पिंकसिटी प्रेस एन्क्लेव" पत्रकारों का JDA में जमा 1.10 करोड़ रु की धोखाधड़ी
० आशा पटेल ०
जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने 'पिंकसिटी प्रेस एन्क्लेव' योजना के नाम पर प्रदेश के 1109 पत्रकारों के साथ हुई धोखाधड़ी को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल पिछली अशोक गहलोत सरकार में पत्रकारों से दस-दस हजार रुपए का बुकिंग अमाउंट जमा कराया गया था। लेकिन, अब JDA ने शपथ पत्र देकर यह दावा किया है कि प्राधिकरण ने किसी भी पत्रकार से कोई भी अग्रिम या बुकिंग राशि जमा नहीं की है। इस खुलासे के बाद सवाल उठ रहा है कि अगर JDA ने पैसा नहीं लिया तो 1.10 करोड़ रुपए गए कहां और किसके पास हैं? यह चौंकाने वाला खुलासा JDA के उपायुक्त जगदीश नारायण यादव द्वारा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में प्रस्तुत किए गए एक शपथ पत्र से हुआ है। इस शपथ पत्र में JDA ने साफ तौर पर कहा है कि नायला स्थित इस योजना के लिए किसी से कोई बुकिंग राशि जमा नहीं कराई गई है। मजेदार बात यह है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के तुरंत बाद JDA की वेबसाइट से भी इस योजना को गुपचुप तरीके से हटा दिया गया था।
1 अक्टूबर 2023 को रविवार के दिन गहलोत सरकार ने आनन-फानन में इस योजना की घोषणा की थी। बिना किसी सार्वजनिक सूचना के, गांधी जयंती के दिन भी आवेदन लिए गए और सिर्फ दो दिनों में 1109 आवेदन जमा कर लिए गए। इन आवेदकों से 10-10 हजार रुपए की राशि भी ली गई थी। लेकिन, 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट द्वारा यथास्थिति के आदेश दिए जाने के बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया था। अब जेडीए के इस नए दावे ने जयपुर के पत्रकारों के बीच बेचैनी बढ़ा दी है।
कई पत्रकारों ने जब JDA के जोन-13 में जाकर अपने जमा पैसे वापस मांगे तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। यह पूरा मामला पिछली सरकार के कार्यकाल के अंतिम 6 महीनों के दौरान लिए गए फैसलों की जांच के भाजपा सरकार के वादे पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, बीजेपी सरकार ने ऊर्जा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का भी गठन किया था, लेकिन डेढ़ साल बाद भी उसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है।
यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2010 की 'पिंकसिटी प्रेस एन्क्लेव' योजना के 571 पत्रकारों को भी आज तक भूखंडों का कब्जा नहीं मिला है, जबकि हाईकोर्ट ने आवंटन करने के निर्देश दिए थे। JDA के अधिकारियों पर पहले भी 'क्लेरिकल मिस्टेक' के नाम पर कई गुनाह छुपाने का आरोप लगा है।


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