12 से 14 सितम्बर को जयपुर में होगा आरडीटीएम 2025

० आशा पटेल ० 
जयपुर : फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) और राजस्थान पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (आरडीटीएम) 2025 की पाँचवे संस्करण की स्टेकहोल्डर्स’ मीट का आयोजन आईटीसी राजपूताना, जयपुर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजस्थान पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव तथा राजस्थान पर्यटन विभाग, आयुक्त रूक्मणि रियार रहे। 
कार्यक्रम में अपूर्व कुमार, पूर्व अध्यक्ष, एफएचटीआर, कुलदीप सिंह चंदेला, अध्यक्ष, एफएचटीआर, सुरेन्द्र एस. शाहपुरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, एफएचटीआर, सीए वीरेंद्र एस. शेखावत, महासचिव, एफएचटीआर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े अनेक विशेषज्ञों, इंडस्ट्री लीडर्स और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में आगामी राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट 2025 की दिशा, स्वरूप और पर्यटन उद्योग के लिए चर्चा हुई।
कार्यक्रम में राजस्थान पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने कहा कि भारत में पर्यटन की अद्भुत अनुभूति राजस्थान में हमेशा से रही है और आगे भी बनी रहेगी। 2023-24 के आँकड़ों के अनुसार, राजस्थान घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पसंद में पाँचवें स्थान पर है, जहाँ दोनों श्रेणियों में राज्य का हिस्सा 7-8% है। राज्य सरकार ने आतिथ्य क्षेत्र के लिए विशेष योजनाएँ भी लागू की हैं। ऐतिहासिक स्मारकों के साथ ही अब पर्यटन में नई सम्भावनाओं के भी द्वार खुल रहें हैं। 

आज का पर्यटक ऐतिहासिक स्मारकों से आगे अनुभव आधारित पर्यटन को भी एक्सप्लोर करना चाहता है। उन्होंने कहा कि अब हमें पर्यटन के नए डेस्टिनेशन को विकसित करने की ओर आगे बढ़ाना होगा। राज्य सरकार नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ढांचागत सुविधाएं विकसित करने प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं। राज्य सरकार की ओर से पर्यटन के क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपयों के कार्य किये जा रहें हैं। सरकार पांच वर्षों में पांच हजार करोड़ रुपये पर्यटन विकास खर्च कर राजस्थान को पर्यटन का सिरमौर बनाने हेतु कार्य कर रही है।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि हमने सभी जिला कलेक्टरों को पर्यटन की नई संभावनाओं पर काम करने के लिए पत्र लिख कर निर्देशित किया है कि कलेक्टर अपने जिलों में ऐसे संभावित स्थलों की पहचान करवाएँ जिसमें ऐतिहासिक स्मारक और अनछुए विरासत स्थल की पहचान हो सके, प्राकृतिक आकर्षण जैसे झीलें, झरने, टीले, जंगल और पहाड़ियाँ को पहचान हो सके,

सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण गाँव, मेले और त्यौहार की पहचान हो सके, क्षेत्रीय/राष्ट्रीय महत्व के धार्मिक या आध्यात्मिक स्थल की पहचान होसके, साहसिक, पारिस्थितिक पर्यटन या स्वास्थ्य पर्यटन के लिए उपयुक्त स्थल की पहचान हो सके, स्थानीय कलाएँ, शिल्प, व्यंजन या जीवंत परंपराएँ जिन्हें अनुभवात्मक पर्यटन के लिए तैयार किया जा सकता है उनकी भी पहचान हो सके।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि जिला कलेक्टर्स को पत्र लिख कर प्रमुख पर्यटन स्थलों की एक व्यापक ऑडिट किया जाने के लिए निर्देशित किया गया है। जिसमें 1. पहुँच में आसानी, 2. स्वच्छता और स्वास्थ्य, 3. सुरक्षा और संरक्षा, 4. पर्यटक सुविधाएँ, 5. स्मारक की स्थिति, 6. डिजिटल तैयारी और पर्यटक सूचना जैसे छह मूल्यांकन मानदंड शामिल है। राजेश यादव ने कहा कि स्टेकहोल्डर्स भी नए सुझाव दें जिन पर कार्य कर पर्यटन को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि जैसलमेर जैसे कुछ पारम्परिक स्थान हैं जहाँ ओवर पर्यटन को भी संतुलित किया जाना आवश्यक है।

 अब समय है कि हम ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा दें और नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करें ताकि वे पर्यटन से जुड़कर राजस्थान को और आगे ले जा सकें। इस अवसर पर एफएचटीआर के महासचिव सीए वीरेंद्र एस शेखावत ने कहा: “एफएचटीआर, राजस्थान पर्यटन उद्योग की सर्वोच्च संस्था है, जिसे होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान और राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स का सहयोग प्राप्त है। यह संस्था हमेशा से पर्यटन को बढ़ावा देने में अग्रणी रही है एक ओर सरकार के साथ नीतिगत पैरवी करती है और दूसरी ओर आतिथ्य उद्योग के सामने राजस्थान के विविध पर्यटन उत्पादों को प्रस्तुत करती है।

 एफएचटीआर अध्यक्ष कुलदीप सिंह चंदेला ने कहा: पर्यटन जगत एक परिवार की तरह है और सभी का सहयोग इसे मजबूती देता है। हमें इस क्षेत्र में अनुसंधान संस्थान स्थापित कर छात्रों को जागरूक करना होगा। मैं सरकार द्वारा एफएचटीआर को अंतर्राष्ट्रीय मंच देने के लिए आभार प्रकट करता हूँ। आरडीटीएम से पहले रोड शो और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोशन से पर्यटन को नई ऊँचाइयाँ मिली हैं।

कार्यक्रम में राजस्थान पर्यटन विभाग,आयुक्त श्रीमती रूक्मणि रियार ने कहा : 2019 से 2025 के बीच पर्यटन क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है देश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 20% बढ़ा है और इस अवधि में खर्च में 9% की वृद्धि दर्ज हुई है। एफएचटीआर ने भारत में 25 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5-6 प्रमुख कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की है। अब समय है कि हम राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट को वैश्विक मंच पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करें।

 आरडीटीएम का पाँचवाँ संस्करण 12 से 14 सितंबर 2025 तक जयपुर में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। इनमें शामिल हैं: इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए), होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (एचआरएआर), राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (राटो), इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ), 

एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (एडीटीओआई), पैसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन (पाटा), ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इवेंट्स एंड हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स, और ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टाई)। ये सभी संस्थाएं आरडीटीएम के सफल आयोजन में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। आरडीटीएम के पिछले संस्करण में 240 से अधिक राष्ट्रीय बायर्स और 280 राजस्थान-आधारित सेलर्स ने भाग लिया था। 

इस दौरान 7,000 से अधिक बी2बी मीटिंग्स आयोजित की गईं, जिससे होटल बुकिंग्स, क्यूरेटेड अनुभवों और डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए कई प्रभावशाली लीड्स प्राप्त हुईं।  इस मंच ने राज्य के पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने में अपनी प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से सिद्ध की है। आरडीटीएम 2025 से इस वर्ष और अधिक सहभागिता और व्यावसायिक अवसरों की अपेक्षा की जा रही है। 

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