रैपिडो के माध्यम से प्रतिदिन हो रही हैं 4 मिलियन राईड

० नूरुद्दीन अंसारी ० 
बैंगलोर - रैपिडो के माध्यम से 24 मई को एक दिन में 4 मिलियन राईड पूरी हुईं। यह बड़ी कामयाबी देश में मोबिलिटी और आजीविका निर्माण में रैपिडो के योगदान को प्रदर्शित करती है। इसके साथ ही, ऑर्डर के मामले में भारत में सबसे बड़े कंज़्यूमर ऐप और देश में सबसे बड़े जॉब एग्रीगेटर के रूप में रैपिडो की स्थिति मजबूत हुई है। 
देश के 250 से अधिक शहरों में संचालित, रैपिडो ने सदैव मोबिलिटी की चुनौतियों को हल करने के लिए स्केलेबल और इनोवेटिव समाधान पेश किए हैं। अपने सब्सक्रिप्शन-एज़-ए-सर्विस (एसएएएस) मॉडल के माध्यम से रैपिडो ने 9 मिलियन से अधिक लोगों के लिए आजीविका के अवसरों का सृजन किया तथा अपने कैप्टंस की आय में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि की। इन समाधानों से परिवहन के विकास एवं सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने की रैपिडो की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती हैं।

इस अवसर पर पवन गुंटुपल्ली, को-फाउंडर, रैपिडो ने कहा, ‘‘रैपिडो में हमने एक उल्लेखनीय सफर तय किया है। हमारी टीम के समर्पण और कड़ी मेहनत के बूते हम यहाँ तक पहुँचे हैं। बैंगलोर में शुरू हुए कर्नाटक के एक घरेलू ब्रांड से लेकर यहाँ तक की लंबी दूरी तय करके हमें बहुत संतोष मिल रहा है। जहाँ हमें अपनी उत्पत्ति पर गर्व है, वहीं हम पूरे देश के लोगों को सेवाएं देने पर केंद्रित हैं। हम आगे भी कई उपलब्धियाँ हासिल करने के लिए आशान्वित हैं।’’ इसके साथ ही रैपिडो परिवहन को ज्यादा सुलभ, किफायती, और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रतिबद्ध भी है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार के विरोध में IFWJ का ‘हल्ला बोल’ धरना

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

आर्च कॉलेज ऑफ डिज़ाइन का 26वाँ स्थापना दिवस : वूमेन शिल्पियों को एक्सीलेंस अवार्ड