जीआईटीएएम यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु ने लॉन्च किया रोबोटिक्स और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

० संवाददाता द्वारा ० 
बेंगलुरु : जीआईटीएएम यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया और सिरेना टेक्नोलॉजीज द्वारा एक अत्याधुनिक R&D सेंटर की शुरुआत की, जो कि कैंपस में स्थापित होने वाला पहला कॉर्पोरेट साझेदार है। यह इंडस्ट्री और अकादमिक क्षेत्र के बीच प्रभावशाली भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे जीआईटीएएम शोध, नवाचार और भविष्य-केंद्रित शिक्षा में अग्रणी संस्था के रूप में उभर रही है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोलिन्स एयरोस्पेस के वाइस-प्रेसिडेंट इंजीनियरिंग सव्यसाची के. श्रीनिवास उपस्थित थे। जीआईटीएएम यूनिवर्सिटी की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा को ऐसे प्लेटफॉर्म की आवश्यकता है जहाँ वे अकादमिक शिक्षा से वास्तविक नवाचार तक की यात्रा तय कर सकें। ऐसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भविष्य में एयरोस्पेस और एआई में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में सहायक होंगे।”

समारोह में जीआईटीएएम यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एरोल डी'सूजा ने कहा, “सिरेना टेक्नोलॉजीज के साथ हमारा सहयोग जीआईटीएएम की प्रायोगिक और बहुविषयक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम मिलकर एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं जिसमें छात्र वास्तविक नवाचारों से जुड़ते हैं और उभरते हुए उद्योगों में नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनते हैं।” प्रो. केएनएस आचार्य, प्रो वाइस चांसलर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “हमारे पहले कॉर्पोरेट सहयोगी के रूप में बेंगलुरु कैंपस में सिरेना टेक्नोलॉजीज का स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह तो केवल शुरुआत है, भविष्य में और भी कई साझेदारियाँ होंगी।”

 जीआईटीएएम यूनिवर्सिटी का रोबोटिक्स और एआई प्रोग्राम अपने दूरदर्शी और बहुविषयक पाठ्यक्रम के लिए पहले ही सराहना प्राप्त कर चुका है। नव-उद्घाटित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उन्नत प्रयोगशालाएँ हैं जो पहले वर्ष से अंतिम सेमेस्टर तक व्यावहारिक शिक्षा को समर्थन प्रदान करती हैं। वैश्विक रोबोटिक्स और एआई मार्केट के 2030 तक $500 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है, जो कि एयरोस्पेस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी क्षेत्रों में उपयोग से प्रेरित होगा। जीआईटीएएम यूनिवर्सिटी के यह रणनीतिक निवेश उभरते उद्योग की माँगों के अनुरूप हैं और उद्देश्य है कि छात्र उद्योग के लिए पूरी तरह से तैयार और रोजगारयोग्य बनें।

प्रो. बसवराज के, एसोसिएट डीन - कोर इंजीनियरिंग एवं जीआईटीएएम स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु के निदेशक ने कहा, “हमें खुशी है कि कोर इंजीनियरिंग एक बार फिर गति पकड़ रही है। एआई और रोबोटिक्स को मूलभूत इंजीनियरिंग के साथ एकीकृत करना छात्रों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहा है।” कार्यक्रम का समापन कोलिन्स एयरोस्पेस द्वारा एक विशेषज्ञ सत्र के साथ हुआ जिसमें एयरोस्पेस नवाचारों पर चर्चा की गई, साथ ही इंटर्नशिप ऑफर वितरित किए गए और लैब विज़िट भी आयोजित की गईं।

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