मधु विहार,द्वारका का फुट ओवर ब्रिज लिफ्ट चालू करने की मांग

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली: करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित मधु विहार फुट ओवरब्रिज जनता की सुविधाओं के लिए अनुपयोगी साबित हो रहा है। लिफ्ट के निष्क्रिय होने के कारण यह ओवरब्रिज वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और बच्चों के लिए किसी काम का नहीं रह गया है। रणबीर सिंह सोलंकी, मधु विहार आरडब्ल्यूए के प्रधान और फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन ने अधिकारियों से अपील की कि इस मुद्दे का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने बताया कि जनता की वर्षों पुरानी मांग के बाद दिसंबर 2021 में इस परियोजना को स्वीकृति दी गई और फरवरी 2023 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ।
ओवरब्रिज का उद्घाटन 28 अगस्त 2023 को उपराज्यपाल, सांसद रमेश बिधूड़ी, सांसद प्रवेश वर्मा और डीडीए उपाध्यक्ष सुभाषिष पांडा द्वारा किया गया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ समय बाद ही लिफ्ट ने कार्य करना बंद कर दिया। दिवाली के दौरान इसे कुछ दिन के लिए चालू किया गया, लेकिन तब से यह पूरी तरह निष्क्रिय है। सोलंकी ने कहा, "दूर से यह रंगीन ओवरब्रिज एक आकर्षक ढांचा जरूर दिखाई देता है, लेकिन वास्तव में यह जनता के किसी काम नहीं आ रहा।" उन्होंने बताया कि उन्होंने डीडीए के मुख्य अभियंता से कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि एक ठेकेदार की जिम्मेदारी निर्माण के बाद पांच वर्षों तक रखरखाव की होती है, जिसमें ढाई साल पहले ही बीत चुके हैं। यदि अब भी निष्क्रियता बनी रही तो शेष अवधि में मरम्मत के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी तय है। रणबीर सिंह सोलंकी ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीडीए उपाध्यक्ष तथा द्वारका डीडीए के मुख्य अभियंता से मांग की है कि इस ओवरब्रिज को शीघ्र संचालित किया जाए ताकि जनता करोड़ों रुपये की इस सुविधा का सही लाभ उठा सके।

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