तीज उत्सव और शिल्पग्राम के जरिए पर्यटन को मिलेगा सांस्कृतिक विस्तार : दिया कुमारी

० आशा पटेल ० 
जयपुर। राजस्थान सरकार पर्यटन को नई दिशा देने और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने की तैयारियों में जुट गई है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शासन सचिवालय में पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष तीज महोत्सव को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में और अधिक भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा, ताकि इसकी सांस्कृतिक छटा देश-दुनिया तक पहुंचे। साथ ही, शिल्पग्राम के पुनर्विकास के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिसमें कलाकारों को केंद्रीय भूमिका दी जाए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “राजस्थान की संस्कृति, कला और विरासत राज्य की पहचान हैं। पर्यटन विकास के साथ-साथ हमें सांस्कृतिक संरक्षण पर समान रूप से ध्यान देना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़कर रखा जा सके।”उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाहर कला केन्द्र परिसर स्थित शिल्पग्राम को एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां स्थानीय व पारंपरिक कलाकारों को पूरे वर्ष प्रदर्शन और बिक्री के अवसर मिलें। यह योजना न केवल सांस्कृतिक संरक्षण की दृष्टि से अहम होगी, बल्कि कलाकारों की आजीविका को भी स्थायित्व प्रदान करेगी।

बैठक में जमवाय माता मंदिर क्षेत्र के विकास, राज्य की ऐतिहासिक बावड़ियों और स्मारकों के संरक्षण, तथा विशेषज्ञ संरक्षणविदों की सेवाएं लेने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, भारत सरकार की 'सास्की' योजना के तहत स्वीकृत आमेर, नाहरगढ़ और जलमहल क्षेत्र के विकास कार्यों की समयबद्ध क्रियान्विति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक (विकास) राजेश शर्मा, विशेषाधिकारी ललित कुमार, अतिरिक्त महानिदेशक (जवाहर कला केन्द्र) अलका मीणा, संयुक्त निदेशक (मेले-त्योहार) पुनीता सिंह, और उप निदेशक पर्यटन उपेन्द्र सिंह शेखावत सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे

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