राजस्थान में पहली तिमाही में हुई पांच करोड़ से ज़्यादा घरेलू व विदेशी पर्यटक यात्राएं
जयपुर । राजस्थान घरेलू व विदेशी पर्यटकों के लिए अब वर्ष पर्यन्त टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुका है।
वर्ष- 2025 की पहली तिमाही जनवरी, फरवरी व मार्च में प्रदेश में अब तक 52353010 ( पांच करोड़ तेइस लाख तिरेपन हजार दस) घरेलू व विदेशी पर्यटक यात्राएं की जा चुकी हैं। जिनमें से 51564275 घरेलू व 788735 विदेशी पर्यटक यात्राएं हुई हैं। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में घरेलू पर्यटकों का खास रुझान धार्मिक पर्यटन की ओर है, प्रदेश के धार्मिक आस्था के केंद्र पर 34889072 ( तीन करोड़ अडतालीस लाख नवासी हजार बहत्तर) घरेलू पर्यटकों की यात्राएं दर्ज की गई वहीं विदेशियों ने भी अपनी उपस्थित धार्मिक स्थलों पर दर्ज करवाई जिनमें विदेशी पर्यटकों की यात्राएं 86487 ( छियासी हजार चार सौ सत्तयासी) शामिल हैं।
राठौड़ ने कहा कि राजस्थान पर्यटन, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के विजन को पर्यटन सचिव रवि जैन के निर्देशन में साकार करने में जुटा है, जिसका मूल उद्देश्य राजस्थान पर्यटन को वैश्विक सूची में अव्वल नंबर लाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन दिनों लगातार धार्मिक पर्यटन स्थलों की सार-संभाल, जीर्णोद्धार, संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र वरन अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटक पुनः आने की योजना बनाएं, जिससे प्रदेश में रिपीट टूरिज्म को भी लगातार बढ़ावा मिले।
राठौड़ का कहना है कि पहली तिमाही की पर्यटक यात्राओं के देखते हुए राजस्थान पर्यटन के लिए यह सुखद संकेत हैं, लेकिन अन्तराष्ट्रीय पर्यटन यात्राएं की बात की जाए तो यह वैश्विक परिदृश्य पर निर्भर भी करती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के प्रत्येक जिले में पर्यटन स्थल हैं।
वर्ष- 2025 की पहली तिमाही जनवरी, फरवरी व मार्च में प्रदेश में अब तक 52353010 ( पांच करोड़ तेइस लाख तिरेपन हजार दस) घरेलू व विदेशी पर्यटक यात्राएं की जा चुकी हैं। जिनमें से 51564275 घरेलू व 788735 विदेशी पर्यटक यात्राएं हुई हैं। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में घरेलू पर्यटकों का खास रुझान धार्मिक पर्यटन की ओर है, प्रदेश के धार्मिक आस्था के केंद्र पर 34889072 ( तीन करोड़ अडतालीस लाख नवासी हजार बहत्तर) घरेलू पर्यटकों की यात्राएं दर्ज की गई वहीं विदेशियों ने भी अपनी उपस्थित धार्मिक स्थलों पर दर्ज करवाई जिनमें विदेशी पर्यटकों की यात्राएं 86487 ( छियासी हजार चार सौ सत्तयासी) शामिल हैं।
प्रदेश के गढ़ व किले भी घरेलू व विदेशी पर्यटकों के लिए आज भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, इस साल के पहले तीन महीनों में प्रदेश के गढ़ व किलों को देखने घरेलू पर्यटकों की यात्राएं 3587875 ( पैतीस लाख सत्तयासी हजार आठ सौ पिचहत्तर) व विदेशी पर्यटक यात्राएं 233066 ( दो लाख तैतीस हजार छियासठ) हुई। संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ का कहना है कि राज्य सरकार की मंशा प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या को बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू पर्यटकों की आमद को बढ़ाने की है। इसी के चलते प्रदेश के धार्मिक आस्था के केंद्रों पर पर्यटन विभाग द्वारा बुनियादी पर्यटकीय सुविधाओं को अन्तरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिससे देशी व विदेशी पर्यटकों की राजस्थान यात्रा सुखद रहे।
राठौड़ ने कहा कि राजस्थान पर्यटन, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के विजन को पर्यटन सचिव रवि जैन के निर्देशन में साकार करने में जुटा है, जिसका मूल उद्देश्य राजस्थान पर्यटन को वैश्विक सूची में अव्वल नंबर लाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन दिनों लगातार धार्मिक पर्यटन स्थलों की सार-संभाल, जीर्णोद्धार, संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र वरन अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटक पुनः आने की योजना बनाएं, जिससे प्रदेश में रिपीट टूरिज्म को भी लगातार बढ़ावा मिले।
राठौड़ का कहना है कि पहली तिमाही की पर्यटक यात्राओं के देखते हुए राजस्थान पर्यटन के लिए यह सुखद संकेत हैं, लेकिन अन्तराष्ट्रीय पर्यटन यात्राएं की बात की जाए तो यह वैश्विक परिदृश्य पर निर्भर भी करती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के प्रत्येक जिले में पर्यटन स्थल हैं।
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