NSUI Protest सरकार को छात्र संघ के चुनाव कराने ही होंगें : सचिन पायलट
० आशा पटेल ०
जयपुर के शहीद स्मारक पर NSUI ने राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी, विधायक ललित यादव, मुकेश भाकर, अभिमन्यु पूनिया, मनीष यादव, पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन और हल्के बल का प्रयोग किया। इस दौरान सचिन पायलट भी पानी की बौछारों की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि NSUI के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया ।
सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में चुनाव की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है । हार या जीत बाद में तय होती है । लेकिन नौजवानों को चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं दिया जा रहा है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है जो छात्र संघ चुनाव नहीं करवाए जा रहे है । सरकार पालिका और पंचायत के चुनाव भी नहीं करवा रही है । देरी पर देरी हो रही है। याद रखे । जिस जिसने नौजवान को दबाया है वो ज्यादा नहीं चला है।
सरकार को चुनाव कराने पड़ेंगे हम सभी लोग आपके साथ है। आगे कहा कि राजस्थान में किसकी चल रही है । किसी को नहीं मालूम अफसरशाही हावी है । सलाह देने वाले मुख्यमंत्री को बोल रहे है कि चुनाव मत कराओ। यह सीख दिल्ली से आ रही है। दिल्ली में विपक्ष का मुंह बंद करने की साजिश हो रही है । नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इंडिया अलाइंस के नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते है । तानाशाही रवैये की छाया दिल्ली से जयपुर की और तेजी से बढ़ रही है। लेकिन मैं मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहना चाहता हु कि ये रवैया सही नहीं है ।
प्रदर्शन में शामिल विधायक अभिमन्यु पूनिया ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर किसी भी छात्र पर मुकदमा दर्ज किया गया, तो कांग्रेस इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि हम हर कीमत पर छात्रसंघ चुनाव बहाल कराएंगे। वहीं, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने जोर देकर कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं के लिए बेहद जरूरी हैं, क्योंकि ये मंच उन्हें नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर देता है। भाकर ने आगामी दिनों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
शाहपुरा विधायक और राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष मनीष यादव ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है। सचिन पायलट देश के युवाओं की आवाज हैं और हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे।
जयपुर के शहीद स्मारक पर NSUI ने राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी, विधायक ललित यादव, मुकेश भाकर, अभिमन्यु पूनिया, मनीष यादव, पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन और हल्के बल का प्रयोग किया। इस दौरान सचिन पायलट भी पानी की बौछारों की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि NSUI के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया ।
सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में चुनाव की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है । हार या जीत बाद में तय होती है । लेकिन नौजवानों को चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं दिया जा रहा है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है जो छात्र संघ चुनाव नहीं करवाए जा रहे है । सरकार पालिका और पंचायत के चुनाव भी नहीं करवा रही है । देरी पर देरी हो रही है। याद रखे । जिस जिसने नौजवान को दबाया है वो ज्यादा नहीं चला है।
सरकार को चुनाव कराने पड़ेंगे हम सभी लोग आपके साथ है। आगे कहा कि राजस्थान में किसकी चल रही है । किसी को नहीं मालूम अफसरशाही हावी है । सलाह देने वाले मुख्यमंत्री को बोल रहे है कि चुनाव मत कराओ। यह सीख दिल्ली से आ रही है। दिल्ली में विपक्ष का मुंह बंद करने की साजिश हो रही है । नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इंडिया अलाइंस के नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते है । तानाशाही रवैये की छाया दिल्ली से जयपुर की और तेजी से बढ़ रही है। लेकिन मैं मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहना चाहता हु कि ये रवैया सही नहीं है ।
लोकतंत्र में आपको संविधान पर विश्वास रखना पड़ेगा । आप कब तक इलेक्शन न करवाकर इन लाखों लोगों की आवाज को बंद रखेंगे। मैं सरकार से पूछना चाहता हु कि आखिर आपने चुनाव क्यों नहीं कराए। अगर चुनाव का आयोजन नहीं करा रहे है ।तो इसका कारण तो बताते । लेकिन बीजेपी सरकार है जिसे पता है 5 साल कुछ भी करो चुनाव में हिंदू मुस्लिम करके जनता के वोट हासिल कर लेते है । पता नहीं कौन मुख्यमंत्री को सलाह दे रहा है ग्रामीण इलाकों में विकास रुक चुका है । चुनाव रोकने के लिए न जाने कौनसा सलाहकार बता रहा है।
यह सरकार सिर्फ सत्ता का आनन्द लेना चाहती है । कोई भी चुनाव नहीं कराना चाहती है।सरकार को चुनाव कराने पड़ेंगे बेहतरी इसी में है । आपके लोग लड़ेंगे और हमारे लोग चुनाव लड़ेगे , चुनाव में हार जीत भले ही किसी की हो , सरकार जल्द ही छात्रसंघ चुनाव कराने का फैसला ले । इससे पहले श्री सचिन पायलट जी ने सत्यपाल मलिक के निधन पर शोक जताकर कहा कि सत्यपाल मलिक ने हमेशा किसानों की लड़ाई लड़ी ।
प्रदर्शन में शामिल विधायक अभिमन्यु पूनिया ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर किसी भी छात्र पर मुकदमा दर्ज किया गया, तो कांग्रेस इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि हम हर कीमत पर छात्रसंघ चुनाव बहाल कराएंगे। वहीं, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने जोर देकर कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं के लिए बेहद जरूरी हैं, क्योंकि ये मंच उन्हें नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर देता है। भाकर ने आगामी दिनों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
शाहपुरा विधायक और राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष मनीष यादव ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है। सचिन पायलट देश के युवाओं की आवाज हैं और हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे।
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