JDA हुआ डिज़िटल लोगों को मिलेगा अब ई पट्टा और ले आउट प्लान अप्रुअल

० आशा पटेल ० 
जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आईटी इनिशिएटिवस, ई-पट्टा जारी करने की संपूर्ण प्रक्रिया एवं ले-आउट अनुमोदन की संपूर्ण प्रक्रिया पर आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जेडीए परिसर में किया गया। कार्यशाला में जयपुर विकास आयुक्त आनंदी, जेडीए सचिव निशांत जैन, समस्त अतिरिक्त आयुक्त , उपायुक्त , आई.टी. के अधिकारी, जेडीए के वरिष्ठ अधिकारी , डीआईजी स्टाम्प (ऑनलाईन जुडे), संस्थान - टोडार, क्रेडाई, उक्मा एवं निजी विकासकर्ता संघ के अध्यक्षों एवं सदस्य सहित भारी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। इस कार्यशाला ने जेडीए की ऑनलाइन सेवाओं को बेहतर बनाने और नागरिकों की आवश्यकताओं को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
इसके अतिरिक्त कार्यशाला के दौरान आवेदकों से लाईव ई-पट्टे एवं ले-आउट प्लान अनुमोदन हेतु आवेदन करवाये और कार्यक्रम में ही ई-पट्टे एवं ले-आउट प्लान अप्रूवल जारी की गई। कार्यशाला में जेडीए द्वारा वर्तमान में आमजन से जुडी समस्त 39 सेवाएँ ऑनलाइन प्रदान की जा रही हैं। विगत छः माह में आईटी क्षेत्र में किए गए सभी कार्याे से भी अवगत करवाया गया। कार्यशाला में जेडीए आमजन/डवलपर्स/बिल्डर्स के प्रतिनिधियों से जेडीए की आनलाईन 39 सेवाओं के संदर्भ में प्रक्रियात्मक जानकारी एवं ऑपरेशनल फीडबैक/सुझाव प्राप्त किये गये।
कार्यशाला में जेडीए की मुख्यतः सेवाएं - ई पट्टा एवं ले आउट प्लान अनुमोदन की सेवाएँ ऑनलाइन आवेदन से लेकर ई पट्टा जारी करने तक की समस्त प्रक्रिया की जानकारी लाईव प्रदान की गई। इसके साथ ही ले आउट प्लान अनुमोदन के संबंध में ऑनलाईन आवेदन से लेकर ले आउट प्लान अनुमोदन की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जयपुर विकास आयुक्त आनन्दी ने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आमजन एवं बिल्डर्स के हित में अपनी सेवाओं और कार्यों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए एक व्यापक ई-गवर्नेंस प्रणाली प्रारम्भ की है। इस नई पहल के माध्यम से अब नागरिक और व्यावसायिक संस्थान अपनी संपत्ति संबंधी कार्यों को ऑनलाइन ही आसानी से पूरा कर सकेंगे।

ई-पट्टाः वर्तमान में संपत्ति का पट्टे हेतु आनलाईन आवेदन कर पर ई-पट्टा ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे दस्तावेज़ीकरण में आसानी और तेजी आ रही है। उक्त प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदक एवं गवाह द्वारा आनलाईन ही ई-साईन एवं क्यूआर कोड से वेरीफिकेशन हो रहा है। नाम हस्तांतरणः ई-पंजीयन प्रणाली के साथ एकीकृत, जिसमें 15 अंकों का यूनिक नंबर का उपयोग कर नाम हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। 90ए प्रकरणः 90ए पोर्टल के प्रकरणों में ई-धरती के जरिए संपत्ति के रिकॉर्ड स्वतः अपडेट होंगे, जिससे ऑटो म्यूटेशन की प्रक्रिया तेज़ और त्रुटि मुक्त होगी।

यह पहल न केवल दस्तावेज़ीकरण की जरूरत को कम करेगी, बल्कि प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनना का उद्देश्य है। इस अवसर पर जेडीसी आनंदी ने कहा कि जेडीए द्वारा बुधवार को कार्यशाला उन डवलपर्स/बिल्डर्स एसोसिएशन के लिए आयोजित की गई, जो जेडीए में अपने संबंधित कार्याे से निंरतर आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि आमजन और डवलपर्स/बिल्डर्स एसोसिएशन को जेडीए की आनलाईन उपलब्ध सेवाओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी विस्तार से प्राप्त हो, यह बहुत ही अच्छी बात है।

 कार्यशाला में हमने मास्टर प्लान-2025 को पूर्णरूप से आनलाईन कर दिया गया है। जिससे आमजन और अन्य यह जान सकेंगे कि कौनसी भूमि पर कौनसा निर्माण/कौनसी एक्टिविटी अनुज्ञेय है जिससे भविष्य में उत्पन्न होनी वाली समस्याओं से सामना नहीं करना पडेगा। साथ ही मास्टर प्लान 2025 को खसरे के साथ सुपर इंपोज भी किया गया है। वर्तमान में कोई भी अपने भूमि/भूखण्ड की जानकारी अपलोड कर आनलाईन मास्टर प्लान में देखा जा सकता है। इसके साथ ही आमजन को अपने भूखण्ड/भूमि का पट्टा लेने हेतु जेडीए अनेक बार आना पडता है, इस अवधि को कम/शून्य करने की दिशा में आईटी की नवीनतम तकनीकियों का उपयोग करते हुए जेडीए द्वारा दी जा रही समस्त 39 सेवाओं को आनलाईन किया गया है।

उन्होंने कहा कि हमारा देश विभिन्न आनलाइन सेवाओं की पूरे विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसी को मद्देनजर रखते हुए जेडीए द्वारा आईटी की नवीनतम तकनीकियों से गत 9 माह में निरंतर कार्य करते हुए समस्त 39 सेवाओं में मुख्यत पट्टा जारी करने की प्रक्रिया को पूर्णरूप से आनलाईन करने की तैयारी की गई, जिसे आगामी 15 दिवस में यूआईडीआईए से डाटा एक्सेस की अनुमति प्राप्त होने के पश्चात आमजन/डवलपर्स/बिल्डर्स अपने घर/आफिस बैठे-बैठे अथवा विश्व में कहीं पर भी बैठे हुए 

जेडीए पट्टे हेतु आनलाईन अपलाई कर सकेगा। जिसका पूरा प्रोसेस आनलाईन रहेगा जिसे कहीं से भी ट्रेक किया जा सकेगा। जिसमें आवेदक एवं विटनेस को जेडीए कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी, दोनों के आधार वेरीफिकेशन के माध्यम से डिजीटल हस्ताक्षर करने के पश्चात् जोन कार्यालय द्वारा आनलाईन पट्टा जारी कर सीधे ही पंजीयन कार्यालय को भिजवा दिया जायेगा, जहॉ आवेदक द्वारा सीधे ही जेडीए पट्टे का पंजीयन करवा लिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि जेडीए की समस्त 39 सेवाएं आनलाईन होने से आमजन/डवलपर्स/बिल्डर्स का जेडीए आना कम/शून्य हो जायेगा। जिससे उन्हें जेडीए में जेडीए बार-बार नहीं आना होगा एवं आमजनता के साथ होने वाली धोखाधडी एवं फर्जी पट्टे पर रोक लगेगी। साथ ही समस्त सेवाओं के आनलाईन होने से समस्त कार्यप्रणाली/डेटाबेस में पूर्ण पारदर्शिता आई है। टोडार, क्रेडाई व उक्मा संस्थानों, निजी विकासकर्ता संघ के अध्यक्षों एवं आमजन द्वारा राज्य सरकार, नगरीय विकास विभाग, जेेडीसी एवं जेडीए का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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