सफलता का कोई शोर्टकट नहीं होता - के. जे. अल्फोंस

० आशा पटेल ० 
जयपुर : "द विनिंग फार्मूला " (जीत का मन्त्र) अपनी इस किताब के बारे में बताते हुए के. जे. अल्फोंस (पूर्व केंद्रीय मिनिंस्टर ट्यूरिज़्म) ने बताया कि हमे अपने सपनों को साकार करने के लिए सतत और सार्थक प्रयास करने चाहिए उन्होंने अपने जीवन के परिचय के माध्यम से बताया कि वे सफलता के लिए एक अप्रत्याशित उम्मीदवार थे, वे एक ऐसे गांव में पले-बढ़े जहां बिजली नहीं थी, एक स्कूल शिक्षक के बेटे होने के बावजूद, उन्होंने स्कूल बोर्ड परीक्षाओं में केवल 42% अंक प्राप्त किए।
इन सभी परिस्थितयों के बाद भी वे सिविल सेवा परीक्षाओं के टॉपर्स में बने और टाइम मैगज़ीन की 100 युवा वैश्विक नेताओं की सूची में शामिल हुए , विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री बने। उन्होंने कई बार सर्वश्रेष्ठ जिला कलेक्टर का पुरस्कार जीता और सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार भी जीता। वे नई शैक्षिक नीति (एनईपी) की मसौदा समिति के सदस्य भी रहे।
कार्यक्रम के दौरान बात चीत में उन्होंने एंटरलॉजी बिजनेस स्कूल की बात करते हुए बताया की यह एक अनोखा और अद्भुत प्रयास है क्योकि आज के समय में रोजगारनुमखी शिक्षा का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। एंटरलॉजी बिजनेस स्कूल के माध्यम से विद्यार्थी अपना स्वयं का स्टार्टअप चालू कर सकते हैं क्योकि यहाँ पर शिक्षा एक नए पैमाने की प्रदान की जाती है 

जिसके माध्यम से विद्यार्थी देश विदेश की शिक्षा नीतियों से अवगत होता है और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में नए आयाम स्थपित कर सकता है एंटरलॉजी बिजनेस स्कूल के फाउंडर आकांश जैन ने बताया की उनके यहाँ नौकरी करने के बजाय नौकरी देने की व्यवस्थ पर पूरा जोर दिया जाता है जिस से कि हमे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना का साकार करने में अपना योगदान किया जा सके।

कार्यक्रम के संयोजक भूपेश गुप्ता ( चीफ स्ट्रटीजिकल ऑफिसर - एंटरलॉजी बिजनेस स्कूल) ने बताया की आज जिन भी युवाओं ने व्यक्तिगत रूप से के. जे. अल्फोंस से वार्ता की हैं उन सभी में एक नया आत्मविश्वास जाग्रत हुआ है जिस से की वे अपने सपनो को एक नया आयाम देने की दिशा में अपनी गति तय करेंगे और के. जे. अल्फोंस की प्रेरणा से अपने जीवन को प्रगति की नयी दिशा प्रदान करेंगे।

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