राजस्थान से होता है 2 बिलियन अमरिकी डॉलर का रत्न एवं आभूषण एक्सपोर्ट
० आशा पटेल ०
जयपुर | रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) द्वारा जयपुर में रत्न एवं आभूषण के उत्पादन और निर्यात से जुड़े उद्धयमियों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर महानिदेशक, डीजीएफ़टी, दिल्ली, वृंदा मनोहर देसाई ने कहा कि उद्योग को गुणवत्ता, ट्रेसेबिलिटी और ब्रांडिंग पर फोकस करने का आग्रह किया ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत अग्रणी बना रहे।
जयपुर | रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) द्वारा जयपुर में रत्न एवं आभूषण के उत्पादन और निर्यात से जुड़े उद्धयमियों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर महानिदेशक, डीजीएफ़टी, दिल्ली, वृंदा मनोहर देसाई ने कहा कि उद्योग को गुणवत्ता, ट्रेसेबिलिटी और ब्रांडिंग पर फोकस करने का आग्रह किया ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत अग्रणी बना रहे।
श्रीमती देसाई ने कहा कि उद्योग द्वारा दिए गए सुझावों को आवश्यक नीति सुधार के लिए प्रयास किये जाये ताकि निर्यात में वृद्धि हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि डीजीएफ़टी निर्यातकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। संयुक्त DGFT, जयपुर अभिषेक शर्मा एवं मोइन आफाक ने उपस्थित प्रतिभागियों को भारत के लिए उभरते अवसरों जैसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, ई कॉमर्स के माध्यम से रिटेल एक्सपोर्ट और अन्य नीतिगत उपायों की जानकारी दी। उन्होने कहा कि इन अवसरों का उद्धयमी अपने निर्यात विस्तार के लिए उपयोग कर सकता है।
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र गर्ग ने बताया कि राजस्थान का रत्न एवं आभूषण निर्यात 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है और पिछले पांच वर्षों में निर्यात लगभग चार गुना बढ़ा है। उन्होंने परिषद के नए मेगा स्किलिंग प्रोग्राम ‘तरंग’, भारत रत्नम मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर (BRMCFC), इंटरनेशनल जेम्स एंड ज्वैलरी शो (IGJS) को निर्यात केंद्रित शो बनाने और परिषद की लैब को ग्लोबल लैब बनाने के विजन की जानकारी दी।


टिप्पणियाँ