शतरंज और रम्मी जैसे खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं,ये संज्ञानात्मक व्यायाम हैं - कपिल देव

० आनंद चौधरी ० 
नई दिल्ली, क्रिकेटर कपिल देव ने पारंपरिक भारतीय खेलों के मानसिक विकास में महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “शतरंज और रम्मी जैसे खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं, ये संज्ञानात्मक व्यायाम हैं जो स्मृति बढ़ाते हैं, तनाव कम करते हैं और मानसिक दृढ़ता विकसित करते हैं।” स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन (SOGF) द्वारा कौशल-आधारित माइंड स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन गुरुग्राम में हुआ, जिसमें भारतीय क्रिकेट के दिग्गज कपिल देव ने भारत में माइंड स्पोर्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता की सराहना करते हुए कहा।
स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन द्वारा आयोजित ग्रैंडमास्टर्स सीरीज़ चैंपियनशिप में, देश भर से डेढ़ लाख से अधिक प्रतिभागियों के रजिस्ट्रेशन के साथ, दो दिवसीय इस आयोजन ने शतरंज, ब्लाइंड शतरंज और रम्मी में शीर्ष प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान किया, जो भारत के कौशल-आधारित गेमिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस कार्यक्रम में हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम, कुश्ती गुरु सतपाल सिंह, हॉकी लीजेंड अशोक ध्यानचंद, विश्व रैंकिंग में नंबर पांच पर काबिज सुश्री कोनेरु हम्पी और इंटरनेशनल माइंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सीईओ जेफ्री बोर्ग जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी शिरकत की ।
इस टूर्नामेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष तीन विजेताओं में, इंडियन चेस मास्टर्स के पुरुष वर्ग में मितराभा गुहा विजेता रहे, जबकि नमितबीर सिंह वालिया प्रथम उपविजेता और गोपाल कृष्ण महेश्वरी द्वितीय उपविजेता बने। महिला वर्ग में शुभी गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, साची जैन प्रथम उपविजेता और दिया चौधरी द्वितीय उपविजेता रहीं। इंडियन चेस मास्टर्स फॉर ब्लाइंड के ईस्ट ज़ोन में सौंदर्य कुमार प्रधान विजेता बने, शौगत चौधरी प्रथम उपविजेता और पत्रा सुभेंदु कुमार द्वितीय उपविजेता रहे, वहीं नॉर्थ ज़ोन में सत्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, सौमेंद्र प्रथम उपविजेता और मयंक द्वितीय उपविजेता रहे। 

इंडियन रम्मी ग्रैंडमास्टर - नॉर्थ एवं ईस्ट ज़ोन में राकेश कुमार विजेता बने, सचिन प्रथम उपविजेता और रवि कुमार द्वितीय उपविजेता रहे। पुरस्कार वितरण हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम और कपिल देव ने किया। विजेताओं को शील्ड, प्रशस्ति पत्र एवं मेजर ध्यानचंद स्कॉलरशिप प्रदान किए गए। विश्व रैंकिंग में नंबर पांच पर काबिज सुश्री कोनेरु हम्पी ने भारत के वैश्विक शतरंज में भविष्य को लेकर आशावाद जताया। उन्होंने कहा, “हम एक स्वर्णिम युग देख रहे हैं। वर्ल्ड चैंपियन गुकेश और अन्य शीर्ष 10 खिलाड़ियों के साथ, भारत का शतरंज में भविष्य पहले से कहीं अधिक उज्ज्वल है।”

स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन के संस्थापक नंदन कुमार झा ने व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा, “यह चैंपियनशिप भारत में माइंड स्पोर्ट्स के प्रति बढ़ती रुचि का प्रमाण है। जेन - जेड द्वारा प्रेरित और डिजिटल परिवर्तन से सशक्त, भारत में ईस्पोर्ट्स में 2020 से 2023 के बीच खिलाड़ियों की संख्या में 733% और टीमों में 108% की वृद्धि हुई है। SOGF में हमारा उद्देश्य इन खेलों को एक गंभीर, कौशल-आधारित अनुशासन के रूप में औपचारिक रूप देना और बढ़ावा देना है।”

स्किलहब ऑनलाइन गेम्स ग्रैंडमास्टर्स सीरीज़ भौतिक और डिजिटल (फिजिटल) प्रारूपों को मिलाकर सभी के लिए पहुंच, समानता और राष्ट्रीय पहचान सुनिश्चित करता है। भारत के खेल बाजार के 2030 तक 130 अरब डॉलर तक पहुंचने के अनुमान के साथ, स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रही हैं जहाँ संज्ञानात्मक उत्कृष्टता को शारीरिक कौशल के साथ समान रूप से सम्मानित किया जाएगा।

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