उत्तराखंडी बोली-भाषा की कक्षाओं का शुभारंभ
० योगेश भट्ट ०
शालीमार गार्डन,साहिबाबाद,गाजियाबाद : उत्तरांचल भ्रातृ समिति द्वारा मैट्रिक्स अकादमी के सहयोग से उत्तराखंडी बोली-भाषा (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) की कक्षाओं की द्वितीय कार्यशाला सम्पन्न हुई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हमारी समृद्ध भाषाई विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना है। कार्यशाला के 32 छात्र/छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 14 नए छात्र/छात्राएं जुड़े और इसके अलावा 18 थे। इस अवसर पर चंद्र मोहन केमनी, जनक भट्ट एवं भावना धौलाखंडी ने बच्चों को उत्तराखंडी भाषाओं की विशेषताओं एवं उनके महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले नरेश देवरानी, सेनानी हरीश खर्कवाल, महिपाल रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, विजय जुगरान, अर्जुन पटवाल एवं अनिल नौटियाल, मुख्य अतिथि विक्रम पंवार एवं पूर्व अध्यक्ष दरवान सिंह नेगी थे। इस अवसर पर उपस्थित कुशल सिंह मनराल, प्रकाश धौलाखंडी, प्रकाश भारद्वाज एवं श्रीमती हेमा नेगी (धर्मपत्नी दरवान सिंह नेगी, पूर्व अध्यक्ष) समिति विशेष रूप से भूपेंद्र रावत जिन्होंने मैट्रिक्स अकादमी को कार्यशाला हेतु उत्तराखंडी समाज की सच्ची सेवा की। भविष्य में यह कक्षाएं प्रत्येक रविवार प्रातः 09:00 से 11:00 बजे तक नियमित रूप से संचालित की जाएंगी।
शालीमार गार्डन,साहिबाबाद,गाजियाबाद : उत्तरांचल भ्रातृ समिति द्वारा मैट्रिक्स अकादमी के सहयोग से उत्तराखंडी बोली-भाषा (कुमाऊँनी एवं गढ़वाली) की कक्षाओं की द्वितीय कार्यशाला सम्पन्न हुई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हमारी समृद्ध भाषाई विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना है। कार्यशाला के 32 छात्र/छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 14 नए छात्र/छात्राएं जुड़े और इसके अलावा 18 थे। इस अवसर पर चंद्र मोहन केमनी, जनक भट्ट एवं भावना धौलाखंडी ने बच्चों को उत्तराखंडी भाषाओं की विशेषताओं एवं उनके महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले नरेश देवरानी, सेनानी हरीश खर्कवाल, महिपाल रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, विजय जुगरान, अर्जुन पटवाल एवं अनिल नौटियाल, मुख्य अतिथि विक्रम पंवार एवं पूर्व अध्यक्ष दरवान सिंह नेगी थे। इस अवसर पर उपस्थित कुशल सिंह मनराल, प्रकाश धौलाखंडी, प्रकाश भारद्वाज एवं श्रीमती हेमा नेगी (धर्मपत्नी दरवान सिंह नेगी, पूर्व अध्यक्ष) समिति विशेष रूप से भूपेंद्र रावत जिन्होंने मैट्रिक्स अकादमी को कार्यशाला हेतु उत्तराखंडी समाज की सच्ची सेवा की। भविष्य में यह कक्षाएं प्रत्येक रविवार प्रातः 09:00 से 11:00 बजे तक नियमित रूप से संचालित की जाएंगी।
टिप्पणियाँ