पुलिस,प्रशासन,और सरकार विपक्ष के लोगों को टारगेट करेगी तो इसके अच्छे परिणाम नहीं आयेगे : सचिन पायलट

० आशा पटेल ० 
 जयपुर : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि पिछले दिनों राजधानी में आंदोलन कर रहे थे लोग जिस नौजवान डॉक्टर की मृत्यु हुई उसके बाद उनके परिजन और तमाम साथी न्याय की मांग कर रहे थे। मुझे लगता है कि बहुत देर सरकार ने कर दी। बहुत पहले वार्तालाव करके समाधान निकालते तो समाधान हो जाता । अब जाकर मामले को सुलझाया गया है और कारवाई करी सरकार ने परिवारजनों को संतुष्ट किया है । लेकिन यह बहुत लंबा समय लगा। वो अगर इसको काफी पहले कर देते लोगों में आक्रोश नहीं होता । नौजवानों को पीडा नहीं होती ।

 धूप में बारिश में लोग लगभग एक हफ्ते तक यहां बैठे रहे । सरकार यदि थोड़ी संवेदनशीलता पहले दिखाती तो यह नौबत यहां तक नहीं पहुंचती । उसके बाद आज जो कारवाई देखा हमने लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। कांग्रेस नेताओ को हमारे विधायक को। यह बहुत गलत है इस प्रकार द्वेषपूर्ण भावना से कारवाई नहीं करनी चाहिए। हर जनप्रतिनिधि कोई आंदोलन करता है धरना देता है। तो उसको अधिकार है । लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को संविधान यह छूट देता है कि अपनी बात को रखे । मुझे लगता नहीं कि किसी ने जान बुझकर कानून की कोई अवहेलना करी होगी।

 अपनी बात को रखना उनका दायित्व है उनकी जिम्मेदारी है। पुलिस, प्रशासन,और सरकार विपक्ष के लोगों को टारगेट करेगी तो इसके अच्छे परिणाम नहीं आयेगे। संवाद के साथ सब समस्याओं का समाधान हो सकता है। लेकिन द्वेषतापूर्ण कारवाई करना बदले की भावना से लोगों को हिरासत में लेना , गिरफ्तार करना , मुकदमा करना यह बड़ा गलत है। और अगर सरकार ऐसा करती है तो इसका पुरजोर विरोध हम करेंगे। सरकार यह साबित करना चाहती है कि हमारे खिलाफ कोई बात रखेगा , हमारे खिलाफ कोई आवाज उठायेगा उस पर हम कारवाई करेंगे ।

 प्रशासन, सरकार , पुलिस अपनी ताकत का इस्तेमाल कर अगर किसी व्यक्ति की आवाज को दबाना चाहते है तो इसको बहुत गलत मानते है। अभी जो नौजवान ने आत्महत्या की यह नौबत क्यों आ रही है व्यवस्था में कमी है। सरकार का जो काम करने का तरीका है। या लापरवाही कहे। सरकार गंभीर नहीं है। किसी व्यक्ति की मौत हो जान इससे बड़ा जुर्म और क्या हो सकता है। लोगों से आप संवाद नहीं करोगे तो लोग निश्चित रूप से उग्र होगे। 

किसी को भी कानून तोड़ने का अधिकार नहीं है लेकिन अपनी बात रखना धरना देना यह तो हर किसी की जिम्मेदारी है। उस जिम्मेदारी को लोग निभा रहे है। अगर कोई कानून तोड़ने का काम करता तो है । हम उसका पक्ष नहीं ले रहे है। लेकिन इस प्रकार की कारवाई करके जो संदेश दे रहे है । हम यह दोनों के लिए कहते है केंद्र सरकार जैसे अपनी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है वैसे ही राज्य सरकार भी कर रही है।

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