वरिष्ठ लेखिका डॉ.कृष्णा सक्सेना का लघु कथा संग्रह ‘फ्लावर्स ब्लूम’ का विमोचन

० संवाददाता द्वारा ० 
डॉ. सक्सेना द्वारा लिखी गई प्रत्येक पुस्तक उनके विविध, समृद्ध जीवन और भावनात्मक अनुभवों का प्रमाण है। ये सरल लघु कहानियाँ समय की सीमाओं को लाँघती हैं और हमें हमारे जीवन, मूल्यों और कार्यों पर चिंतन करने में मदद करती हैं। 
नई दिल्ली : वरिष्ठ लेखिका डॉ. कृष्णा सक्सेना की नई पुस्तक ‘फ्लावर्स ब्लूम’ का विमोचन, पद्मश्री डॉ. कल्याण बनर्जी के हाथों हुआ। ‘फ्लावर्स ब्लूम’ कई सरल और मार्मिक लघु कहानियों का संग्रह है, जो मानवीय मूल्यों को सामने लाती हैं। पुस्तक की लेखन शैली सरल है और साथ ही यह पाठकों को चिंतन, और जागरूकता के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। कई पुस्तकों की लेखिका डॉ. कृष्णा 1955 में उत्तर प्रदेश से पीएचडी डिग्री प्राप्त करने वाली पहली महिला उम्मीदवार थीं।
इस अवसर पर डॉ. कृष्णा सक्सेना ने कहा, “कहानियों में दिल को छू लेने वाली ताकत होती है। हमारे वेद भी कहानियों के माध्यम से ही बोलते हैं। मैं आशा करती हूँ कि यह पुस्तक पाठकों के भीतर उस कोमल आवाज को जाग्रत् करेगी, जो अंतःकरण, करुणा और स्पष्टता की आवाज है। यदि यह पुस्तक पाठकों को रुक कर चिंतन करने, थोड़ा और दयालु होने और विचारशील होने के लिए प्रेरित करती है तो मैं अपने प्रयास को सफल मानूँगी।”

पुस्तक पर टिप्पणी करते हुए डॉ. कल्याण बनर्जी ने कहा, “डॉ. सक्सेना द्वारा लिखी गई प्रत्येक पुस्तक उनके विविध, समृद्ध जीवन और भावनात्मक अनुभवों का प्रमाण है। ये सरल लघु कहानियाँ समय की सीमाओं को लाँघती हैं और हमें हमारे जीवन, मूल्यों और कार्यों पर चिंतन करने में मदद करती हैं। मैं कहूँगा कि ये कहानियाँ कालातीत और हमेशा मूल्यवान हैं। प्रत्येक कहानी आज के समय में पूरी तरह प्रासंगिक है।”

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