डरो मत,समाज बदलने के लिए आगे बढ़ो : राधा भट्ट
० आशा पटेल ०
कौसानी | कौसानी के अनासक्ति आश्रम में गॉंधीजनों के Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पद्मश्री राधा बहन ने आह्वान किया कि वे डर में से बाहर आएं और समाज में जो गलत हो रहा है इस के खिलाफ़ बोलने की हिम्मत जुटाएं।सारे देश से आए हुए करीब 55 युवा एवं प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित करते हुए राधाबहन ने कहा कि, देश में मॉब लींचिंग हो रही है, लोग डर रहे हैं और सत्ता नशीन लोग सत्ता के मद में वह सब कुछ कर रहे हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए।
राधा बहन ने कहा कि आज हजारों बच्चे युद्ध में मर रहे हैं तब भी किसी की आवाज़ इस देश में नहीं उठ रही है यह हमारे लिए शर्म की बात है। धर्म के नाम पर जो बंटवारा आज हो रहा है वही एक अधर्म है और आज के युवा को यह समझना चाहिए कि भाईचारे में ही देश का उज्ज्वल भविष्य बन सकता है। जरूरत पड़े तो युवकों को इसके लिए बलिदान देना होगा.
वरिष्ठ गांधीवादी और यूथ फॉर ट्रुथ कार्यकर्ताओं ने कौसानी में शराब दुकानों का भी विरोध किया | देशभर से आए यूथ फॉर ट्रुथ के युवा सदस्यों, गांधी चिंतकों, वरिष्ठजनों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कौसानी में शराब की दुकानों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंत मार्ग से कौसानी तिराहे तक यात्रा निकाली और शराब की दुकान के सामने नारेबाजी कर अपना रोष जताया।
कौसानी | कौसानी के अनासक्ति आश्रम में गॉंधीजनों के Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पद्मश्री राधा बहन ने आह्वान किया कि वे डर में से बाहर आएं और समाज में जो गलत हो रहा है इस के खिलाफ़ बोलने की हिम्मत जुटाएं।सारे देश से आए हुए करीब 55 युवा एवं प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित करते हुए राधाबहन ने कहा कि, देश में मॉब लींचिंग हो रही है, लोग डर रहे हैं और सत्ता नशीन लोग सत्ता के मद में वह सब कुछ कर रहे हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए।
ऐसे माहौल में अगर हम खड़े नहीं होंगे तो नागरिकों की आज़ादी खतरे में पड़ जाएगी।उनका कहना था कि, आज इतनी गरीबी है और बेरोजगारी है, फिर भी कहा जा रहा है कि विकास हो रहा है और लोग सच नहीं बोल पा रहे हैं। ऐसे माहौल में किस प्रकार हम सत्ता का विरोध करें और अपनी राय निर्भय होकर लोगों के सामने रखें यह हमारे लिए आज अहम मुद्दा है ।
राधा बहन ने कहा कि आज हजारों बच्चे युद्ध में मर रहे हैं तब भी किसी की आवाज़ इस देश में नहीं उठ रही है यह हमारे लिए शर्म की बात है। धर्म के नाम पर जो बंटवारा आज हो रहा है वही एक अधर्म है और आज के युवा को यह समझना चाहिए कि भाईचारे में ही देश का उज्ज्वल भविष्य बन सकता है। जरूरत पड़े तो युवकों को इसके लिए बलिदान देना होगा.
वरिष्ठ गांधीवादी और यूथ फॉर ट्रुथ कार्यकर्ताओं ने कौसानी में शराब दुकानों का भी विरोध किया | देशभर से आए यूथ फॉर ट्रुथ के युवा सदस्यों, गांधी चिंतकों, वरिष्ठजनों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कौसानी में शराब की दुकानों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंत मार्ग से कौसानी तिराहे तक यात्रा निकाली और शराब की दुकान के सामने नारेबाजी कर अपना रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कौसानी, जहाँ महात्मा गांधी ने अनासक्ति योग की टिका लिखी, जो सरला बहन की कर्मभूमि रही और छायावाद के महान कवि सुमित्रानंदन पंत की जन्मस्थली है, ऐसी पवित्र भूमि पर शराब की दुकानों का होना अस्वीकार्य है। उन्होंने शराबबंदी की माँग को लेकर सरकार और दुकान मालिकों के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन में शामिल युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों ने चेतावनी दी कि शराब के पक्ष में कोई भी पहल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गांधी चिंतक रामदत्त त्रिपाठी ने कहा, "एक तरफ सरकार राधा बहन भट्ट को पद्मश्री जैसे सम्मान से नवाजती है,
वहीं दूसरी तरफ शराब की दुकानें खोलकर उनकी भावनाओं और सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाती है। यह कौसानी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर हमला है।"पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड हरीश रावत ने अनासक्ति आश्रम आकर देश भर से आये वरिष्ठ गॉंधी विचारकों और युवाओं से मुलाक़ात की और वादा किया कि वह कौसानी में शराब की दूकान बंद कराने की मॉंग का समर्थन करते हैं .उन्होंने घोषणा की कि अगर सरकार ने एक महीने में दूकान बंद नहीं की तो किसी दिन खुद आकर ताला लगा देंगे .
रावत ने सभास्थल से ही डीएम अल्मोड़ा को फ़ोन कर शराब दूकान बंद करने का आग्रह करने के साथ चेतावनी दी कि कुछ दिनों में नहीं बंद हुई तो वह खुद तालाबंदी कर देंगे. प्रदर्शन में गुजरात विधापीठ के पूर्व वाइस चांसलर सुदर्शन आयंगर, सिबी के. जोसेफ, अश्विन जाला, हेमंत कुमार शाह, अशोक कुमार शरण, भुवन पाठक, सत्येंद्र कुमार, वरुण मित्रा, जागृति राही , वी.के. पंत, राजीव लोचन शाह, विपिन जोशी, गोपाल, सत्यव्रत, विजय शंकर शुक्ल जैसे वरिष्ठ गांधीवादी चिंतकों के साथ यूथ फ़ॉर ट्रुथ के कार्यकर्ता विवेक कुमार साव, अखिल तिवारी, लीलू कुमारी,
बिपासा रैना, अजय पोद्दार के साथ-साथ स्वधा, कमल सिंह, नीरज और लक्ष्मी आश्रम की बहनें शामिल रहीं। शराब दुकान पर प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और शराबबंदी की मांग को और मजबूती से दोहराया। यूथ फॉर ट्रुथ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कौसानी से शराब की दुकानें पूरी तरह बंद नहीं हो जातीं।
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