यूपीएससी : नवीन प्रवृत्तियाँ और चुनौतियाँ विषय पर सेमिनार

०  आशा पटेल ० 
जयपुर l गौतम बुद्धा ग्रामीण विकास संस्थान, नई दिल्ली के सौजन्य से एमजी इंग्लिश इंटरनेशनल स्कूल, बगरू, जगपुर में "बदलते परिदृश्य में UPSC: नवीन प्रवृत्तियाँ एवं चुनौतियाँ" विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्देश्य छात्रों को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में आ रहे बदलावों और उनसे निपटने की रणनीति के बारे में जानकारी प्रदान करना था।
सेमिनार के मुख्य अतिथि यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डी.पी. अग्रवाल रहे। उनके साथ यूपीएससी 2024 बैच के सफल IRS अधिकारी अंकित आनंद, असिस्टेंट कमिश्नर (GST, राजस्थान) मोना शर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के. तनवीर, GBRDF नई दिल्ली के निदेशक विलास कुमार, बगरु के SHO मोतीलाल शर्मा, और एमजी इंग्लिश इंटरनेशनल स्कूल, बगरू के निदेशक मनीष गुप्ता सहित कई नागरिक उपस्थित थे।
सभी अतिथियों ने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। गौतम बुद्धा ग्रामीण विकास फाउंडेशन द्वारा संचालित 'अभियान-40 (आईएएस)' और एमजी इंग्लिश इंटरनेशनल स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देना और समाज के लिए ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ एवं संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी तैयार करना है।

फाउंडेशन के निदेशक विलास कुमार ने बताया कि गौतम बुद्धा ग्रामीण विकास फाउंडेशन के अंतर्गत 'अभियान-40 (आईएएस)' की शुरुआत की गई है, जिसकी अब बिहार, लखनऊ, दिल्ली और जयपुर में कुल पांच शाखाएं संचालित हो रही हैं। फाउंडेशन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेज की निःशुल्क कोचिंग प्रदान करता है और गरीब तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। अब तक, उनकी पहल से एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इस कठिन कार्य में प्रोफेसर डी.पी. अग्रवाल के सहयोग और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।

विलास कुमार ने फाउंडेशन की गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण, मानवाधिकार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कल्याणकारी कार्य शामिल हैं। उन्होंने जयपुर में भी पर्यावरण के क्षेत्र में सार्थक पहल करने की इच्छा व्यक्त की और इसके लिए स्कूल के निदेशक तथा अन्य गणमान्य लोगों से सहयोग की अपेक्षा की। 
पीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डी.पी. अग्रवाल ने अभियान-40 (आईएएस) के बोरिंग रोड शाखा में आयोजित सेमिनार में छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि भाषा महज ज्ञान प्रकट करने का एक माध्यम है, न कि ज्ञान मापने का। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूपीएससी में सफलता के लिए भाषा बाधा नहीं है।

उन्होंने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में किसी भी माध्यम से प्रश्न पत्रों को हल करने से कोई फर्क नहीं पड़ता, आवश्यकता इस बात की है कि उम्मीदवार समग्र दृष्टिकोण रखते हों।प्रो. अग्रवाल ने हिंदी माध्यम के लिए गुणवत्तापूर्ण पठन सामग्री के विकास की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि अधिक से अधिक विद्वानों को इसमें शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि एक समय ऐसा आएगा जब हिंदी भाषी छात्र अपनी खोई हुई गरिमा को पुनः प्राप्त करेंगे और सिविल सेवाओं में हिंदी भाषा से भी अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।

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