केबी सहाय की प्रतिमा को खंडित करने वालों को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग
o योगेश भट्ट o
नई दिल्ली । झारखंड के हजारीबाग में देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्मृति शेष कृष्ण बल्लभ सहाय की आदमकद प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने की घटना पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) ने गहरी नाराजगी जताई है और इस घटना में शामिल दोषियों का पता लगाकर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है । ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार ,
नई दिल्ली । झारखंड के हजारीबाग में देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्मृति शेष कृष्ण बल्लभ सहाय की आदमकद प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने की घटना पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) ने गहरी नाराजगी जताई है और इस घटना में शामिल दोषियों का पता लगाकर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है । ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार ,
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर एवं बिहार प्रदेश अध्यक्ष दीपक अभिषेक ने जारी बयान में कहा कि हजारीबाग के संत कोलंबस कॉलेज के सामने स्थापित केबी सहाय की आदमकद प्रतिमा को खंडित किए जाने की शर्मनाक घटना घटी है और यह ऐतिहासिक विरासत का अपमान तथा सामाजिक मूल्यों पर हमला है । बयान में कहा गया है कि केबी सहाय जैसे महामानव की प्रतिमा को खंडित करना न केवल शर्मनाक है बल्कि राष्ट्र के गौरव पर सीधा प्रहार है ।
जीकेसी की ओर से मांग की गई है कि मामले में दोषियों को गिरफ्तार कर शीघ्र उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए और कड़ी से कड़ी सजा दी जाए । बयान में झारखंड सरकार और हजारीबाग जिला प्रशासन से खंडित प्रतिमा की तत्काल मरम्मत किए जाने और उसकी पुनर्स्थापना की भी मांग की गई है ।
जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमल किशोर ने कहा कि यह घटना ऐतिहासिक स्मारकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करती है । उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति भविष्य में न हो, इसके लिए प्रभावी निगरानी , सीसीटीवी कैमरे और स्मारक स्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित किया जाना भी जरूरी है ।
गौरतलब है कि कृष्ण बल्लभ सहाय ने न सिर्फ देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी बल्कि उनके नेतृत्व में संयुक्त बिहार में बरौनी रिफाइनरी , बोकारो स्टील प्लांट , तिलैया सैनिक स्कूल जैसे दर्जनों बड़े संस्थान, प्रतिष्ठान स्थापित किए गए जो आज भी उनकी दूरदर्शिता और जन सेवा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है ।
जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमल किशोर ने कहा कि यह घटना ऐतिहासिक स्मारकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करती है । उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति भविष्य में न हो, इसके लिए प्रभावी निगरानी , सीसीटीवी कैमरे और स्मारक स्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित किया जाना भी जरूरी है ।
गौरतलब है कि कृष्ण बल्लभ सहाय ने न सिर्फ देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी बल्कि उनके नेतृत्व में संयुक्त बिहार में बरौनी रिफाइनरी , बोकारो स्टील प्लांट , तिलैया सैनिक स्कूल जैसे दर्जनों बड़े संस्थान, प्रतिष्ठान स्थापित किए गए जो आज भी उनकी दूरदर्शिता और जन सेवा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है ।
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