भाजपा की डबल इंजन की सरकार,लोकतंत्र को नहीं मानती : कांग्रेस

o संवाददाता द्वारा o 
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, जयपुर पर झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के कार्यकाल के 5 वर्ष पूर्ण होने तथा क्षेत्र में मण्डल, ब्लॉक तथा बूथ कमेटियों की नियुक्ति होने पर आभार व्यक्त किया। 
इसी प्रकार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नव-नियुक्त उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुकुल गोयल, पर्यावरण संरक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुशील पारीक, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भरत मेघवाल तथा अभव अभियोग प्रकोष्ठ की अध्यक्षा योगिता शर्मा ने अपने-अपने समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा से भेंट कर नियुक्ति करने पर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर रही है इन्हें खत्म करने का कार्य किया जा रहा है, ऐसी परिस्थिति में देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कार्य कर रही है तथा भाजपा के संविधान विरोधी कार्यों का पूरजोर तरीके से विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा सब को साथ लेकर चलने की है जबकि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा गोडसेवादी है जिसमें विरोधियों को गोली मारना, विरोधियों की आवाज दबाने की प्रवृत्ति के अनुरूप भाजपा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के विद्वान व्यक्ति को पहले एडीए सरकार ने राज्यपाल बनाया और उप राष्ट्रपति बनाया लेकिन ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हो गई कि उन्हें अपने कार्यकाल के बीच में ही इस्तीफा देना पड़ गया, 
यह लोकतांत्रिक प्रणाली पर प्रश्नचिन्ह है तथा देश में तानाशाही तरीके से सरकार चल रही है यह उजागर होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक ही एजेण्डा है कि किसान परिवारों को, दलितो, पिछड़ों, गरीब सवर्णों को भ्रमित करों, इनके वोट लो और इनमें से जो भाजपा की तानाशाही स्वीकार नहीं करें उसे सिस्टम से बाहर निकाल कर फेंक दो यह लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उप राष्ट्रपति का इस्तीफा हुआ है वह पूरे राजस्थान प्रदेश का अपमान है उनका इस्तीफा जिस प्रकार हुआ और यदि दबाव में हुआ है,
ये दोनों ही स्थितियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और प्रदेश में सभी 36 कौम को आज यह विश्वास हो गया है कि भाजपा की जो डबल इंजन की सरकार है यह लोकतंत्र को नहीं मानती है और तानाशाही की राह पर चल रहे है, असहमति रखने वालों को कुचलने का कार्य यह लोग करते हैं आने वाले समय में इसका भाजपा को नुकसान उठाना पड़ेगा क्योंकि इनकी कार्यप्रणाली इस प्रकार की है कि यूज एण्ड थ्रो इस्तेमाल करो और काम खत्म होने पर फेंक दो। इस प्रकार का उदाहरण प्रदेश में देखने को मिला जब भाजपा के लिए काम करने वाले सतीश पूनिया, 

 राजेन्द्र राठौड़, सी.पी. जोशी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे जिन्होंने प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने का कार्य किया उन्हें दरकिनार कर पर्ची भेज मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होनंे कहा कि भाजपा का काम ही यह है कि जो जनता को चाहने वाले या जिन्हें जनता पसंद करती हो उन्हें दरकिनार किया जाए, जनता जो काम चाहती हो उसे नजरअंदाज किया जाए।

उन्होनंे कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार संविधान के प्रावधानों को नजरअंदाज कर नगर निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव प्रदेश में नहीं करवा रही है संविधान में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव 5 वर्ष में करवाना अनिवार्य है उसी प्रकार संविधान में प्रावधान है कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव भी 5 वर्ष में करवाया जाना अनिवार्य है,

 इन प्रावधानों का उल्लंघन भाजपा की प्रदेश सरकार कर रही है वहीं केबिनेट मंत्री जो पुर्नसीमांकन समिति के मात्र सदस्य है, बयान दे रहे है कि दिसम्बर में चुनाव करवा देंगे लेकिन प्रश्न यह है कि वे किस हैसियत से ऐसा बयान दे रहे है जबकि वह न तो कमेटी के मुखिया है और ना ही पंचायती राज एवं नगर निकाय विभाग के मंत्री है। उन्होनंे कहा कि दिसम्बर तक तो ओबीसी आयोग की रिपोर्ट भी आना मुश्किल है ऐसे में किस आधार पर दिसम्बर में चुनाव करवाने की बात कह रहे है, यह समझ से परे है।

 उन्होनंे कहा कि जिन जिला परिषद् एवं 230 पंचायत समितियों का कार्यकाल दिसम्बर, 2026 और जनवरी, 2027 तक है उनके चुनाव समय पूर्व किस प्रावधान के अनुसार करवायेंगे, इसका भी जवाब भाजपा सरकार नहीं दे रही है। डोटासरा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में जो सड़कें बनी और जो विकास के कार्य पूर्ण हुए उनका भुगतान भाजपा की सरकार नहीं कर रही है। उन्होनंे कहा कि ऐसी परिस्थितियां दिख रही है दिसम्बर माह के पश्चात् सरकार के वित्तीय कुप्रबन्धन का परिणाम यह होगा कि सरकार कर्मचारियों को वेतन देने में भी असमर्थ हो जाएगी।

 उन्होनंे कहा कि प्रदेश की राजधानी जयपुर में यह हालात है कि मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ आमजनता की तकलीफें दूर करने के लिए सड़कों के गड्डे भर रहे है, प्रदेश में सरकार नहीं सर्कस चल रहा है।

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