ओडिशा को पेट्रोकेमिकल और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में मज़बूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में MoUs पर हस्ताक्षर
० योगेश भट्ट ०
नई दिल्ली : ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी दो दिवसीय दिल्ली यात्रा राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के साथ संपन्न हुई। इस दौरान हुई रणनीतिक साझेदारियाँ और समझौते ओडिशा को पेट्रोकेमिकल और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एक मज़बूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। ओडिशा सरकार ने नई दिल्ली में देश के अग्रणी औद्योगिक समूहों के साथ कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण समझौता इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ ओडिशा में डुअल-फीड नेफ्था क्रैकर परियोजना स्थापित करने हेतु किया गया,
IOCL के अलावा, इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व्स लिमिटेड (ISPRL) और पेट्रोनैट LNG के साथ भी अहम समझौते किए गए, जो राज्य के लिए एक रणनीतिक औद्योगिक स्थिति को दर्शाते हैं। कुल 13 MoUs पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका कुल निवेश मूल्य ₹1,03,090 करोड़ है और जिनसे लगभग 95,915 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
नई दिल्ली : ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी दो दिवसीय दिल्ली यात्रा राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के साथ संपन्न हुई। इस दौरान हुई रणनीतिक साझेदारियाँ और समझौते ओडिशा को पेट्रोकेमिकल और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एक मज़बूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। ओडिशा सरकार ने नई दिल्ली में देश के अग्रणी औद्योगिक समूहों के साथ कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण समझौता इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ ओडिशा में डुअल-फीड नेफ्था क्रैकर परियोजना स्थापित करने हेतु किया गया,
जिसकी अनुमानित लागत ₹103090 करोड़ है। यह परियोजना लगभग 95,915 नौकरियों का सृजन करेगी और राज्य की पेट्रोकेमिकल क्षमता एवं विनिर्माण अवसंरचना को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ किया गया MoU ओडिशा की औद्योगिक यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण है। यह हमारे साझा दृष्टिकोण और ओडिशा की क्षमता में विश्वास का प्रतीक है। परादीप, अपनी रणनीतिक स्थिति और उन्नत अवसंरचना के साथ, पश्चिम के दहेज की तरह एक परिवर्तनकारी औद्योगिक केंद्र बनने को तैयार है।
ओडिशा के मुख्य सचिव मनोज आहूजा, IOCL के चेयरमैन ए.एस. सहनी ने संबोधित किया। रासायनिक क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर एक वीडियो और उद्योग एवं MSME के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा द्वारा प्रस्तुतिकरण ने ओडिशा की औद्योगिक विकास रणनीति को प्रस्तुत किया। IOCL के साथ डुअल-फीड नेफ्था क्रैकर परियोजना हेतु हुए समझौते को कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण माना गया। इस ऐतिहासिक समझौते के अंतर्गत ₹58,042 करोड़ के निवेश के साथ 24,000 रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
IOCL के अलावा, इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व्स लिमिटेड (ISPRL) और पेट्रोनैट LNG के साथ भी अहम समझौते किए गए, जो राज्य के लिए एक रणनीतिक औद्योगिक स्थिति को दर्शाते हैं। कुल 13 MoUs पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका कुल निवेश मूल्य ₹1,03,090 करोड़ है और जिनसे लगभग 95,915 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
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