जयपुर की चावल पर सूक्ष्म लेखन कलाकार निरु छाबड़ा का हुआ सम्मान
० आशा पटेल ०
जयपुर / श्रवणबेलगोला। राजस्थान के जयपुर की चावल पर सूक्ष्म लेखन कलाकार एवं राष्ट्रीय मेरिट पुरस्कार से सम्मानित निरु छाबड़ा ने अपनी 46 वी वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर, अपने पति प्रदीप छाबड़ा के साथ, श्रवणबेलगोला में पूज्य भट्टारक अभिनव चारुकीर्ति स्वामीजी के सान्निध्य में अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस मौके पर श्रीमती छाबड़ा ने चावल के दानों पर सूक्ष्म लेखन से निर्मित दुर्लभ कलाकृतियाँ स्वामीजी को दिखाई ।
यह दिन श्रीमती छाबड़ा के लिए इसलिए भी विशेष रहा, क्योंकि यह उनके सूक्ष्म लेखन के 44 वर्षों के कला-सफर की स्मृति भी है। उन्होंने चावल के एक दाने पर ब्रश की सहायता से 108 अक्षर लिखने का कीर्तिमान स्थापित किया है, जो उनकी अद्वितीय प्रतिभा का प्रमाण है। राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि इस मौके पर भट्टारक स्वामी जी ने श्रीमति छाबड़ा सहित युगल दम्पति का शाॅल ओढाकर एवं साडी व प्रशस्ति पत्र भेट कर सम्मानित किया।
जयपुर / श्रवणबेलगोला। राजस्थान के जयपुर की चावल पर सूक्ष्म लेखन कलाकार एवं राष्ट्रीय मेरिट पुरस्कार से सम्मानित निरु छाबड़ा ने अपनी 46 वी वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर, अपने पति प्रदीप छाबड़ा के साथ, श्रवणबेलगोला में पूज्य भट्टारक अभिनव चारुकीर्ति स्वामीजी के सान्निध्य में अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस मौके पर श्रीमती छाबड़ा ने चावल के दानों पर सूक्ष्म लेखन से निर्मित दुर्लभ कलाकृतियाँ स्वामीजी को दिखाई ।
यह दिन श्रीमती छाबड़ा के लिए इसलिए भी विशेष रहा, क्योंकि यह उनके सूक्ष्म लेखन के 44 वर्षों के कला-सफर की स्मृति भी है। उन्होंने चावल के एक दाने पर ब्रश की सहायता से 108 अक्षर लिखने का कीर्तिमान स्थापित किया है, जो उनकी अद्वितीय प्रतिभा का प्रमाण है। राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि इस मौके पर भट्टारक स्वामी जी ने श्रीमति छाबड़ा सहित युगल दम्पति का शाॅल ओढाकर एवं साडी व प्रशस्ति पत्र भेट कर सम्मानित किया।
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