डबल इंजन की सरकार सिर्फ धुआं फेंक रही है : सचिन पायलट

० आशा पटेल ० 
Rajasthan (टोंक) कांग्रेस नेता और राजस्थान सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट ने अपने टोंक दौरे के दौरान ग्रा.प. मोरभाटियान, (टोंक ) में विधायक निधि से स्वीकृत विकास कार्यों के अंतर्गत करणी सागर तालाब की फेसवाल निर्माण और अंबेडकर भवन का लोकार्पण किया। सचिन पायलट ने ग्राम पंचायत खरेड़ा (टोंक ) में जनसंवाद किया एवं ग्रामवासियों से मुलाकात की साथ ही, रा.उ.मा.वि. खरेड़ा में नवनिर्मित कक्षों का लोकार्पण किया। 
अपने इस दौरे के दौरान सचिन पायलट ने टोंक में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर का पाकिस्तान द्वारा उल्लंघन पर कहा-मैं तो शुरू से ही कहता आया हूँ. जिस दिन सीजफायर हुआ उसी दिन चंद घंटों के बाद सीमा पार से फायरिंग हुई , बमबारी हुई उन लोगों का क्या भरोसा है,जिनकी विश्वसनीयता ख़त्म हो चुकी है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोज़ हो चुके है उनके सीजफायर के आश्वासन पर भरोसा करना ही सबसे बड़ा सवाल है ? हमें बहूत सावधानी से काम करना पड़ेगा भारत की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान से 11 गुना ज़्यादा है, फिर भी हमारी तुलना उससे की जा रही है

मैं मानता हूँ कि पूरी तरह से ग़लत है। सचिन पायलट ने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन की सरकार सिर्फ धुआं फैक रही है, हमारी सरकार में शुरू हुए कार्यों की देखरेख भी नहीं कर रहे हैं,दुखद है कि सरकार का ध्यान दिल्ली के लोगों को खुश करने में लगा है। अपनी कुर्सी बचाने के लिए, सत्ता के संघर्ष में सारी सरकार लगी हुई है । अफसर हावी है मनमर्जी से काम हो रहे हैं । सत्ता धारी लोग भी बड़े बड़े पदों पर बैठे हैं उनके काम भी नहीं हो रहे। जनता तीन साल तक और भुगतेगी कांग्रेस पर लोगों का विश्वास है आने वाले दिनों में आशीर्वाद मिलेगा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स हुए लामबंद

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में ईपीसीएच पवेलियन ने भारतीय शिल्प कौशल का किया प्रदर्शन

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम पटल पर गूंजी पर्यावरण चेतना,महिला कवित्रियों ने रचा हरित इतिहास