द इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनल ऑडिटर्स कलकत्ता चैप्टर ने जॉइंट ऑडिट कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन किया
कोलकाता : द इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनल ऑडिटर्स (आईआईए) के कलकत्ता चैप्टर ने अपने वार्षिक कार्यक्रम "जॉइंट ऑडिट कॉन्क्लेव 2025" का आयोजन किया। इस का विषय था “इंटरनल ऑडिट: परिवर्तनों को अपनाना और लचीलापन विकसित करना” इसका नेतृत्व चैप्टर के प्रेसिडेंट कल्लोल मित्रा ने किया।
द इंस्टीट्यूटऑफ इंटरनलऑडिटर्स (आईआईए), जो कि लेक मैरी, फ्लोरिडा में स्थित है, इंटरनल ऑडिटिंग का वैश्विक प्रमुख निकाय है और यह 190+ देशों में 2,00,000 से अधिक सदस्यों को सेवा प्रदान करता है। इसकी स्थापना 1941 में हुई थी। आईआईए विभिन्न मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन प्रदान करता है, जैसे कि सर्टिफाइड इंटरनल ऑडिटर (सीआईए), जो वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, तथा अन्य प्रमाण पत्र जैसे आईएपी, सीआरएमए, क्यूआईएएल, सीपीइए, और सीपीएसएआई। भारत में सीआईए सर्टिफिकेशन को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
भारत में, आईआईए की गतिविधियां आईआईए इंडिया (iiaindia.co) के माध्यम से संचालित होती हैं, जो एक गैर-लाभकारी संस्था है और इसके छह प्रमुख शहरों में चैप्टर्स हैं। आईआईए इंडिया कलकत्ता चैप्टर, जिसकी स्थापना 1974 में हुई थी और जो एलगिन रोड, कोलकाता में स्थित है, इसके 400+ सदस्य हैं। यहकलकत्ता चैप्टर नियमित रूप से सेमिनार, कॉन्क्लेव, प्रशिक्षण कार्यक्रम और नेटवर्किंग इवेंट्स का आयोजन करता है। इसके अतिरिक्त, यह गुवाहाटी, भुवनेश्वर और जमशेदपुर में ऑडिट क्लब्स का भी समर्थन करता है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत की एडिशनल डेप्युटी कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया, श्रीमती यशोधरा रे चौधरी द्वारा हुआ। डेप्युटी डायरेक्टर सीएजी ऑफ इंडिया एस. शिवकुमार, ने भी उद्घाटन सत्र की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर एक स्मारिका भी विमोचन किया गया जिसमें प्रतिष्ठित पेशेवर विशेषज्ञों के लेख शामिल थे। इसका संपादन पूर्व अध्यक्ष एवं बीओजी सदस्य सुमन चौधरी द्वारा किया गया।
भारत के तीन प्रमुख पेशेवर संस्थान द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई), और द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के गणमान्य प्रतिनिधियों ने इस कॉन्क्लेव में भाग लिया। आईसीएआई, आईसीएमएआई और आईसीएसआई के रीजनल कौंसिल्स के चेयरपर्सन्स, साथ ही आईसीएआई और आईसीएमएआई की इंटरनल ऑडिट स्टैंडर्ड बोर्ड्स के चेयरमेन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कॉरपोरेट और कंसल्टिंग क्षेत्रों के वरिष्ठ पेशेवरों ने समसामयिक और उभरते विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस कॉन्क्लेव में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि भारत और विदेशों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने वर्चुअली हिस्सा भी लिया। कार्यक्रम में कुल छह सत्र शामिल थे, एक उद्घाटन सत्र, चार तकनीकी सत्र, और एक समापन राउंडटेबल चर्चा, जिसमें इंटरनल ऑडिट समुदाय से जुड़े समसामयिक विषयों पर चर्चा की गई। आनंद पी. जांगिड़, सुभाषिस नाथ, चंद्रशेखर चिताले, निखिल कोचर और जयदीप मुखर्जी प्रमुख/पैनलिस्टों में शामिल थे।
द इंस्टीट्यूटऑफ इंटरनलऑडिटर्स (आईआईए), जो कि लेक मैरी, फ्लोरिडा में स्थित है, इंटरनल ऑडिटिंग का वैश्विक प्रमुख निकाय है और यह 190+ देशों में 2,00,000 से अधिक सदस्यों को सेवा प्रदान करता है। इसकी स्थापना 1941 में हुई थी। आईआईए विभिन्न मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन प्रदान करता है, जैसे कि सर्टिफाइड इंटरनल ऑडिटर (सीआईए), जो वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, तथा अन्य प्रमाण पत्र जैसे आईएपी, सीआरएमए, क्यूआईएएल, सीपीइए, और सीपीएसएआई। भारत में सीआईए सर्टिफिकेशन को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
भारत में, आईआईए की गतिविधियां आईआईए इंडिया (iiaindia.co) के माध्यम से संचालित होती हैं, जो एक गैर-लाभकारी संस्था है और इसके छह प्रमुख शहरों में चैप्टर्स हैं। आईआईए इंडिया कलकत्ता चैप्टर, जिसकी स्थापना 1974 में हुई थी और जो एलगिन रोड, कोलकाता में स्थित है, इसके 400+ सदस्य हैं। यहकलकत्ता चैप्टर नियमित रूप से सेमिनार, कॉन्क्लेव, प्रशिक्षण कार्यक्रम और नेटवर्किंग इवेंट्स का आयोजन करता है। इसके अतिरिक्त, यह गुवाहाटी, भुवनेश्वर और जमशेदपुर में ऑडिट क्लब्स का भी समर्थन करता है।



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