ग्रिप इन्वेस्ट ने ‘इन्फाइनाईट’ का पहला ऑटो कम्पाउन्डिंग निवेश प्रोडक्ट लॉन्च किया
o नूरुद्दीन अंसारी o
नई दिल्ली : वन-स्टॉप डेस्टिनेशन ग्रिप इन्वेस्ट ने अपनी तरह का पहला रीइन्वेस्टमेन्ट प्रोडक्ट इन्फाइनाईट लॉन्च किया, जो बॉन्ड्स एवं एसडीआई जैसी फिक्स्ड रिटर्न असेट्स में कम्पाउंडिंग के ज़रिए निवेशकों को 30 फीसदी तक ज़्यादा रिटर्न देगा। इन्फाइनाईट, फिक्स्ड रिटर्न इन्स्ट्रुमेन्ट्स में रीइन्वेस्टमेन्ट की पुरानी परेशानी को हल करेगा। यह ऑटो-एसआईपी के ज़रिए मासिक बॉन्ड पेआउट को उच्च गुणवत्ता के डेब्ट म्युचुअल फंड्स में रूट कर, निवेशकों के लिए रीइन्वेस्टमेन्ट को आसान, सहज एवं सतत बनाएगा। इन्फाइनाईट सुनिश्चित करेगा कि रिटर्न के रूप में आने वाले हर ब्याज को फिर से इन्वेस्ट कर दिया जाए, जिससे बिना रूकावट पूंजी बढ़ती चली जाए।
निखिल अग्रवाल, संस्थापक एवं ग्रुप सीईओ, ग्रिप ने कहा, ‘‘बॉन्ड निवेशकों को अक्सर ब्याज की राशि को मैनुअल तरीकों से ट्रैक करना पड़ता है और रीइन्वेस्टमेन्ट के विकल्प देखने पड़ते हैं। उनकी पूंजी काम पर लगी रहे, इसके लिए उन्हें एक के बाद एक फैसले लेने होते हैं। इस तरह रीइन्वस्टमेन्ट की प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल रहती है, खासतौर पर रीटेल निवेशकों के लिए जिनके पास छोटी राशि के रिटर्न आते हैं। कई बार ये रिटर्न यूं ही पड़े रहते हैं। इस तरह वे कम्पाउडिंग की ताकत का फायदा नहीं उठा सकते और समय के साथ जिस तरह उनकी पूंजी बढ़नी चाहिए, वैसा नहीं हो पाता।’
निवेशकों की इसी ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए हम इन्फाइनाईट लेकर आए हैं जो बॉन्ड से हर महीने आने वाली ब्याज़ राशि को ऑटो-एसआईपी के ज़रिए क्युरेटेड म्युचुअल फंड में डाल देता है, इस तरह यह ऑटो-पायलट के रूप में कम्पाउन्डिंग की क्षमता का फायदा देता है। यह पैसिव रिटर्न को बिना लॉक-इन और बिना देरी किए एक्टिव कम्पाउन्डिंग में डाल देता है। इस तरह निवेशक को उसी पोर्टफोलियो से 30 फीसदी ज़्यादा रिटर्न मिलता है। हम रीटेल निवेशकों के लिए फिक्स्ड रिटर्न को सहज एवं सुलभ बनाने के मिशन के तहत यह प्रोडक्ट लेकर आए हैं जो निवेशक के व्यवहार के अनुसार काम करता है।’’
निवेशक सीधे ग्रिप प्लेटफॉर्म से इन्फाइनाईट के साथ जुड़ सकता है। इसे बॉन्ड खरीदने के समय एक्टिवेट किया जा सकता है या निवेशक अपने मौजूदा पोर्टफोलिया सेक्शन में जाकर इसे एक्टिवेट कर सकता है। इनेबल हो जाने के बाद ब्याज से आने वाला हर पेआउट खुद-बखुद उच्च गुणवत्ता के डेब्ट फंड में रीइन्वेस्ट हो जाता है। इस तरह बिना कोई मेहनत किए निवेशक के पोर्टफोलियो की गति बनी रहती है। रीइन्वेस्ट किए गए इस फंड को निवेशक जब चाहे निकाल सकता है अथवा ग्रिप प्लेटफॉर्म पर किसी दूसरे बॉन्ड या एसडीआई में डाल सकता है।
ग्रिप ने फिक्स्ड रिटर्न निवेश को बेहतर बनाने के अपने मिशन के तहत इस प्रोडक्ट का लॉन्च किया है, जो भारतीय निवेशकों की मुश्किलों को हल करेगा। रीइन्वेस्टमेन्ट को आसान बनाकर यह पूंजी को बढ़ाते रहने में मदद करेगा, जिससे बिना कुछ किए लॉन्ग टर्म में निवेशक की वेल्थ बढ़ती रहेगी। ग्रिप एक ऐसे भविष्य के निर्माण की दिशा में अग्रसर है- जो रीटेल निवेशकों के व्यवहार के अनुरूप सहज, सरल और सम्पूर्ण हो।
नई दिल्ली : वन-स्टॉप डेस्टिनेशन ग्रिप इन्वेस्ट ने अपनी तरह का पहला रीइन्वेस्टमेन्ट प्रोडक्ट इन्फाइनाईट लॉन्च किया, जो बॉन्ड्स एवं एसडीआई जैसी फिक्स्ड रिटर्न असेट्स में कम्पाउंडिंग के ज़रिए निवेशकों को 30 फीसदी तक ज़्यादा रिटर्न देगा। इन्फाइनाईट, फिक्स्ड रिटर्न इन्स्ट्रुमेन्ट्स में रीइन्वेस्टमेन्ट की पुरानी परेशानी को हल करेगा। यह ऑटो-एसआईपी के ज़रिए मासिक बॉन्ड पेआउट को उच्च गुणवत्ता के डेब्ट म्युचुअल फंड्स में रूट कर, निवेशकों के लिए रीइन्वेस्टमेन्ट को आसान, सहज एवं सतत बनाएगा। इन्फाइनाईट सुनिश्चित करेगा कि रिटर्न के रूप में आने वाले हर ब्याज को फिर से इन्वेस्ट कर दिया जाए, जिससे बिना रूकावट पूंजी बढ़ती चली जाए।
निखिल अग्रवाल, संस्थापक एवं ग्रुप सीईओ, ग्रिप ने कहा, ‘‘बॉन्ड निवेशकों को अक्सर ब्याज की राशि को मैनुअल तरीकों से ट्रैक करना पड़ता है और रीइन्वेस्टमेन्ट के विकल्प देखने पड़ते हैं। उनकी पूंजी काम पर लगी रहे, इसके लिए उन्हें एक के बाद एक फैसले लेने होते हैं। इस तरह रीइन्वस्टमेन्ट की प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल रहती है, खासतौर पर रीटेल निवेशकों के लिए जिनके पास छोटी राशि के रिटर्न आते हैं। कई बार ये रिटर्न यूं ही पड़े रहते हैं। इस तरह वे कम्पाउडिंग की ताकत का फायदा नहीं उठा सकते और समय के साथ जिस तरह उनकी पूंजी बढ़नी चाहिए, वैसा नहीं हो पाता।’
निवेशकों की इसी ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए हम इन्फाइनाईट लेकर आए हैं जो बॉन्ड से हर महीने आने वाली ब्याज़ राशि को ऑटो-एसआईपी के ज़रिए क्युरेटेड म्युचुअल फंड में डाल देता है, इस तरह यह ऑटो-पायलट के रूप में कम्पाउन्डिंग की क्षमता का फायदा देता है। यह पैसिव रिटर्न को बिना लॉक-इन और बिना देरी किए एक्टिव कम्पाउन्डिंग में डाल देता है। इस तरह निवेशक को उसी पोर्टफोलियो से 30 फीसदी ज़्यादा रिटर्न मिलता है। हम रीटेल निवेशकों के लिए फिक्स्ड रिटर्न को सहज एवं सुलभ बनाने के मिशन के तहत यह प्रोडक्ट लेकर आए हैं जो निवेशक के व्यवहार के अनुसार काम करता है।’’
निवेशक सीधे ग्रिप प्लेटफॉर्म से इन्फाइनाईट के साथ जुड़ सकता है। इसे बॉन्ड खरीदने के समय एक्टिवेट किया जा सकता है या निवेशक अपने मौजूदा पोर्टफोलिया सेक्शन में जाकर इसे एक्टिवेट कर सकता है। इनेबल हो जाने के बाद ब्याज से आने वाला हर पेआउट खुद-बखुद उच्च गुणवत्ता के डेब्ट फंड में रीइन्वेस्ट हो जाता है। इस तरह बिना कोई मेहनत किए निवेशक के पोर्टफोलियो की गति बनी रहती है। रीइन्वेस्ट किए गए इस फंड को निवेशक जब चाहे निकाल सकता है अथवा ग्रिप प्लेटफॉर्म पर किसी दूसरे बॉन्ड या एसडीआई में डाल सकता है।
ग्रिप प्लेटफॉर्म पर 15 से अधिक म्युचुअल फंड बॉन्ड के विकल्प उपलब्ध हैं। इन सब के साथ अब इन्फाइनाईट फिक्स्ड रिटर्न निवेशकों के लिए वन-स्टॉप इकोसिस्टम बन जाएगा। यह वन-टाईम निवेशक के दायरे से आगे बढ़कर डायनामिक, लॉन्ग-टर्म वेल्थ इंजन की तरह काम करेगा। निवेशकों को यील्ड एवं लिक्विडिटी में से कोई एक विकल्प चुनने की ज़रूरत नहीं रहेगी, वे अपने निवेश पर नियन्त्रण और सुविधा दोनों का अनुभव एक साथ पा सकेंगे। इन्फाइनाईट अपने आप में सब कुछ एक साथ लेकर आएगा।
ग्रिप ने फिक्स्ड रिटर्न निवेश को बेहतर बनाने के अपने मिशन के तहत इस प्रोडक्ट का लॉन्च किया है, जो भारतीय निवेशकों की मुश्किलों को हल करेगा। रीइन्वेस्टमेन्ट को आसान बनाकर यह पूंजी को बढ़ाते रहने में मदद करेगा, जिससे बिना कुछ किए लॉन्ग टर्म में निवेशक की वेल्थ बढ़ती रहेगी। ग्रिप एक ऐसे भविष्य के निर्माण की दिशा में अग्रसर है- जो रीटेल निवेशकों के व्यवहार के अनुरूप सहज, सरल और सम्पूर्ण हो।
टिप्पणियाँ