फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर द्वारा पेरेंटिंग पर हुई वात्सल्य वर्कशॉप
० आशा पटेल ०
जयपुर । फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर ने अध्यक्षा डॉ. रिम्मी शेखावत के नेतृत्व में एक पेरेंटिंग वर्कशॉप "फ्लो वात्सल्य – साथ मिलकर करें पालन-पोषण" का आयोजन किया। यह वर्कशॉप इस विचार पर केंद्रित रही कि पालन-पोषण अकेले का कार्य नहीं, बल्कि एक साझा ज़िम्मेदारी है, जहां माता-पिता मिलकर एक बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास में बराबर की भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन पेरेंटिंग को एक व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक यात्रा मानने का संदेश देने वाला था।इस सत्र की जानी-मानी पेरेंटिंग विशेषज्ञ मानसी ज़वेरी ने ,जो Kidsstoppress की संस्थापक भी हैं। उन्होंने अपने अनुभवों, व्यावहारिक सुझावों और विचारोत्तेजक दृष्टिकोण से उपस्थित फिक्की फ्लो मेंबर्स को एक नई दिशा दी। कार्यक्रम की शुरुआत मॉडरेटर द्वारा भाषण से हुई, जिसके बाद मानसी ज़वेरी का सम्मान किया गया। इस अवसर पर डॉ. रिम्मी शेखावत ने अपने संबोधन में जागरूक पेरेंटिंग की महत्ता पर बल दिया और दो प्रमुख पहलों की घोषणा की — फ्लो रुधिर, एक रक्तदान शिविर जो 19 मई को आयोजित किया जाएगा, और बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ पहल का शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मानसी ज़वेरी ने आधुनिक पेरेंटिंग की चुनौतियों, समाधान और अपने निजी अनुभव साझा किए। फ्लो सदस्यों और आमंत्रित अतिथियों ने वर्कशॉप में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जागरूक और सहयोगी पेरेंटिंग की दिशा में एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। सत्र में अर्चिता मौर्य और Shrewsbury International School के संस्थापक प्रधानाचार्य डॉमिनिक टॉमलिन ने शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम नवाचारों और वैश्विक मानकों पर प्रस्तुतीकरण दिया, जिसे फ्लो मेंबर्स ने सराहा।
फ्लो वात्सल्य की सफलता ने यह साबित कर दिया कि जब समुदाय एकजुट होकर पेरेंटिंग जैसे संवेदनशील विषयों पर संवाद करता है, तो वह एक ऐसा वातावरण निर्मित करता है जिसमें माता-पिता और बच्चे दोनों स्वस्थ, सशक्त और खुशहाल रूप से विकसित हो सकते हैं।
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