सीएसयू के छात्र छात्राएं रोलिखोली के 12000 फीट की ऊंचाई की ट्रेकिंग के लिए रवाना
० योगेश भट्ट ०
नयी दिल्ली : केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने सीएसयू , गीर्वाणभारती, संस्कृतभारती, यूथ हॉस्टेल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्त्वावधान में हिमालय की पर्वत-श्रृंखलाओं में संस्कृत ध्वजारोहण दल को यह यात्रा ऐतिहासिक बताते कहा है कि हिमालय के कुल्लू मंडल के रोलिखोली 12000 फीट की ऊंचाई का यह साहसिक अभियान भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की धरोहर है
इस ट्रैकिंग अभियान में सीएसयू के सभी परिसरों के 48 छात्र छात्राएं और 02 मार्गदर्शक भी जा रहे हैं दल का नेतृत्व तरुणोदय संस्कृत संस्थान, शिवमोगा, कर्नाटक के विजेंदर राव कर कर रहे हैं तथा डा योगेन्द्र दीक्षित असिस्टेंट प्रो ,सीएसयू दिल्ली इसके संयोजक बनाये गये हैं । दल के सभी सदस्य शिओबाग बेस कैंप कुल्लू से 12000 फीट राओरी खोली बेस कैंप तक जाएंगे जो 8 दिवसीय यात्रा है और शिओ बाग़ बेस कैंप कुल्लू से प्रारम्भ होकर सेठन गांव, कुकी नाला शिविर आदि को पहुंचेगे । लामदो, सुरतू नाला ,देव टिब्बा तथा जाबरी नाला आदि जगहों को पार करते होते हुए राओरी खोली बेस कैंप पर पहुँचेगे।
25 मई को शिओ बाग़ बेस कैंप कुल्लू से प्रारम्भ होकर सेठन गांव, कुकी नाला शिविर पड़ाव करेगी। उसके बाद लामदो, सुरतू नाला ,देव टिब्बा,जाबरी नाला होते हुए राओरी खोली बेस कैंप पर पहुँचेगी। 50 प्रतिभागी ट्रैकिंग के लिए जा रहें हैं । कुल सचिव प्रो आर जी मुरली कृष्ण ने इस ट्रेकिंग अभियान के सदस्यों को विदा करते हुए शुभकामनाएं दी और कहा कि वस्तुत: यह यात्रा विशेष कर छात्र छात्राओं के बीच राष्ट्रगौरव तथा आत्मविश्वास को जागृत करने में बहुत ही सार्थक हो सकती है ।
इस ट्रेकिंग अभियान के ध्वजारोहण के अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी ,प्रो मदन मोहन झा ,प्रो कुलदीप शर्मा, प्रो मधुकेश्वर भट्ट, प्रो गणेश टी पण्डित, प्रो नारायण सिम्हा आर एल , प्रो लीना सक्करवाल,डॉ अमृता कौर तथा डॉ डी दयानाथ आदि उपस्थित रहें। प्रो मदन मोहन झा ,अधिष्ठाता, छात्र कल्याण/शैक्षणिक ने कहा है कि इस तरह के आयोजन से छात्र छात्राओं के ज्ञान के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण सहायता मिलेगी । इससे संस्कृत भाषा का संबर्धन तथा प्रचार प्रसार भी होगा ।
नयी दिल्ली : केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने सीएसयू , गीर्वाणभारती, संस्कृतभारती, यूथ हॉस्टेल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्त्वावधान में हिमालय की पर्वत-श्रृंखलाओं में संस्कृत ध्वजारोहण दल को यह यात्रा ऐतिहासिक बताते कहा है कि हिमालय के कुल्लू मंडल के रोलिखोली 12000 फीट की ऊंचाई का यह साहसिक अभियान भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की धरोहर है
अपने केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा सांस्कृतिक जागरण के साथ राष्ट्रवाद की भावना को स्वरित करते हुए अपनी माटी अपना देश की भावन को प्रखरित करते हुए संस्कृत भाषा को और अधिक जन मानस तक संचार करते हुए इस यात्रा के क्रम में भारतीय प्राकृतिक सुषमा का दिग्दर्शन भी करेंगे और अपनी यात्रा के माध्यम से सीएसयू की आवाज भी बनेंगे। संस्कृत का माहात्म्य देश के एकातात्मक तथा सांस्कृतिक महत्त्व की बातें भी दूरस्थ भूभागों में पहुंच सकेगी । इसका कारण यह भी है कि इस अभियान का लक्ष्य -"हिमालयस्य शिखरे शिखरे संस्कृतम्, भारतस्य गेहे गेहे संस्कृतम्" के संकल्प को और अधिक जीवन्त करना भी है
इस ट्रैकिंग अभियान में सीएसयू के सभी परिसरों के 48 छात्र छात्राएं और 02 मार्गदर्शक भी जा रहे हैं दल का नेतृत्व तरुणोदय संस्कृत संस्थान, शिवमोगा, कर्नाटक के विजेंदर राव कर कर रहे हैं तथा डा योगेन्द्र दीक्षित असिस्टेंट प्रो ,सीएसयू दिल्ली इसके संयोजक बनाये गये हैं । दल के सभी सदस्य शिओबाग बेस कैंप कुल्लू से 12000 फीट राओरी खोली बेस कैंप तक जाएंगे जो 8 दिवसीय यात्रा है और शिओ बाग़ बेस कैंप कुल्लू से प्रारम्भ होकर सेठन गांव, कुकी नाला शिविर आदि को पहुंचेगे । लामदो, सुरतू नाला ,देव टिब्बा तथा जाबरी नाला आदि जगहों को पार करते होते हुए राओरी खोली बेस कैंप पर पहुँचेगे।
25 मई को शिओ बाग़ बेस कैंप कुल्लू से प्रारम्भ होकर सेठन गांव, कुकी नाला शिविर पड़ाव करेगी। उसके बाद लामदो, सुरतू नाला ,देव टिब्बा,जाबरी नाला होते हुए राओरी खोली बेस कैंप पर पहुँचेगी। 50 प्रतिभागी ट्रैकिंग के लिए जा रहें हैं । कुल सचिव प्रो आर जी मुरली कृष्ण ने इस ट्रेकिंग अभियान के सदस्यों को विदा करते हुए शुभकामनाएं दी और कहा कि वस्तुत: यह यात्रा विशेष कर छात्र छात्राओं के बीच राष्ट्रगौरव तथा आत्मविश्वास को जागृत करने में बहुत ही सार्थक हो सकती है ।
इस ट्रेकिंग अभियान के ध्वजारोहण के अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी ,प्रो मदन मोहन झा ,प्रो कुलदीप शर्मा, प्रो मधुकेश्वर भट्ट, प्रो गणेश टी पण्डित, प्रो नारायण सिम्हा आर एल , प्रो लीना सक्करवाल,डॉ अमृता कौर तथा डॉ डी दयानाथ आदि उपस्थित रहें। प्रो मदन मोहन झा ,अधिष्ठाता, छात्र कल्याण/शैक्षणिक ने कहा है कि इस तरह के आयोजन से छात्र छात्राओं के ज्ञान के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण सहायता मिलेगी । इससे संस्कृत भाषा का संबर्धन तथा प्रचार प्रसार भी होगा ।
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