Icai की जयपुर शाखा ने किया CFO Next Forum 2025 का आयोजन
जयपुर । द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की कमिटी फॉर मेंबर्स इन इंडस्ट्री एंड बिज़नेस के तत्वावधान में, ICAI की जयपुर शाखा द्वारा चार्टर्ड एकाउंटेंट सदस्यों के लिए "CFO Meet 2025" का आयोजन जयपुर में किया गया। सेंट्रल काउंसिल मेंबर एवं कार्यक्रम निदेशक सीए सतीश कुमार गुप्ता तथा सीए (डॉ.) रोहित रूवाटिया अग्रवाल ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उद्योग जगत के अग्रणी सीएफओ ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में सीएफओ की भूमिका को पुनर्परिभाषित करते हुए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ESG, वित्तीय नियोजन तथा कॉर्पोरेट प्रशासन जैसे समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श और ज्ञान-साझाकरण को प्रोत्साहित करना था।
मुख्य अतिथि सतीश कुमार गर्ग (प्रिंसिपल ऑडिटर जनरल, राजस्थान) एवं विशिष्ट अतिथि आत्मा सर (आर.ओ.सी.-राजस्थान) ने कहा कि वर्तमान दौर में सीएफओ की भूमिका केवल वित्तीय प्रबंधन तक सीमित न रहकर पालिसी निर्धारण, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, रिस्क मैनेजमेंट और सतत विकास की दिशा में निर्णायक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच सीएफओ को नवीनतम तकनीकी रुझानों, रेगुलेटरी परिवर्तनों एवं ग्लोबल मानकों से अपडेट रहने का अवसर प्रदान करते हैं।
जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए विकास यादव एवं सचिव सीए यश गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन आज के दौर में वित्तीय नेतृत्व की विस्तृत होती भूमिका, तकनीकी प्रगति और कॉर्पोरेट रणनीतियों में हो रहे निरंतर बदलाव को समझने का एक सार्थक मंच रहा है । इसका उद्देश्य सीएफओ के बीच प्रभावी नेटवर्किंग, ज्ञान-संवर्धन और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था। उन्होंने यह भी कहा कि जयपुर शाखा भविष्य में भी इसी तरह केरिलेवेंट, इनोवेटिव और प्रैक्टिकल आयोजनों के माध्यम से सदस्यों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगी।
जयपुर शाखा के उपाध्यक्ष और प्रोग्राम कन्वेनर सीए राजा मौरध्वज शर्मा ने बताया कि यह आयोजन कॉर्पोरेट नेतृत्व, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में हो रहे निरंतर परिवर्तनों पर विचार-विमर्श हेतु एक सार्थक और प्रभावी मंच प्रदान करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन ज्ञानवर्धन, नेटवर्किंग और व्यावसायिक दृष्टिकोण के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
मुख्य अतिथि सतीश कुमार गर्ग (प्रिंसिपल ऑडिटर जनरल, राजस्थान) एवं विशिष्ट अतिथि आत्मा सर (आर.ओ.सी.-राजस्थान) ने कहा कि वर्तमान दौर में सीएफओ की भूमिका केवल वित्तीय प्रबंधन तक सीमित न रहकर पालिसी निर्धारण, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, रिस्क मैनेजमेंट और सतत विकास की दिशा में निर्णायक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच सीएफओ को नवीनतम तकनीकी रुझानों, रेगुलेटरी परिवर्तनों एवं ग्लोबल मानकों से अपडेट रहने का अवसर प्रदान करते हैं।
जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए विकास यादव एवं सचिव सीए यश गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन आज के दौर में वित्तीय नेतृत्व की विस्तृत होती भूमिका, तकनीकी प्रगति और कॉर्पोरेट रणनीतियों में हो रहे निरंतर बदलाव को समझने का एक सार्थक मंच रहा है । इसका उद्देश्य सीएफओ के बीच प्रभावी नेटवर्किंग, ज्ञान-संवर्धन और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था। उन्होंने यह भी कहा कि जयपुर शाखा भविष्य में भी इसी तरह केरिलेवेंट, इनोवेटिव और प्रैक्टिकल आयोजनों के माध्यम से सदस्यों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगी।
जयपुर शाखा के उपाध्यक्ष और प्रोग्राम कन्वेनर सीए राजा मौरध्वज शर्मा ने बताया कि यह आयोजन कॉर्पोरेट नेतृत्व, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में हो रहे निरंतर परिवर्तनों पर विचार-विमर्श हेतु एक सार्थक और प्रभावी मंच प्रदान करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन ज्ञानवर्धन, नेटवर्किंग और व्यावसायिक दृष्टिकोण के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
"बिज़नेस डेवलपमेंट और रणनीति को आगे बढ़ाने में सीएफओ की भूमिका" विषय पर एक गहन और अंतर्दृष्टिपूर्ण पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस में सीए सुमित मालू, सीए नितिन पनवाड़, सीए सुनील पांडेय और सीए सुमित जैन जैसे अनुभवी विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। पैनलिस्टों ने सीएफओ की पारंपरिक भूमिका को पुनर्परिभाषित करते हुए उन्हें केवल वित्तीय संरक्षक नहीं, बल्कि आज के समय में बिज़नेस लीडर, रणनीतिक मार्गदर्शक, और डिजिटल इनोवेशन के प्रेरक के रूप में प्रस्तुत किया।
सेशन चेयरमैन सीए भूपेंद्र मंत्री ने सीएफओ की भूमिका में आ रहे परिवर्तनों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे आज का सीएफओ न केवल कॉस्ट कंट्रोल और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग तक सीमित है, बल्कि वह व्यावसायिक निर्णयों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। दूसरे सत्र में "कॉर्पोरेट जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव" पर गहन एवं समसामयिक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें सीए अभिषेक कनोरिया, सीए सौरभ शर्मा, सीए सौरभ जैन और सीए गोपाल फोफलिया ने भाग लिया।
पैनलिस्टों ने बताया कि ए आई अब बिज़नेस की कार्यप्रणाली और रणनीति का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, विशेष रूप से डेटा एनालिटिक्स, जोखिम मूल्यांकन, कस्टमर अनुभव और फाइनेंशियल ऑटोमेशन में। पैनलिस्टों का मानना था कि आने वाले वर्षों में AI, सीएफओ को तेजी से बदलते बिज़नेस सिनेरियो में सटीक और त्वरित निर्णय लेने, गतिशील रेगुलेटरी परिवर्तनों से निपटने, तथा इनोवेशन को संस्थागत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सेशन चेयरमैन सीए हिमांशु गोयल ने चर्चा का संचालन करते हुए AI की उपयोगिता और नैतिकता के संतुलन पर गहन विचार प्रस्तुत किए।

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