फील गुड विद फियामा’ मेंटली वेलफेयर सर्वे ने थेरेपी को अपनाने में समुदाय के प्रभाव को दर्शाया
मुंबई : मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह के अवसर पर, ITC फियामा द्वारा NielsenIQ के साथ मिलकर किया गया 'फील गुड विद फियामा' मानसिक कल्याण सर्वेक्षण 2024 यह दर्शाता है कि GenZ और मिलेनियल्स तनाव को कैसे समझते और उससे निपटते हैं। यह सर्वेक्षण युवाओं के दृष्टिकोण, व्यवहार और तनाव कम करने के तरीकों पर प्रकाश डालता है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सामाजिक कलंक टूटता दिख रहा है और सामुदायिक स्तर पर खुशी और संतुलन को प्राथमिकता दी जा रही है।
समीर सतपथी, डिविज़नल चीफ एग्जीक्यूटिव, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बिज़नेस, ITC लिमिटेड ने कहा :
“‘फील गुड विद फियामा’ मानसिक कल्याण सर्वेक्षण भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सोच में महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। आज, वेलनेस केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि एक सामूहिक अनुभव बन गया है, जहाँ करीबी रिश्ते और सामाजिक नेटवर्क माइंडफुलनेस, इमोशनल रेज़िलिएंस और थेरेपी जैसे विषयों पर खुली बातचीत को बढ़ावा दे रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य एक साझी यात्रा है।
सारा अली खान, ब्रांड एम्बेसडर, ITC फियामा ने कहा : “यह देखकर बेहद प्रेरणा मिलती है कि लोग अब मानसिक स्वास्थ्य को सामुदायिक रूप में महत्व दे रहे हैं। ‘फील गुड विद फियामा’ जैसे सर्वेक्षण थेरेपी पर केंद्रित संवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, जो बेहद ज़रूरी है। अब तनाव को अकेले झेलने की आवश्यकता नहीं है—चाहे वह थेरेपी हो, योग हो, या म्यूजिक सुननाअब सामूहिक सेल्फ-केयर की संस्कृति बन रही है जहाँ थेरेपी पर बात करना वर्जित नहीं रहा।”ITC फियामा ने The MINDS Foundation के साथ मिलकर पहला वर्चुअल क्लिनिक लॉन्च किया है, जो किफायती दाम पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। यह क्लिनिक लोगों को लाइसेंस प्राप्त प्रोफेशनल्स से गोपनीय और बिना किसी कलंक के सलाह, थेरेपी और काउंसलिंग प्राप्त करने की सुविधा देता है।
यह बदलती सोच युवाओं को मानसिक सीमाएं तय करने और अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित कर रही है। 85% GenZ उत्तरदाता मानते हैं कि उनके मित्र थेरेपी में उनका समर्थन करेंगे, जो यह दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुली बातचीत का चलन बढ़ रहा है। अब यह कोई छुपा हुआ विषय नहीं रहा—90% GenZ उत्तरदाता योग (29%), ध्यान (31%) और एक्सरसाइज (30%) जैसे वेलनेस प्रैक्टिसेज़ को अपनाकर मानसिक संतुलन बनाए रखते हैं। वहीं, 36% लोग म्यूजिक को अपने मूड को बेहतर बनाने के लिए अपनाते हैं।
समीर सतपथी, डिविज़नल चीफ एग्जीक्यूटिव, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बिज़नेस, ITC लिमिटेड ने कहा :
“‘फील गुड विद फियामा’ मानसिक कल्याण सर्वेक्षण भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सोच में महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। आज, वेलनेस केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि एक सामूहिक अनुभव बन गया है, जहाँ करीबी रिश्ते और सामाजिक नेटवर्क माइंडफुलनेस, इमोशनल रेज़िलिएंस और थेरेपी जैसे विषयों पर खुली बातचीत को बढ़ावा दे रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य एक साझी यात्रा है।
ITC फियामा में हम इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Minds Foundation के साथ हमारी साझेदारी के माध्यम से, हम मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जागरूकता तक पहुंच बढ़ा रहे हैं, जिससे हर व्यक्ति को थेरेपी के ज़रिए अपनी खुशी और संतुलन की दिशा में सशक्त बनाया जा सके।” रोशनी ददलानी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, The MINDS Foundation ने जोड़ा “आज के जटिल होते संसार में, भावनात्मक संतुलन को भंग करने वाले कारणों की पहचान करना ही खुशहाल जीवन की शुरुआत है। फियामा के साथ साझेदारी में, हम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण वर्चुअल थेरेपी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे वे आत्म-समझ और जीवन में संतोष प्राप्त कर सकें। यह साझेदारी थेरेपी को एक एकाकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सामूहिक अनुभव के रूप में स्थापित कर रही है।”
सारा अली खान, ब्रांड एम्बेसडर, ITC फियामा ने कहा : “यह देखकर बेहद प्रेरणा मिलती है कि लोग अब मानसिक स्वास्थ्य को सामुदायिक रूप में महत्व दे रहे हैं। ‘फील गुड विद फियामा’ जैसे सर्वेक्षण थेरेपी पर केंद्रित संवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, जो बेहद ज़रूरी है। अब तनाव को अकेले झेलने की आवश्यकता नहीं है—चाहे वह थेरेपी हो, योग हो, या म्यूजिक सुननाअब सामूहिक सेल्फ-केयर की संस्कृति बन रही है जहाँ थेरेपी पर बात करना वर्जित नहीं रहा।”ITC फियामा ने The MINDS Foundation के साथ मिलकर पहला वर्चुअल क्लिनिक लॉन्च किया है, जो किफायती दाम पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। यह क्लिनिक लोगों को लाइसेंस प्राप्त प्रोफेशनल्स से गोपनीय और बिना किसी कलंक के सलाह, थेरेपी और काउंसलिंग प्राप्त करने की सुविधा देता है।
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