सर्वोदय हॉस्पिटल, घुटनों के रिप्लेसमेंट के लिए आधुनिक ऐक्टिव जॉइंट रिप्लेसमेंट रोबोट
० नूरुद्दीन अंसारी ०
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सर्वोदय हॉस्पिटल ने घुटने के प्रत्यारोपण (रिप्लेसमेंट) के लिए एक अत्याधुनिक और पूरी तरह से सक्रिय रोबोटिक सिस्टम (मिसो) लॉन्च किया है| यह एडवांस्ड तकनीक इलाज को और ज्यादा सटीक और आसान बनाती है। इस नई सुविधा से जोड़ों के दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत झेल रहे लोगों को बहुत राहत मिलेगी और वे जल्दी ठीक होकर अपने सामान्य जीवन में लौट पाएंगे।
डॉ. अंकुर सिंह, सीनियर कंसलटेंटएंड एंड हेड ऑर्थोपेडिक्स व जॉइंट रिप्लेसमेंट ने बताया, “जोड़ प्रत्यारोपण में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल ऑर्थोपेडिक सर्जरी में एक बड़ा बदलाव है। ये रोबोट सर्जन को बहुत ही सटीक और स्थिर ऑपरेशन करने में मदद करता है। इससे मांसपेशियों को कम नुकसान होता है और मरीज़ को जल्दी राहत मिलती है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि हर मरीज़ को उनकी जरूरत के हिसाब से खास इलाज मिल पाता है।”
सर्वोदय हेल्थकेयर के चेयरमैन - डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा, “सर्वोदय में हमारा उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि हर मरीज़ को बेहतरीन तकनीक और इलाज उनके अपने शहर में मिले। हम उत्तर भारत में पहला फुल्ली एक्टिव जॉइंट रिप्लेसमेंट रोबोट सर्वोदय हॉस्पिटल, फ़रीदाबाद में लाये थे| अब ग्रेटर नॉएडा में भी यह सुविधा हमने सभी मरीज़ों को उपलब्ध करवाई है। हमारा उद्देश्य यही है कि हम मरीज़ों को उनके नज़दीक ही बेहतर इलाज दे सकें और उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें|"
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सर्वोदय हॉस्पिटल ने घुटने के प्रत्यारोपण (रिप्लेसमेंट) के लिए एक अत्याधुनिक और पूरी तरह से सक्रिय रोबोटिक सिस्टम (मिसो) लॉन्च किया है| यह एडवांस्ड तकनीक इलाज को और ज्यादा सटीक और आसान बनाती है। इस नई सुविधा से जोड़ों के दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत झेल रहे लोगों को बहुत राहत मिलेगी और वे जल्दी ठीक होकर अपने सामान्य जीवन में लौट पाएंगे।
सर्वोदय हॉस्पिटल के डॉ. अंचित उप्पल, सीनियर कंसलटेंट एंड हेड-ऑर्थोपेडिक्स व रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट ने बताया,“भारत में जोड़ प्रत्यारोपण की मांग तेजी से बढ़ रही है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार हर साल इसमें 20–25% की वृद्धि हो रही है। इसकी बड़ी वजह बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का कमज़ोर होना, ऑस्टियोआर्थराइटिस और जीवनशैली से जुड़ी हड्डियों की समस्याएं है ।
पारंपरिक सर्जरी में मरीज़ को हॉस्पिटल में ज्यादा दिन रुकना पड़ता था और उन्हें ठीक होने में समय लगता था | लेकिन रोबोटिक तकनीक पारंपरिक सर्जरी से ज्यादा सटीक है। इसमें रोबोट की मदद से इम्प्लांट सटीकता से घुटने में लगाया जाता है जिससे कम चीरा लगता है, कम ब्लड लॉस होता है और मरीज़ सर्जरी के कुछ घंटे में ही चलने लगता है|"
डॉ. अंकुर सिंह, सीनियर कंसलटेंटएंड एंड हेड ऑर्थोपेडिक्स व जॉइंट रिप्लेसमेंट ने बताया, “जोड़ प्रत्यारोपण में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल ऑर्थोपेडिक सर्जरी में एक बड़ा बदलाव है। ये रोबोट सर्जन को बहुत ही सटीक और स्थिर ऑपरेशन करने में मदद करता है। इससे मांसपेशियों को कम नुकसान होता है और मरीज़ को जल्दी राहत मिलती है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि हर मरीज़ को उनकी जरूरत के हिसाब से खास इलाज मिल पाता है।”
सर्वोदय हेल्थकेयर के चेयरमैन - डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा, “सर्वोदय में हमारा उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि हर मरीज़ को बेहतरीन तकनीक और इलाज उनके अपने शहर में मिले। हम उत्तर भारत में पहला फुल्ली एक्टिव जॉइंट रिप्लेसमेंट रोबोट सर्वोदय हॉस्पिटल, फ़रीदाबाद में लाये थे| अब ग्रेटर नॉएडा में भी यह सुविधा हमने सभी मरीज़ों को उपलब्ध करवाई है। हमारा उद्देश्य यही है कि हम मरीज़ों को उनके नज़दीक ही बेहतर इलाज दे सकें और उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें|"
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