मीडिया को युवा पीढ़ी को तम्बाकू से बचाने का प्रयास करना चाहिए : डॉ.रमेश गांधी
० आशा पटेल ०
जयपुर | राजस्थान तम्बाकू मुक्त अलायंस द्वारा राज्य स्तरीय मीडिया आमुखीकरण का आयोजन किया गया | अलायंस के अध्यक्ष डॉ.रमेश गांधी ने कहा की इस वर्ष 31 मई 2025 विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की थीम डबल्यू.एच.ओ. द्वारा "आकर्षण का पर्दाफाश करें – स्वाद, योजकों, विपणन रणनीतियों और धोखाधड़ी पूर्ण उत्पादों के माध्यम से तंबाकू उद्योग के षड्यंत्र को उजागर करें" रखी गई हैं। मीडिया को इस थीम के अनुसार युवा पीढ़ी को तम्बाकू से बचाने का प्रयास करना चाहिए.|
जयपुर | राजस्थान तम्बाकू मुक्त अलायंस द्वारा राज्य स्तरीय मीडिया आमुखीकरण का आयोजन किया गया | अलायंस के अध्यक्ष डॉ.रमेश गांधी ने कहा की इस वर्ष 31 मई 2025 विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की थीम डबल्यू.एच.ओ. द्वारा "आकर्षण का पर्दाफाश करें – स्वाद, योजकों, विपणन रणनीतियों और धोखाधड़ी पूर्ण उत्पादों के माध्यम से तंबाकू उद्योग के षड्यंत्र को उजागर करें" रखी गई हैं। मीडिया को इस थीम के अनुसार युवा पीढ़ी को तम्बाकू से बचाने का प्रयास करना चाहिए.|
डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा की युवाओं को तंबाकू से ‘ना’ कहने के लिए सशक्त बनाएं और वर्तमान उपयोगकर्ताओं को छोड़ने के लिए प्रेरित करें | भारत में युवाओं की जनसंख्या देश की सबसे बड़ी शक्ति है, लेकिन तंबाकू उद्योग इसी शक्ति को अपने सबसे बड़े उपभोक्ता वर्ग में बदलने की कोशिश कर रहा है। किशोर और युवा मस्तिष्क नई चीज़ों को अपनाने के लिए संवेदनशील होता है और यही तंबाकू उद्योग का निशाना होता है।
कार्यशाला मे गाँधीवादी कार्यकर्ता धर्मवीर कटेवा ने कहा की तंबाकू और निकोटिन उत्पादों की वाणिज्यिक बिक्री पर रोक लगाने के लिए स्वतंत्र नीति की मांग को मजबूती दें , भारत में तंबाकू और निकोटिन उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री पर नियंत्रण के लिए समय की मांग है कि सरकार एक स्पष्ट, स्वतंत्र और कठोर नीति बनाए जो इन उत्पादों की वाणिज्यिक बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में हो। इसका कार्यान्वयन बहु-आयामी और प्रभावशाली हो।
अलायंस के समन्वयक राजन चौधरी ने जोर देकर कहा कि सरोगेट विज्ञापन पर रोक लगाएं ; COTPA अधिनियम में संशोधन एवं कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें , तंबाकू उद्योग लंबे समय से सरोगेट विज्ञापन की आड़ में तंबाकू उत्पादों का प्रचार कर रहा है। सरोगेट विज्ञापन वह प्रक्रिया है जिसमें तंबाकू कंपनियाँ अपने उत्पादों से मिलते-जुलते गैर-नियंत्रित उत्पादों ( जैसे पान मसाला, इत्र, माउथ फ्रेशनर, फिल्म प्रोडक्शन हाउस आदि ) के माध्यम से ब्रांड की पहचान बनाए रखती हैं।
यह एक छिपा हुआ प्रचार होता है जो उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है और ब्रांड को याद रखने के लिए प्रेरित करता है। इसका उपयोग युवाओं को आकर्षित करने के लिए किया जाता है, जिससे वे अंततः उसी ब्रांड के तंबाकू उत्पाद की ओर बढ़ें।इसलिए अब आवश्यकता है कि कोटपा अधिनियम में संशोधन किया जाए| अंत मे अलायंस के प्रतिनिधि डॉ ओम प्रकाश कुल्हरी ने सभी का आभार व्यक्त किया |
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