कॉइनस्विच द्वारा 'ब्लॉक बाय ब्लॉक' कानून और नीतियों के छात्रों के लिए पैन-इंडिया पेपर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता
o नुरुद्दीन अंसारी o
बेंगलुरु, कॉइनस्विच ने ‘ब्लॉक बाय ब्लॉक’ नाम से एक ऑनलाइन पेपर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता शुरू की है। यह प्रतियोगिता कानून और नीतियों के छात्रों के लिए है और इसमें वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों पर फोकस किया गया है। यह प्रतियोगिता लॉ फर्म ट्राइलीगल और एनयूजेएस कोलकाता के टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स लॉ सेंटर के साथ मिलकर करवाई जा रही है। प्रतियोगिता का मकसद छात्रों को मौका देना कि वे भारत में डिजिटल संपत्तियों के लिए नियम और कानून बनाने में अपने विचार और नीतियाँ पेश करें। प्रतियोगिता में विषय "भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स/क्रिप्टोएसेट्स को बढ़ावा देने के लिए नीति पर सुझाव देना है।
कॉइनस्विच के सह-संस्थापक आशीष सिंघल ने कहा, “कॉइनस्विच में हमारा मानना है कि जिम्मेदार नवाचार के लिए उद्योग, अकादमिक जगत और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग आवश्यक है। 'ब्लॉक बाय ब्लॉक' हमारा प्रयास है एक ऐसा मंच तैयार करने का, जहां अगली पीढ़ी के कानूनी और नीति विशेषज्ञ भारत के बढ़ते वेब3 इकोसिस्टम में सार्थक योगदान दे सकें। वेब3 लगातार विकसित हो रहा है और ऐसे में यह जरूरी है कि हम इस इकोसिस्टम का निर्माण सोच-समझकर करें।
कानून और उभरती तकनीकों के अध्ययन के लिए एक ऐसा मंच है जो छात्रों को डिजिटल एसेट रेगुलेशन से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों पर काम करने का अवसर देता है। इस प्रकार की पहलें न केवल शैक्षणिक दृढ़ता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि हमारे छात्रों को भारत में टेक नीति के भविष्य में सक्रिय भागीदार बनने के लिए तैयार भी करती हैं,” डॉ. शमीक सेन, प्रोफेसर, द सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट एंड स्पोर्ट्स लॉ, एनयूजेएस कोलकाता.
हम उभरती तकनीकों, विशेष रूप से डिजिटल एसेट्स, पर प्रगतिशील कानूनी नेतृत्व के विकास में योगदान देने में विश्वास रखते हैं। कॉइनस्विच के साथ इस पहल में साझेदारी कर हम उत्साहित हैं, क्योंकि यह भविष्य के वकीलों और नीति निर्माताओं को इस विकसित हो रहे परिसंपत्ति वर्ग से जुड़े कानूनी विमर्श में भाग लेने और उसे आकार देने के लिए प्रेरित करती है, जयदीप रेड्डी, पार्टनर, ट्राइलीगल
प्रतियोगिता का लॉन्च 25 जुलाई को हुआ है, और इसमें प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 10 सितंबर, 2025 तक है (कुल 6 सप्ताह की समयावधि)। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत पेपर्स की अधिकतम शब्द सीमा 5,000 शब्द होगी (फुटनोट्स को छोड़कर)। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन प्रमुख मानदंडों के आधार पर किया जाएगा: • मौलिकता और नवीनता • शोध और प्रमाण • विश्लेषणात्मक सटीकता • संरचना की स्पष्टता • फॉर्मेटिंग दिशानिर्देशों का पालन प्रतियोगिता में सह-लेखन की अनुमति है, जिसमें प्रत्येक प्रविष्टि में अधिकतम दो प्रतिभागी हो सकते हैं।
बेंगलुरु, कॉइनस्विच ने ‘ब्लॉक बाय ब्लॉक’ नाम से एक ऑनलाइन पेपर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता शुरू की है। यह प्रतियोगिता कानून और नीतियों के छात्रों के लिए है और इसमें वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों पर फोकस किया गया है। यह प्रतियोगिता लॉ फर्म ट्राइलीगल और एनयूजेएस कोलकाता के टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स लॉ सेंटर के साथ मिलकर करवाई जा रही है। प्रतियोगिता का मकसद छात्रों को मौका देना कि वे भारत में डिजिटल संपत्तियों के लिए नियम और कानून बनाने में अपने विचार और नीतियाँ पेश करें। प्रतियोगिता में विषय "भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स/क्रिप्टोएसेट्स को बढ़ावा देने के लिए नीति पर सुझाव देना है।
कॉइनस्विच के सह-संस्थापक आशीष सिंघल ने कहा, “कॉइनस्विच में हमारा मानना है कि जिम्मेदार नवाचार के लिए उद्योग, अकादमिक जगत और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग आवश्यक है। 'ब्लॉक बाय ब्लॉक' हमारा प्रयास है एक ऐसा मंच तैयार करने का, जहां अगली पीढ़ी के कानूनी और नीति विशेषज्ञ भारत के बढ़ते वेब3 इकोसिस्टम में सार्थक योगदान दे सकें। वेब3 लगातार विकसित हो रहा है और ऐसे में यह जरूरी है कि हम इस इकोसिस्टम का निर्माण सोच-समझकर करें।
आकर्षक नकद पुरस्कार: कुल पुरस्कार राशि ₹1.5 लाख, जिसमें विजेता को ₹75,000, प्रथम उपविजेता को ₹50,000 और द्वितीय उपविजेता को ₹25,000 दिए जाएंगे। प्रकाशन के अवसर: विजेता पेपर को प्रतिष्ठित एनयूजेएस लॉ रिव्यू में प्रकाशन के लिए विचार किया जाएगा। प्रमाण पत्र एवं मान्यता: शीर्ष तीन प्रतिभागियों को "प्रशंसा प्रमाणपत्र" प्रदान किया जाएगा, जबकि शेष दो फाइनलिस्ट को "भागीदारी प्रमाणपत्र" दिए जाएंगे—जो उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रोफाइल में मूल्यवर्धन करेंगे।
कानून और उभरती तकनीकों के अध्ययन के लिए एक ऐसा मंच है जो छात्रों को डिजिटल एसेट रेगुलेशन से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों पर काम करने का अवसर देता है। इस प्रकार की पहलें न केवल शैक्षणिक दृढ़ता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि हमारे छात्रों को भारत में टेक नीति के भविष्य में सक्रिय भागीदार बनने के लिए तैयार भी करती हैं,” डॉ. शमीक सेन, प्रोफेसर, द सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट एंड स्पोर्ट्स लॉ, एनयूजेएस कोलकाता.
हम उभरती तकनीकों, विशेष रूप से डिजिटल एसेट्स, पर प्रगतिशील कानूनी नेतृत्व के विकास में योगदान देने में विश्वास रखते हैं। कॉइनस्विच के साथ इस पहल में साझेदारी कर हम उत्साहित हैं, क्योंकि यह भविष्य के वकीलों और नीति निर्माताओं को इस विकसित हो रहे परिसंपत्ति वर्ग से जुड़े कानूनी विमर्श में भाग लेने और उसे आकार देने के लिए प्रेरित करती है, जयदीप रेड्डी, पार्टनर, ट्राइलीगल
प्रतियोगिता का लॉन्च 25 जुलाई को हुआ है, और इसमें प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 10 सितंबर, 2025 तक है (कुल 6 सप्ताह की समयावधि)। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत पेपर्स की अधिकतम शब्द सीमा 5,000 शब्द होगी (फुटनोट्स को छोड़कर)। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन प्रमुख मानदंडों के आधार पर किया जाएगा: • मौलिकता और नवीनता • शोध और प्रमाण • विश्लेषणात्मक सटीकता • संरचना की स्पष्टता • फॉर्मेटिंग दिशानिर्देशों का पालन प्रतियोगिता में सह-लेखन की अनुमति है, जिसमें प्रत्येक प्रविष्टि में अधिकतम दो प्रतिभागी हो सकते हैं।
टिप्पणियाँ