वित्तीय समावेशन और संतृप्ति हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय राष्ट्रव्यापी अभियान
जयपुर | सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय समावेशन और जानकारी प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक पूरे राजस्थान में तीन महीने का व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है। यह जानकारी बैंक ऑफ़ बड़ौदा के संयोजन में कार्यरत राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), राजस्थान एवं पीआईबी, जयपुर द्वारा बैंक के दुर्गापुरा स्थित अंचल कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई।
जयपुर अंचल के महाप्रबंधक एम. अनिल ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर तक बैंकिंग, बीमा और पेंशन जैसी आवश्यक वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और संबंधित योजनाओं में पात्र नागरिकों को योजना के तहत नामांकित करना है। अभियान के प्रमुख घटकों में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत मौजूदा निष्क्रिय बैंक खातों का पुन: सत्यापन, उन व्यक्तियों के लिए नए बैंक खाते खोलना,
अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सेवानिवृत्ति के समय स्वैच्छिक बचत को प्रोत्साहित करता है और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक प्रति माह की सहायता राशि की व्यवस्था करता है, जिससे ग्राहक की वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है। राजस्थान में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के संयोजक होने के नाते बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने वित्तीय सेवाएं विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी निर्देशों को आवश्यक कार्रवाई और अनुपालन के लिए राज्य के सभी बैंकों और अग्रणी जिला प्रबंधकों को प्रसारित किया है।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक (एसएलबीसी) आर. के. मीना ने बताया कि इस अभियान का समन्वय अग्रणी जिला प्रबंधकों द्वारा संबंधित जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के समग्र मार्गदर्शन और निर्देशों के तहत किया जा रहा है। किसी विशेष ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिले की जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) द्वारा अग्रणी जिला प्रबंधक के माध्यम से उस बैंक को सौंपी गई है, जिसकी उस पंचायत या उसके आसपास शाखा है।
अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव द्वारा भी बैठक की गई, जिन्होंने सभी जिलों के जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को क्षेत्रीय पदाधिकारियों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अभियान को बढ़ावा देना और लोगों को शिविर स्थलों पर व्यक्तिगत रूप से दावा संवितरण करते हुए पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई में नामांकन के लिए प्रोत्साहित करना।
इस अवसर पर एसएलबीसी संयोजक एवं बैंक के जयपुर अंचल के महाप्रबंधक एम. अनिल, अतिरिक्त उप महानिदेशक (पीआईबी) ऋतु शुक्ला, उप निदेशक (पीआईबी) धर्मेश भारती, उप महाप्रबंधक (एसएलबीसी) आर. के. मीना, बैंक के उप महाप्रबंधक (व्यवसाय विकास) अतुल कुमार कर्ण, उप महाप्रबंधक (अनुपालन एवं आश्वासन) सुश्री रूचि शिवलिहा तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जयपुर अंचल के महाप्रबंधक एम. अनिल ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर तक बैंकिंग, बीमा और पेंशन जैसी आवश्यक वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और संबंधित योजनाओं में पात्र नागरिकों को योजना के तहत नामांकित करना है। अभियान के प्रमुख घटकों में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत मौजूदा निष्क्रिय बैंक खातों का पुन: सत्यापन, उन व्यक्तियों के लिए नए बैंक खाते खोलना,
जिनके पास अभी तक खाता नहीं है, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में नामांकन को बढ़ावा देना शामिल है। इस अभियान के दौरान, देश के सभी जिलों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैंकों द्वारा राज्य प्रशासन और भारत सरकार के अन्य मंत्रालयों की सक्रिय भागीदारी के साथ विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वित्तीय समावेशन योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे।भारत सरकार की दो सामाजिक सुरक्षा योजनाएं;
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर समाज के हाशिए पर रह रहे लोगों को जीवन और दुर्घटना बीमा कवर प्रदान करना है। पीएमजेजेबीवाई के अंतर्गत किसी भी कारण से मृत्यु की स्थिति में 436/- रूपये के वार्षिक प्रीमीयम पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध है जबकि पीएमएसबीवाई के अंतर्गत मृत्यु या पूर्ण स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 20/- रूपये के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर और आंशिक स्थायी दिव्यांगता के मामले में 1 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध है। दोनों योजनाएं ऐसी परिस्थितियों में ग्राहकों और/या उनके परिवारों को बहुत जरूरी वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं।
अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सेवानिवृत्ति के समय स्वैच्छिक बचत को प्रोत्साहित करता है और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक प्रति माह की सहायता राशि की व्यवस्था करता है, जिससे ग्राहक की वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है। राजस्थान में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के संयोजक होने के नाते बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने वित्तीय सेवाएं विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी निर्देशों को आवश्यक कार्रवाई और अनुपालन के लिए राज्य के सभी बैंकों और अग्रणी जिला प्रबंधकों को प्रसारित किया है।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक (एसएलबीसी) आर. के. मीना ने बताया कि इस अभियान का समन्वय अग्रणी जिला प्रबंधकों द्वारा संबंधित जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के समग्र मार्गदर्शन और निर्देशों के तहत किया जा रहा है। किसी विशेष ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिले की जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) द्वारा अग्रणी जिला प्रबंधक के माध्यम से उस बैंक को सौंपी गई है, जिसकी उस पंचायत या उसके आसपास शाखा है।
अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव द्वारा भी बैठक की गई, जिन्होंने सभी जिलों के जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को क्षेत्रीय पदाधिकारियों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अभियान को बढ़ावा देना और लोगों को शिविर स्थलों पर व्यक्तिगत रूप से दावा संवितरण करते हुए पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई में नामांकन के लिए प्रोत्साहित करना।
हम सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने और अपने परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हैं। हम सभी से पुनः-केवाईसी के लिए आगे आने का आग्रह करते हैं, ऐसा न करने पर खातों को वित्तीय लेन-देन के लिए फ्रीज किया जा सकता है, जिससे खाताधारकों को असुविधा हो सकती है।
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