स्व.सुरेंद्र पाल जोशी की स्मृति में कलाकारों ने दी कलांजुली

० आशा पटेल ० 
जयपुर । राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में “अखिल भारतीय युवा कलाकार प्रदर्शनी 2025” का उद्घाटन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन स्वर्गीय कलाकार सुरेंद्र पाल जोशी की स्मृति को समर्पित, जिनका जीवन और कला-दृष्टि आज भी अनेक युवा कलाकारों को दिशा प्रदान कर रही है। इस आयोजन में भोरुका चैरिटेबल ट्रस्ट और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर की विशेष सहयोगी भूमिका रही, जिन्होंने मंच, संसाधन एवं व्यवस्थाओं को उपलब्ध करवाकर न केवल इस कला आयोजन को सफल बनाया, बल्कि कला और संस्कृति के प्रति अपने दीर्घकालिक समर्पण को भी दर्शाया है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मविभूषण, पद्मश्री एवं ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित विश्वमोहन भट्ट ने युवा कलाकारों को सम्मानित किया। उनके वक्तव्य में भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा और युवा सृजनशीलता के प्रति आस्था झलकी। इसके अतिरिक्त मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि डॉ. राजेश व्यास, भोरुका चेरिटेबल ट्रस्ट के अशोक अग्रवाल तथा ट्रस्ट की संस्थापक संगीता जोशी ,एवं संयोजक, मुकेश कुमार ज्वाला उपस्थित रहे। सभी ने अपने शब्दों में स्व. जोशी की कला यात्रा, उनके विचारों और युवाओं के प्रति उनके समर्पण पर प्रकाश डाला।
ट्रस्ट की ओर से संगीता जोशी ने कहा कि “आज का यह आयोजन केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि स्व. सुरेंद्र पाल जोशी के उन स्वप्नों का साकार रूप है जो उन्होंने युवा कलाकारों के लिए देखे थे। मैं उन सभी का आभार प्रकट करती हूँ जिन्होंने इस आयोजन को जीवंत बनाने में अपना सहयोग दिया कलाकार, क्यूरेटर, आयोजक, तकनीकी दल और विशेष रूप से भोरुका चैरिटेबल ट्रस्ट और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर।”मुकेश कुमार ज्वाला (कार्यकारी संयोजक) नेकहा कि “कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि संवाद और संबंध का सेतु है। इस प्रदर्शनी में भाग लेने वाले हर कलाकार ने इस सेतु को अपनी रचनाओं से सशक्त किया है। हम आने वाले वर्षों में इस मंच को और अधिक सशक्त बनाते रहेंगे। ये कलाकार हुए सम्मानित,विजय सिंह बेनीवाल, सिरसा, हरियाणा।
भूमि सोनी दिल्ली।आदिशा ग्रोवर गाजियाबाद,अरुण कुमार कुमावत ,नवा सिटी,राजेश जांगिड जयपुर,विशेष जूरी प्रशंसा (प्रमाण पत्र) • जयंत शर्मा – जयपुर,• जयश्री सिंह देव – झारखंड• मुकेश कुमार – नागौर देशभर से प्राप्त हुई सैकड़ों प्रविष्टियों में से 110 से अधिक कलाकृतियाँ एक निष्पक्ष एवं विशेषज्ञ जूरी द्वारा चयनित की गई। ये कृतियाँ विविध माध्यमों, विचारों और सामाजिक संदर्भों की प्रस्तुति हैं, जो समकालीन युवा सोच का सजीव चित्रण करती हैं।

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