बाल विवाह निरस्त से ही नवजीवन की उन्मुक्त उड़ान संभव : डॉ.कृति भारती
० आशा पटेल ०
जोधपुर। सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ कृति भारती ने कहा कि सामाजिक कुप्रथा बाल विवाह असल में एक गंभीर बीमारी है और इसकी एकमात्र वैक्सीन बाल विवाह निरस्तीकरण है। बाल विवाह निरस्तीकरण से ही मासूम बच्चों के बाल विवाह की बेड़ियां तोड़ कर उन्हें एक नवजीवन एवं उन्मुक्त उड़ान दी जा सकती है। डॉ.कृति भारती नाथद्वारा में नेशनल लीगल सर्विस ऑथोरिटी और स्टेट लीगल सर्विस ऑथोरिटी के राज्य स्तरीय समारोह में बतौर रिसोर्स पर्सन स्पेशल प्रेजेंटेशन दे रही थी।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष बी आर गवई ने डॉ कृति भारती के बाल विवाह के खात्मे के साहसिक मिशन की मुक्तकंठ प्रशंसा की। जस्टिस गवई ने कहा कि डॉ.कृति ने बाल विवाह के मुद्दे पर शानदार प्रस्तुति दी है । वे हजारों बाल विवाहों को रोकने में सफल रही हैं और कई बाल विवाहों को निरस्त भी करवाया है। उनकी यात्रा भी सभी के लिए प्रेरणादायक होगी और इस बारे में कृति को नालसा और रालसा का पूरा साथ मिलेगा इसकी मुझे पूरी उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने भी डॉ कृति भारती के बाल विवाह उन्मूलन के कार्यों की भरसक प्रशंसा की ।उन्होंने कहा कि डॉ. कृति भारती बेटी बचाओ में सबसे अग्रणी रही है। वे बाल विवाह को रोकने और निरस्त करवाने की प्रणेता है। बाल विवाह एक बड़ी बुराई है, जिससे हमारा राज्य ग्रसित है। डॉ.कृति भारती ने योद्धा के रूप में अकेले ही आज तक 2100 बाल विवाह रोके हैं और 52 बाल विवाह निरस्त करवाए हैं। सम्मेलन में राजस्थान हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएम श्रीवास्तव, जस्टिस चंद्र शेखर, जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी, स्टेट मिनिस्टर ऑफ सोशल जस्टिस एंड लॉ अर्जुन राम मेघवाल, सहित सुप्रीमकोर्ट और हाइकोर्ट के 40 से अधिक न्यायाधीश मौजूद थे।
जोधपुर। सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ कृति भारती ने कहा कि सामाजिक कुप्रथा बाल विवाह असल में एक गंभीर बीमारी है और इसकी एकमात्र वैक्सीन बाल विवाह निरस्तीकरण है। बाल विवाह निरस्तीकरण से ही मासूम बच्चों के बाल विवाह की बेड़ियां तोड़ कर उन्हें एक नवजीवन एवं उन्मुक्त उड़ान दी जा सकती है। डॉ.कृति भारती नाथद्वारा में नेशनल लीगल सर्विस ऑथोरिटी और स्टेट लीगल सर्विस ऑथोरिटी के राज्य स्तरीय समारोह में बतौर रिसोर्स पर्सन स्पेशल प्रेजेंटेशन दे रही थी।
सम्मेलन में 40 से अधिक न्यायाधीश मौजूद रहे। इस अवसर पर नालसा की और से बाल विवाह रोकथाम आधारित आशा एसओपी भी जारी की गई। डॉ.कृति ने प्रेजेंटेशन में कहा कि यह बहुत जरूरी है कि पूरे देश में बाल विवाह निरस्तीकरण की बयार चले । जिससे बच्चों को बाल विवाह के शोषण से बचाया जा सके। डॉ कृति भारती ने बाल विवाह प्रतिषेध कानून की बारीकियां समझाते हुए कानून की शक्तियों के साथ कानून की कमियों पर भी चर्चा की।
बाल विवाह को केवल कुप्रथा ही नहीं समझा जाए, इसको अपराध के चश्मे से भी देखनी की आवश्यकता है। वहीं पीड़ितों की काउंसलिंग और पुनर्वास में आ रही समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही प्रशासन और न्यायालय की प्रक्रिया के दौरान आने वाली समस्याओं पर भी प्रकाश डालकर सभी समस्याओं के निराकरण को भी सुझाया। डॉ कृति ने कहा कि हमें ऐसे समेकित प्रयास करने चाहिए कि बाल विवाह केवल इतिहास की किताबों में समा जाए, और हम कहें वन्स अपॉन ए टाइम देयर वाज अ टाइम व्हेन चाइल्ड मैरिज हैपंस इन इंडिया।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष बी आर गवई ने डॉ कृति भारती के बाल विवाह के खात्मे के साहसिक मिशन की मुक्तकंठ प्रशंसा की। जस्टिस गवई ने कहा कि डॉ.कृति ने बाल विवाह के मुद्दे पर शानदार प्रस्तुति दी है । वे हजारों बाल विवाहों को रोकने में सफल रही हैं और कई बाल विवाहों को निरस्त भी करवाया है। उनकी यात्रा भी सभी के लिए प्रेरणादायक होगी और इस बारे में कृति को नालसा और रालसा का पूरा साथ मिलेगा इसकी मुझे पूरी उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने भी डॉ कृति भारती के बाल विवाह उन्मूलन के कार्यों की भरसक प्रशंसा की ।उन्होंने कहा कि डॉ. कृति भारती बेटी बचाओ में सबसे अग्रणी रही है। वे बाल विवाह को रोकने और निरस्त करवाने की प्रणेता है। बाल विवाह एक बड़ी बुराई है, जिससे हमारा राज्य ग्रसित है। डॉ.कृति भारती ने योद्धा के रूप में अकेले ही आज तक 2100 बाल विवाह रोके हैं और 52 बाल विवाह निरस्त करवाए हैं। सम्मेलन में राजस्थान हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएम श्रीवास्तव, जस्टिस चंद्र शेखर, जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी, स्टेट मिनिस्टर ऑफ सोशल जस्टिस एंड लॉ अर्जुन राम मेघवाल, सहित सुप्रीमकोर्ट और हाइकोर्ट के 40 से अधिक न्यायाधीश मौजूद थे।



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