समग्रसेवा संघ द्वारा आयोजित लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान का चिंतन शिविर
० आशा पटेल ०
जयपुर। लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान का 3-दिवसीय सहचिन्तन शिविर एक संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ। सहचिन्तन शिविर के संयोजक प्रो आनंद कुमार ने बताया कि चिंतन शिविर में इस अभियान से जुड़े सह भागियों द्वारा व्यक्त विचारों और लिए गये फैसलों ने एक बार फिर समता, स्वतंत्रता और आर्थिक-सांस्कृतिक - राजनीतिक - पर्यावरणीय न्याय आधारित लोकतांत्रिक नागरिक निर्माण, समाज निर्माण और राष्ट्रनिर्माण के अभियान को जारी रखने की तीव्र तत्परता जाहिर की है।
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान मानवता के खिलाफ चल रही इन्हीं साजिशों का मुकाबला करने के लक्ष्य से बना है । अब तक अपनी ताकत भर लड़ा है और अब सहचिन्तन से बनी ज्यादा सचेतनता और सामूहिकता से समानता, स्वतंत्रता और विविधता आधारित भारत गढ़ने के लिए बढ़ता रहेगा।
सहचिन्तन शिविर में उपस्थिति : आनंद कुमार (गोवा) 2.ईश्वर अहिरे 3.जयंत दिवाण 4.ज्ञानेंद्र कुमार 5.कल्याण साखरकर 6.गोविंद चौहान 7.वासंती दिघे 8.जीजा राठौड़ 9.संध्या एदलाबादकर 10.क्षितिज यामिनी श्याम (महाराष्ट्र) 11.किशोर दास उड़ीसा 12.अनंता पांडा (ओडिशा ) 13.अरविंद अंजुम ,बनारस 14.निधि अरविंद 15.एलीना हीरो 16.पी एम टोनी 17.किरण निशांत 18.मंथन (झारखंड) 19.कारू 20.सुशील कुमार (बिहार) 21.रामधीरज 22.जागृति राही,
1. परिचय एवं आत्मकथन - किरण एवं सुशील कुमार 2.लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण के राजनीतिक पहलू और सवाल- शशिशेखर, वासंती 3. लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण के आर्थिक सवाल और पहलू- जयंत, अशोक,
4. लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण के पर्यावरणीय पहलू और सवाल - दीपक धोलकिया, अशोक सोमल, मनीषा 5.लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण सामाजिक - सांस्कृतिक पहलू और सवाल -दिनेश प्रियमन, एलीना, ईश्वर अहिरे 6. शिक्षा ,स्वास्थ्य, सद्भाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 7.लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान की सांगठनिक दिशा - आनंद कुमार, ज्ञानेंद्र, आलोक, जागृति राही 8.नियमित गतिविधियों और विशिष्ट कार्यक्रमों या आयोजनों के प्रस्ताव 9.संगठन और कार्यक्रम सम्बन्धी निष्कर्ष और निर्णय - आनंद कुमार, मंथन, ज्ञानेंद्र, मनीषा बनर्जी, शशिशेखर सिंह, दीपक धोलकिया।
जयपुर। लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान का 3-दिवसीय सहचिन्तन शिविर एक संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ। सहचिन्तन शिविर के संयोजक प्रो आनंद कुमार ने बताया कि चिंतन शिविर में इस अभियान से जुड़े सह भागियों द्वारा व्यक्त विचारों और लिए गये फैसलों ने एक बार फिर समता, स्वतंत्रता और आर्थिक-सांस्कृतिक - राजनीतिक - पर्यावरणीय न्याय आधारित लोकतांत्रिक नागरिक निर्माण, समाज निर्माण और राष्ट्रनिर्माण के अभियान को जारी रखने की तीव्र तत्परता जाहिर की है।
उन्होंने बताया कि इस सहचिंतन ने भारतीय समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करनेवाले निरंकुश साम्प्रदायिक हमलों के जवाब में रचनात्मक दृष्टि के साथ छह केन्द्रित पहलकदमियों को आकार दिया है। शिविर में सभी वक्ताओं का मानना था कि सांप्रदायिकता और तानाशाही विरोधी कार्यसमूह, असुरक्षित समुदाय विषयक कार्यसमूह, बेरोजगारी और युवा कार्यसमूह, लोकतांत्रिक सुधार कार्य समूह, शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यसमूह, पर्यावरण और प्रकृतिजीवी कार्य समूह, , सहमना संवाद और सहयोग कार्य समूह बना कर चर्चा की गई।
अरुण मंथन ने बताया कि इस सहचिन्तन शिविर ने लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण के विविध आयामों और प्रश्नों पर विमर्श के साथ साथ चल रहे सहमना संघर्षों और अभियानों के साथ एकजुटता का भी संकल्प लिया है। लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान ने पश्चिमी चम्पारण के अनेक प्रखंडों के अनेक गांवों में भूमिहीनों और दलितों के न्यायसिद्ध भूमि संघर्ष तथा बोधगया भूमि मुक्ति संघर्ष के विस्तार क्षेत्र में वनाधिकार दावेदारियों के साथ समर्थन और सहयोग का रिश्ता रखने की जरूरत समझी है।सर्व सेवा संघ द्वारा राजघाट बनारस से राजघाट दिल्ली 2 अक्टूबर-15 नवम्बर,2025 पदयात्रा में लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान साथ रहेगा।
सभी सह भागियों ने माना कि यह ऐसा दौर है जहां हिन्दूनामी सांप्रदायिकता राज्यपोषित है। देश के शासन पर बैठी भाजपा और उसकी मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संविधान और लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है। नागरिक अधिकारों, संघात्मक संरचना और संवैधानिक संस्थानों और कानून के शासन को नष्ट कर एकतंत्रात्मक निरंकुशता स्थापित की जा रही है। मुसलमानों को निशाना बनाकर हमले किए जा रहे हैं। स्वतंत्र मिजाज भारतीयों की अभिव्यक्ति पर चोट हो रही है। चुनाव आयुक्तों की बहाली और चुनाव प्रक्रिया को विकृत कर वास्तविक जनमत को बदला जा रहा है। दलित , आदिवासी, स्त्री, थर्ड सेक्स जैसे सारे आक्रमण ग्रस्त समूहों पर हमले ज्यादा तीखे हो रहे हैं। विविधताओं को नामंजूर किया जा रहा है। गैरबराबरी और बेरोजगारी अभूतपूर्व रफ्तार से बढ़ रही है। शिक्षा, इलाज और आरक्षण के अवसर छीने जा रहे हैं।
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान मानवता के खिलाफ चल रही इन्हीं साजिशों का मुकाबला करने के लक्ष्य से बना है । अब तक अपनी ताकत भर लड़ा है और अब सहचिन्तन से बनी ज्यादा सचेतनता और सामूहिकता से समानता, स्वतंत्रता और विविधता आधारित भारत गढ़ने के लिए बढ़ता रहेगा।
सहचिन्तन शिविर में उपस्थिति : आनंद कुमार (गोवा) 2.ईश्वर अहिरे 3.जयंत दिवाण 4.ज्ञानेंद्र कुमार 5.कल्याण साखरकर 6.गोविंद चौहान 7.वासंती दिघे 8.जीजा राठौड़ 9.संध्या एदलाबादकर 10.क्षितिज यामिनी श्याम (महाराष्ट्र) 11.किशोर दास उड़ीसा 12.अनंता पांडा (ओडिशा ) 13.अरविंद अंजुम ,बनारस 14.निधि अरविंद 15.एलीना हीरो 16.पी एम टोनी 17.किरण निशांत 18.मंथन (झारखंड) 19.कारू 20.सुशील कुमार (बिहार) 21.रामधीरज 22.जागृति राही,
बनारस 23.विभूति विक्रम 24.सुषुम विक्रम 25.दिनेश प्रियमन 26.अशोक विश्वराय 27.आलोक सिंह 28.सत्यव्रत, लखनऊ 29. रामप्रकाश गौतम 30.अखिलेश (उत्तर प्रदेश) 31.दीपक ढोलकिया 32.शशि शेखर सिंह 33.हरीश 34.मणिमाला, दिल्ली 35. कुमारी चिन्मयी मंडल 36.संतप्रकाश (दिल्ली) 37.अशोक सोमल (हिमाचल प्रदेश) 38.रणधीर गौतम 39.उत्सव यादव (मध्य प्रदेश) 40.अम्बरीष मेहता (गुजरात) 41.सवाई सिंह 42.उपेंद्र शंकर 43.उमेश शर्मा 44.चिन्ना 45.नवीन फ्रांसिस 46.आशा पटेल 47. गोपाल मोदानी 48.सत्यनारायण राव 49.गोपाल शरण सभी जयपुर से।
1. परिचय एवं आत्मकथन - किरण एवं सुशील कुमार 2.लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण के राजनीतिक पहलू और सवाल- शशिशेखर, वासंती 3. लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण के आर्थिक सवाल और पहलू- जयंत, अशोक,
4. लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण के पर्यावरणीय पहलू और सवाल - दीपक धोलकिया, अशोक सोमल, मनीषा 5.लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण सामाजिक - सांस्कृतिक पहलू और सवाल -दिनेश प्रियमन, एलीना, ईश्वर अहिरे 6. शिक्षा ,स्वास्थ्य, सद्भाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 7.लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान की सांगठनिक दिशा - आनंद कुमार, ज्ञानेंद्र, आलोक, जागृति राही 8.नियमित गतिविधियों और विशिष्ट कार्यक्रमों या आयोजनों के प्रस्ताव 9.संगठन और कार्यक्रम सम्बन्धी निष्कर्ष और निर्णय - आनंद कुमार, मंथन, ज्ञानेंद्र, मनीषा बनर्जी, शशिशेखर सिंह, दीपक धोलकिया।
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