जेईसीसी में रत्न आभूषणों का संसार शुभारंभ किया उपमुख्‍यमंत्री दिया कुमारी ने

० आशा पटेल ० 
जयपुर | ज्वैलर्स एसोसिएशन के शो जस- 2025 का उद्घाटन उपमुख्‍यमंत्री दिया कुमारी ने किया। उद्घाटन समारोह के मुख्‍य अतिथि टाइटन (तनिष्‍क ) के एमडी सीके वेंकटरमन थे। ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्‍यक्ष आलोक सोंखिया, उपाध्‍यक्ष राजू मंगोड़ीवाला, महासचिव नीरज लूणावत, जस के संयोजक अशोक माहेश्वरी ने दोनों अतिथियों का स्‍वागत किया। दिया कुमारी ने कहा कि रत्न और आभूषण उद्योग न केवल राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कलात्मकता का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ भी है।
जयपुर के रत्न व्यवसाय की विश्वभर में पहचान है और यह लाखों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहे है। उन्होंने कहा कि जयपुर को आभूषण निर्माण और डिजाइनिंग का वैश्विक केंद्र बनाने का श्रेय महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय को जाता है। जिन्होंने दूर-दूर से कुशल कारीगरों को आमंत्रित कर गुलाबी नगरी को रत्न एवं आभूषण की राजधानी के रूप में स्थापित किया। जस- 2025 के माध्यम से राज्य के व्यापार, पर्यटन और एमएसएमई सेक्टर को भी नई दिशा मिल रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर का ज्वेलरी ट्रेड राजस्थान को $350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।
जस में टाइटन के एमडी सीके वेंकटरमन ने मुख्‍य अतिथि के तौर पर कहा कि रत्‍नाभूषण की दुनिया में जयपुर एक अनमोल रत्‍न है। यहां ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रयासों से सब लोग मिलकर इस इंडस्‍ट्री को जिस तरह से आगे बढ़ा रहे हैं, इस तरह के उदाहरण कम देखने को मिलते हैं। जयपुर की ज्वैलरी ओर रत्‍नाभूषणों पूरी दुनिया में तेजी से मशहूर हो रहे हैं। अब वक्‍त आ गया है कि जयपुर के सभी ज्वैलर्स मिलकर वैश्‍विक पटल पर जयपुर की ज्वैलरी को 'जयपुर ब्रांड' के तौर पर प्रमोट करें। 

क्‍योंकि जिस तरह की डिजाइनिंग जयपुर में हो रही है , उसकी डिमांड दुनिया के बड़े शहरों में तेजी से बढ़ रही है। वेंकटरमन ने ज्वैलर्स एसोसिएशन को दूसरा सुझाव दिया कि जयपुर की पारम्‍परिक कुंदन- मीना जैसे डिजाइन के लिए नई पीढ़ी के कारीगर तैयार किए जाएं। इसके लिए युवाओं को डिजाइनिंग , मैन्‍युफैक्‍चरिंग और बिजनेस में प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए।

नेशनल जेम्‍स- ज्वैलरी काउंसिल के चेयरमैन प्रमोद डेरेवाला ने कहा कि जस लगातार ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। काउंसिल की ओर से ज्वैलर्स एसोसिएशन को पूरा सहयोग मिलेगा। जयपुर में जेम बोर्स की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अभी तक भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक था, लेकिन जल्‍दी ही हम सोने के निर्यातक भी बनने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ हम देश में इंटरनल ज्वेलरी ट्रेड को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के अध्‍यक्ष आलोक सोंखिया ने जस- 2025 के समारोह में कहा कि जस- 2025 सफलता का कीर्तिमान बनाएगा। हर बार यह शो पिछले से बेहतर हो रहा है। आज जस देश के चुनिंदा ज्वैलरी शो में शामिल है। इससे जयपुर के रत्‍नाभूषण व्‍यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के उपाध्‍यक्ष और जस के सहसंयोजक राजू मंगोड़ीवाला का कहना है कि मुख्‍यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रोत्‍साहन से जस- 2025 जयपुर की ज्वैलरी बिजनेस में मील का पत्‍थर साबित होगा। इस बार शो में पूरे देश से सीरियस बायर आ रहे हैं। इतनी दूर से जो बायर आ रहे हैं, वो बड़ी बाइंग करने के लिए ही जस में आए हैं। उम्‍मीद है कि इस बार एग्जीबिटर्स को अच्‍छा बिजनेस मिलेगा।

जस के कन्‍वीनर अशोक माहेश्‍वरी का कहना है कि इस बार जस-2025 की थीम 'कनेक्‍ट टू सोर्स' रखी है। हम सभी वरिष्‍ठ ज्वैलर्स के अनुभव और युवा जोश को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। इसका परिणाम है कि इसबार 8 सौ होस्‍टेड बायर और 15 सौ प्री रजिस्‍टर्ड बायर जयपुर में आए हैं। जयपुर के सभी रत्‍न व्‍यवसायियों और आभूषण निर्माताओं के लिए यह शो बेहद फायदेमंद रहने वाला है। हमने इसबार सभी इंतजामों को और बेहतर करने का प्रयास किया है।

जस-2025 के समारोह में इंडो-थाई चैम्‍बर ऑफ कॉमर्स के साथ ज्वैलर्स एसोसिएशन का एमओयू साइन हुआ। इसमें इंडो- थाई चैम्‍बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन सुशील कुमार धानुका ने कहा कि इससे जयपुर और पूरे राजस्‍थान के ज्वैलरी और अन्‍य ट्रेड को थाइलेंड में व्‍यापार करने में मदद मिलेगी। इससे दोनों देशों के बीच व्‍यापारिक रिश्‍ते और मजबूत होंगे। उद्घाटन समारोह में ज्वैलर्स एसोसिएशन की मैगजीन और शो की गाइड बुक की भी लॉन्चिंग की गई।

इस बार 310 बूथों पर रंगीन रत्न और खूबसूरत रत्न आभूषणों का नायाब Display किया गया है। इसमें 185 बूथ जेमस्टोन और 125 बूथ ज्वेलरी के हैं। । जस 025 में जयपुर के सभी प्रतिष्ठित ज्वैलर और रत्न व्यवसायी ने अपने Booths लगाए हैं साथ ही दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, सूरत, बीकानेर, कोटा, मेरठ जैसे शहरों से भी 24 से ज्यादा एग्जीबिटर्स इसमें भाग ले रहे हैं। शो विजिट के दौरान होटल में ठहरने की व्यवस्था ज्वैलर्स एसोसिएशन की ओर से की गई है। सभी रत्नों का जस -2025, में अनूठा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें एमरेल्ड इस बार भी खास बना हुआ है, क्योंकि आज भी पूरी दुनिया मे जयपुर एकमात्र शहर हे जहां 95 प्रतिशत एमरेल्ड की प्रोसेसिंग मैन्युफैक्चरिंग होती है।

जस -2025 में इस बार जयपुर की कुंदन मीना पोलकी की जड़ाऊ ज्वेलरी का भव्य प्रदर्शन किया गया है। कुंदन मीना पोलकी के जड़ाऊ आभूषण जयपुर की पहचान हैं और विश्व भर में करोड़ों लोग जयपुर की कुंदन मीना पोलकी आभूषणों के दीवाने हैं। इस बार जयपुर के ज्वैलर्स ने जस -2025 के लिए कुंदन- मीना-पोलकी जड़ाऊ ज्वेलरी के लिए मॉडर्न डिजाइन और लेटेस्ट पैटर्न तैयार किए हैं, जिनका इस शो में प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा डायमंड और जैम स्टोन ज्वैलरी के सबसे शानदार डिजाइन इस शो में Display किए गए हैं।,जो कि देश- विदेश के ट्रेड बायर्स को काफी पसंद आ रहे हैं।

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