निर्वाचन आयोग चुप्पी साधे हुए है मतलब दाल में कुछ काला है : सचिन पायलट

O आशा पटेल O 
 जयपुर : वोट चोरी के खिलाफ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के द्वारा आयोजित पैदल मार्च में शामिल प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली , पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सभी विधायक  एवं हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। पैदल मार्च प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से शहीद स्मारक तक किया। सचिन पायलट ने कहा कि चुनाव आयोग के जवाब देने के बजाय बीजेपी आगे आकर चुनाव आयोग का बचाव कर रही है । 

राहुल गांधी से शपथ पत्र मांग रहे है। सरकार को इसमें नहीं पड़ना चाहिए । निर्वाचन आयोग की एक नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है कि एक एक वोट की पहचान हो कोई गड़बड़ी नहीं हो । राहुल गांधी  ने सिद्ध किया है । हमने सिर्फ कहा है कि जांच करिए। जांच करने के लिए तैयार नहीं है। जनता में जाकर हम इस बात को रख रहे है ताकि जनता को पता रहे कि वोट की चोरी बंद हो। कही सीटें ऐसी है जहां पर हजारों वोटों को जान बुझकर ऊपर नीचे किया गया है ।

 फर्जी वोट है नकली पते, लोगों के नाम काटे जा रहे है वोट से वंचित रखना और गलत वोट डलवाना इससे बड़ा पाप कोई नहीं हो सकता। मुख्य न्यायाधीश मेंबर थे उनको हटा दिया गया , क्यों हटाया । वोटर लिस्ट मांग रहे है देने को तैयार नहीं है। सीसीटीवी फुटेज आप नष्ट करने की बात की क्यों की आप प्रमाण नष्ट करना चाहते हो । राहुल गांधी जी ने जब चोरी पकड़ ली है । 

उसके बाद निर्वाचन आयोग कुछ नहीं बोल रहा । बीजेपी आगे आकर बचाव कर रही है । बीजेपी को क्या अधिकार है। वो राजनैतिक पार्टी है। निर्वाचन आयोग इस लोकतंत्र की आत्मा है। उसको सुरक्षित रखना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। निर्वाचन आयोग पर जब भी सवाल उठते है। तब आप जवाब देने के बजाय नोटिस देना चाहते है । राहुल गांधी जी से आप शपथपत्र मांग रहे है। लोक सभा में आप 200 सांसदों को हिरासत में ले रहे हो । 

राहुल गांधी और खड़के को आप गिरफ्तार कर रहे हो । हम कह रहे है कि जांच करो हमने आरोप नहीं लगाए गड़बड़ी दिखाई है। वो भी प्रमाण के साथ अगर उसके बाद भी निर्वाचन आयोग चुप्पी साधे हुए है। मतलब दाल में कुछ काला है। कुछ छुपाने की कोशिश कर रहे है। जैसा हमने कहा कि अभी अभियान चलेगा लम्बा । यह एक दिन का मार्च नहीं है जनता जागरूक है और जनता की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र में जो सवाल उठे है। 

उसका जवाब मांगना चाहती है। कल जैसा कहा कैंडल मार्च होगा । देशभर में आंदोलन होगे। कल दिल्ली में जो बैठक हुई उसमें निर्णय लिया गया है कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं है।यह देश के लोकतंत्र को सुरक्षित रखने का है। हार जीत होती रहती है लेकिन हजारों लाखों वोटो का आप नाम काट दे ।और निर्वाचन आयोग की जो स्वतंत्रता है , पारदर्शिता है वो संदेह के घेरे में है यह देश के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है।

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