एनआईएफ ग्लोबल जयपुर व कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट्स ने की धागा एक्सिबिशन

० आशा पटेल ० 
जयपुर | एनआईएफ ग्लोबल जयपुर व कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट्स ने किया एक तीन दिवसीय धागा एक्सिबिशन का आयोजन "धागा कल्चर 2025" परंपरा, प्रतिभा और परिवर्तन की एक फैशन पर केन्द्रित एक्सिबिशन का 25-27 अप्रैल तक एनआईएफ ग्लोबल कैंपस, मानसरोवर, जयपुर में हुए इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता थी फेशन स्टूडेंट्स द्वारा अभिनव प्रयास और फेशन इंडस्ट्री में विशेष इनोवेशन और कलात्मकता का प्रस्तुतीकरण| एनआईएफ ग्लोबल जयपुर और कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट्स ने धागा कल्चर 2025 प्रस्तुत किया, जयपुर मानसरोवर कैंपस में आयोजित की गई इस काएक्सिबिशन उद्घाटन पवन अरोड़ा, First India News के CEO और मैनेजिंग एडिटर द्वारा किया गया, जिनकी प्रेरक उपस्थिति ने इस फैशन पर्व को गरिमा प्रदान की।
गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में पधारीं मंजु शर्मा, Co-chairperson and Managing Director, EHCC, जिन्होंने इस कार्यक्रम को अपने प्रेरणादायक विचारों से समृद्ध किया। वहीं स्पेशियल गेस्ट के रूप में उपस्थित रहीं Ms. Neelam Mittal, President, Forti Women Wing, जिनकी उपस्थिति और समर्थन ने आयोजन में एक विशेष ऊर्जा का संचार किया। यह एक्सिबिशन में फैशन डिज़ाइन के छात्रों द्वारा छह महीने के गहन काम का प्रदर्शऩ था - प्रारंभिक रेखाचित्र और शोध से लेकर परिधान निर्माण, स्टाइलिंग और अब, सार्वजनिक प्रदर्शनी और बिक्री तक का सफ़र दिखा ।
इस वर्ष की एक्सिबिशन का विषय रहा “Back to the Roots”, जिसमें 14 आकर्षक संग्रहों के माध्यम से 11 विविध वैश्विक जनजातियों की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाया गया। मुख्य आकर्षणों में शामिल रहे: वैश्विक प्रेरणा की एक समृद्ध tapestry, जिसमें गुजरात की Iconic Mirror Work के साथ Rabari वस्त्र और ज्वेलरी , पूर्वोत्तर भारत की बोल्ड नगा बुनाई को दर्शाता कोहिमा और उत्तरी अफ्रीका के Tuaregs जनजातियों की इंडिगो से रंगी मरुस्थलीय पोशाकों को समर्पित संग्रह दर्शकों को लुभा रहा था ।
Afro Amandla ने जीवंत अफ्रीकी Beadwork और Silhouettes को दर्शाया, Rainforest Rhythm ने अमेज़न जनजातीय बनावटों से प्रेरणा ली, और Inking the Soul ने कपड़ों पर जनजातीय टैटू की कहानी को चित्रित किया। इसके अलावा प्रदर्शिनी में Japan, Spain के Basque Espana, the Native Navajo, Aboriginal ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के Maasai से भी सांस्कृतिक कथाओं को फिर से परिभाषित किया गया।
प्रत्येक संग्रह समकालीन फैशन के साथ विरासत को जोड़ता हुआ प्रतीत हुआ।धागा कल्चर सिर्फ एक एक्सिबिशन नहीं बल्की यह शिक्षा को पूर्ण रूप देने का एक स्त्रोत बना, यह कार्यक्रम फैशन डिज़ाइन के छात्रों के फैशन के जीवनचक्र में एक संपूर्ण प्रेक्टिकल अनुभव देने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
डिज़ाइन की अवधारणा से लेकर, परिधानों का निर्माण और फिर उन्हें प्रदर्शित करने और बेचने तक, इस एक्सिबिशन का उद्देश्य कक्षा सिद्धांत और वास्तविक दुनिया के फैशन उद्योग के बीच के अंतर को समाप्त करना रहा । उपस्थित जनो और इक्छुक ग्राहकों के साथ सीधी बात चीत कर स्टूडेंट्स क्लाइंट कम्युनिकेशन, ब्रांड प्रेजेंटेशन और प्रोफेशनल सेल्स मे कौशल सीखते देखे गए ।

nif के एम डी अभिषेक पोद्दार ने बताया कि NIF Global जयपुर , कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट्स (KPI) समूह का हिस्सा है, जो न्यूयॉर्क की expertise , लंदन के innovation और भारत की जीवंत रचनात्मकता के साथ खड़ा है। Kamla Poddar Institutes अब अपने 27वें वर्ष में प्रवेश कर चूका है, जिसने 30,000 से अधिक छात्रों के करियर की यात्रा को बेहतर तरीके से बढ़ावा दिया है। Fashion Design, Interior Design,textile Design, Management and Beauty Education में अत्याधुनिक कार्यक्रमों और मजबूत उद्योग भागीदारी के साथ, NIF Global Jaipur आत्मविश्वास से भरे, उद्योग के लिए Professionals को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। फेशन आइकोन अनन्या पांडे संस्थान की यूथ आइकोन हैं व गौरी खान, मनीष मल्होत्रा, ट्विंकल खन्ना और एशले रेबेलो जैसे दिग्गजों से भी मार्गदर्शन मिलता है।

कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट्स की संस्थापक और अध्यक्ष कमला पोद्दार ने बताया कि “हर सिलाई, हर सिल्हूट, प्रतिबद्धता की कहानी बयां करता है। हमें धागा जैसे प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करने पर गर्व है जो परंपरा को नवाचार के साथ जोड़ते हुए छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।”कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट्स के निदेशक रोमा और अभिषेक पोद्दार ने कहा “फ़ैशन सिर्फ़ कपड़ों से कहीं ज़्यादा है - यह कहानी, प्रभाव और व्यवसाय है। धागा कल्चर हमारे छात्रों को फ़ैशन के ज़रिए सृजन, जुड़ाव और संवाद करना सिखाता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

महामना मालवीय मिशन,जयपुर द्वारा मालवीय जयंती मनाई

कृष्ण चंद्र सहाय स्मृति समारोह : सवाई सिंह को सहाय स्मृति सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार कानाराम कड़वा और कमलेश गोयल को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रोड रेस की शुरुआत

एमएनआईटी जयपुर एल्युमिनी एसोसिएशन ने किया गोल्डन जुबली व सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों का सम्मान