर्ष होने पर छूट लेने के लिय आएसएस के मुख्यालय नत्मस्तक होकर चले गये। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा कही गई बात सोने जैसी खरी होनी चाहिये, क्योंकि पूरे देश की नजर प्रधानमंत्री पर होती है, लेकिन आज केवल षडय़ंत्रों की बात होती है, कभी एक देश-एक चुनाव, महिला आरक्षण की बात करेंगे, मुद्दों को भूलकर ध्यान भटकाने का कार्य प्रधानमंत्री द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक नया मॉडल लागू किया है, हम दो और हमारे दो, इसके अलावा सरकारी एजेन्सियों का दुरूपयोग कर प्रदेशों में भाजपा की सरकार बनाते हैं और उस सरकार की जिम्मेदारी कठपूतली को सौंप देते हैं। 

उन्होंने कहा कि नाथूराम गोडसे की विचारधारा को मानने वाले लोगों से देश की जनता कोई उम्मीद नहीं रख सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशों में भाजपा सरकार की जिम्मेदारी ऐसी कठपूतली को सौंपी जाती है जो बोलना नहीं जानता, समझना नहीं चाहता, कोई काम नहीं करना चाहता, केवल केन्द्र से आई पर्ची को लागू किया जाता है, यह बात राजस्थान प्रदेश में प्रत्यक्ष रूप से देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री का कार्यक्रम ही भ्रमण का रहता है, कभी विकास या मुद्दों की चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजस्थान हैलीकॉप्टर लेकर उड़ते हैं, देव दर्शन कर लौट आते हैं, प्रदेश के विकास और जनता की दु:ख तकलीफों के संबंध में कोई चर्चा नहीं करते, यदि किसी कार्य के बारे में पूछा जाये तो जवाब होता है कि दिल्ली से पर्ची आने पर निर्णय लिया जायेगा।

 उन्होंने कहा कि आज तो यह स्थिति आ गई जो मुख्य सचिव बड़ी-बड़ी बातें करते थे, आरएसएस की विचारधारा के लोगों को पदस्थापन्न देना चाहते थे, आज मुख्यमंत्री की अहम् बैठकों में नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन जैसी महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव मौजूद नहीं थे और कोटपूतली में कलेक्टर के साथ मीटिंग कर रहे थे, इससे ज्यादा आश्चर्यजनक बात नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गर्वनेन्स नजर नहीं आती, केन्द्र में सरकार नजर नहीं आती, लेटरल एन्ट्री के माध्यम से आरएसएस के लोगों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो देश के महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन्हें लेकर श्रीमती सोनिया गॉंधी और श्री राहुल गॉंधी लगातार प्रश्र खड़े कर रहे हैं,

 जनता की आवाज उठा रहे हैं, उन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिये केन्द्र सरकार के ईशारे पर ईडी ने हमारे नेताओं के विरूद्ध चार्ज शीट पेश की है। उन्होंने कहा कि चार्ज शीट पेश करने से पूर्व उक्त व्यक्ति को सूचित किया जाना आवश्यक है, लेकिन गुपचुप में चार्ज शीट पेश की गई, यह सोचकर कि गॉंधी परिवार डर गया तो देश में भाजपा के भ्रष्टाचार को रोकने वाला कोई नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे और नेता प्रतिपक्ष श्री टीकराम जूली जनता के लिये बिजली-पानी के मुद्दे पर आन्दोलन करने गये तो हमारे खिलाफ मुकद्मा दर्ज कर लिया। उन्होंने कहा कि जब पुलिस द्वारा बयान लेने आने को कहा तो वे स्वयं बयान देने गये, क्योंकि डरते नहीं है और सरकार की तानाशाही से झुकने वाले नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गॉंधीवादी तरीके से सरकार चलाई, किसी के विरूद्ध प्रतिशोध के आधार पर कार्यवाही नहीं की, लेकिन भाजपा सरकार के आचरण से ऐसा प्रतीत होता है कि जिन भाजपा नेताओं के विरूद्ध मुकद्में दर्ज थे, उस पर कार्यवाही की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शिक्षा मंत्री पर 14 मुकद्में दर्ज हैं, लेकिन भाजपा ने शिक्षा जैसा महत्वपूर्ण महकमा उन्हें केवल इसलिये दिया है कि शिक्षा का बंटाधार हो। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है, मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़े अधिकारी बैठकर दलाली करने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं को डराने व धमकाने का कार्य एजेन्सियां कर रही है।

 उन्होंने कहा कि पॉंच-पॉंच बार हारे हुये भाजपा नेता आज सरकारी प्रोजेक्टों के फीते काट रहे हैं, लेकिन इनकी कुर्सी चुने हुये जनप्रतिनिधि के साथ विधानसभा में तो नहीं लगाई जा सकती, ऐसे नेताओं के कहने से सडक़ें, हैंड पम्प और ट्यूब वैल भाजपा की सरकार बनवा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के हारे हुये नेता आज पूरे प्रदेशभर में जनप्रतिनिधियों पर हावी होकर परिसीमन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री बोलने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि आज फासीवादी सरकार के विरूद्ध संघर्ष में साथ रहेगा, वो ही भविष्य में कांग्रेस का नेता बनेगा। उन्होंने भाजपा की सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि यदि कांग्रेस के किसी कार्यकर्ता पर जुल्म किया गया तो कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता छाती पर गोली खायेंगे, पीठ दिखाकर कोई नहीं भगेगा। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तमाम नेता एकजुटता के साथ भाजपा की केन्द्र सरकार की तानाशाही के विरूद्ध संघर्ष करेंगे, कल प्रदेशभर में सभी जिला कांग्रेस कमेटियां अपने जिला मुख्यालयों पर ईडी कार्यवाही के विरूद्ध प्रदर्शन करेगी और 18 अप्रेल को सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों द्वारा प्रदर्शन किया जायेगा। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुये कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी थी, उन्हें उसी प्रकार अब फासीवाद केन्द्र सरकार के विरूद्ध लड़ाई लडऩी पड़ेगी, क्योंकि जो लोग आज सत्ता में बैठे हैं, संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन एजेन्सियों में बैठे हुये सरकारी अधिकारी और कर्मचारी ऐसा व्यवहार कर रहे है कि मानो तनख्वाह सरकार से नहीं भाजपा से मिल रही है।

 उन्होंने कहा कि आज यह हालात हैं कि 193 नेताओं पर ईडी ने कार्यवाही की, वे सभी विपक्षी दलों के नेता है और मात्र दो के विरूद्ध मामला चला। उन्होंने कहा कि ईडी कार्यवाही के बाद जो लोग भाजपा में चले गये, उन्हें वाशिंग मशीन में धोकर पाक-साफ घोषित कर दिया गया, लेकिन जिनका ईमान जिंदा है, वे कभी अपनी पार्टी से गद्दारी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों को यह समझना चाहिये कि नौकरी में जवाबदेही तय होती है लेकिन ईश्वर के समक्ष भी जवाब देना पड़ेगा, क्योंकि जो तनख्वाह मिल रही है, वह इस देश की जनता की गाढ़ी कमाई से मिल रही है ना कि भाजपा से। उन्होंने कहा कि जल्द ही भाजपा को देश की जनता सत्ता से बाहर करने का कार्य करेगी और कांग्रेस पार्टी सरकार बनाकर देश की सेवा करने का कार्य करेगी।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व विरूद्ध संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर चार्ज शीट पेश की गई है, उससे भाजपा की जो मंशा है वह स्पष्ट होती है कि इनके इरादे खतरनाक है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं कोई नहीं जानता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात देश में बन चुके हैं जिसे सभी को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कल प्रदेश में पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के यहॉं पर ईडी ने छापा डाला, दिल्ली में रोबर्ट वाड्रा को पूछताछ के लिये बुला लिया और सोनिया गॉंधी एवं राहुल गॉंधी के विरूद्ध चुपचाप चार्ज शीट पेश कर दी गई। 

उन्होंने कहा कि 90 साल पहले पं. जवाहरलाल नेहरू ने आजादी की लड़ाई के लिये अखबार शुरू किया था, वह बीच में बंद हो गया था, कांग्रेस उसे पुन: शुरू कर रही है उसके लिये प्रयास किये गये, ईडी में जो शिकायत थी, एसोसिएट जरनल प्रेस के विरूद्ध तो यह थी कि दस साल में 90 करोड़ रूपये दिये गये, उसमें से 75 करोड़ रूपये तो जो कर्मचारियों की बकाया तनख्वाह थी उसके लिये दिये गये थे, बाकी तीनों अखबार पुन: शुरू करने के लिये पूंजी हेतु दिये गये थे। उन्होंने कहा कि मुद्दा तो यह है। उन्होंने कहा कि ईडी में शिकायत दर्ज की, जॉंच की और यह सामने आ गया कि सोनिया गॉंधी और राहुल गॉंधी के विरूद्ध कोई साक्ष्य नहीं है, उसके बावजूद इस तरह की कार्यवाही केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के इस षडय़ंत्र के विरूद्ध आज लोग धरना देकर बैठे हैं।

 उन्होंने कहा कि जो नई कम्पनी बनी है वह भी नान प्रोफिट कम्पनी है, इसमें लाभ प्राप्त नहीं किया जा सकता और पैसे का तो कोई लेन-देन भी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बिना पैसे के लेन-देन के ईडी ने कार्यवाही कर दी और 660 करोड़ रूपये की सम्पत्ति को अटैच कर लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले एआईसीसी के खाते अटैच कर लिये गये थे जबकि कांग्रेस एक मुख्य विपक्षी दल जिसने देश को आजाद कराया था ताकि चुनाव ना लड़ सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का आचरण उचित नहीं है और लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रजातंत्र के सिद्धांतों के विपरीत है।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं मीडिया प्रभारी स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष  गोविन्द सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार ईडी द्वारा की गई कार्यवाही के विरोध में 17 अप्रेल को सभी जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा जिला मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया जायेगा तथा 18 अप्रेल को ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों द्वारा विरोध-प्रदर्शन होगा।

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